आंगनबाड़ी कर्मचारी महासंघ एवं समृद्ध भारतीय मजदूर संघ के बैनर तले शुक्रवार को जिले की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर OBC सर्वे सहित गैर-आईसीडीएस कार्यों से मुक्त रखने और लंबित मानदेय का शीघ्र भुगतान कराने की मांग की।

ज्ञापन में आंगनबाड़ी कर्मचारियों ने बताया कि कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की जिम्मेदारी एकीकृत बाल विकास सेवा (ICDS) की छह सेवाओं के संचालन तक सीमित है। इसके बावजूद उन्हें बार-बार OBC सर्वे सहित अन्य गैर-विभागीय कार्यों में लगाया जा रहा है। संगठन ने कहा कि शासन स्तर पर भी आंगनबाड़ी कर्मियों से गैर-आईसीडीएस कार्य नहीं कराने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं, लेकिन उनका पालन नहीं किया जा रहा है।

कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि OBC सर्वे के साथ-साथ सुबह 8 बजे से 12 बजे तक नियमित विभागीय कार्य करने का भी दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अतिरिक्त कार्य के बावजूद किसी प्रकार की प्रोत्साहन राशि नहीं दी जाती, जिससे अल्प मानदेय पर कार्य कर रही महिलाओं पर दोहरा बोझ पड़ रहा है।

ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि आंगनबाड़ी कर्मियों का पिछले 5 माह से मानदेय लंबित है। इसके अलावा मोबाइल रिचार्ज की राशि भी समय पर उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। कर्मचारियों ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क की समस्या के कारण ऑनलाइन कार्य करने में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

आंगनबाड़ी कर्मचारी महासंघ ने जिला प्रशासन से मांग की कि कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को गैर-आईसीडीएस कार्यों, विशेष रूप से OBC सर्वे, से मुक्त रखा जाए। साथ ही लंबित मानदेय का एकमुश्त भुगतान कराया जाए और मोबाइल रिचार्ज सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएं।

ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रदेश उपाध्यक्ष शिव कुंवर, जिला अध्यक्ष प्रियंका शर्मा, जिला मंत्री भगवती देवी शर्मा सहित जिलेभर की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं उपस्थित रहीं। कर्मचारियों ने प्रशासन से अपनी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई की अपेक्षा जताई।

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