अरनोद में उमड़ेगा आस्था का सैलाब: भव्य हिंदू सम्मेलन की तैयारी के लिए आयोजन समिति का शंखनाद
अरनोद में 24 जनवरी 2026 को आयोजित होने वाले भव्य हिंदू सम्मेलन की तैयारियां तेज हो गई हैं। सुनील व्यास के संयोजन और कर्नल जयराज सिंह के मार्गदर्शन में गठित समिति ने इस ऐतिहासिक आयोजन की रूपरेखा तैयार कर ली है। कलश यात्रा और संतों के पाथेय से सजे इस कार्यक्रम का उद्देश्य हिंदू समाज में एकता और सांस्कृतिक चेतना जागृत करना है। जानिए अरनोद के इस विराट समागम की पूरी योजना।

अरनोद। धर्म और संस्कृति की धरा अरनोद में आगामी 24 जनवरी को एक ऐतिहासिक आध्यात्मिक समागम की पटकथा लिखी जा रही है। हिंदू समाज की एकता, सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक समरसता को नई ऊर्जा देने के उद्देश्य से प्रस्तावित 'हिंदू सम्मेलन' को लेकर क्षेत्र में उत्साह का वातावरण निर्मित होने लगा है। इस विराट आयोजन को सुव्यवस्थित और भव्य रूप देने के लिए अरनोद मंडल की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें सर्वसम्मति से आयोजन समिति का गठन कर जिम्मेदारियों का बंटवारा किया गया। यह बैठक केवल एक चर्चा मात्र नहीं थी, बल्कि आने वाले समय में क्षेत्र की सांस्कृतिक एकजुटता को प्रदर्शित करने वाला एक संकल्प बनकर उभरी।
बैठक के दौरान कार्यक्रम की रूपरेखा पर गहन विमर्श किया गया, जिसमें निर्णय लिया गया कि आगामी 24 जनवरी 2026 को दोपहर 12.15 बजे अरनोद की पावन धरा पर इस भव्य सम्मेलन का श्रीगणेश होगा। आयोजन के सफल क्रियान्वयन के लिए नियुक्तियों की घोषणा करते हुए सुनील व्यास को कार्यक्रम संयोजक की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनके साथ नितेश शास्त्री को सहसंयोजक, रवि परमार को कोषाध्यक्ष तथा भवानी मेनारिया को प्रचार प्रमुख मनोनीत किया गया है, जो इस आयोजन की सूचना जन-जन तक पहुँचाने का कार्य करेंगे। कार्यक्रम के मार्गदर्शक और पालक के रूप में कर्नल जयराज सिंह की भूमिका तय की गई है, जिनके नेतृत्व में पूरी टीम इस महाकुंभ को सफल बनाने के लिए जुटी हुई है।
इस हिंदू सम्मेलन के स्वरूप को लेकर समिति ने स्पष्ट किया कि कार्यक्रम का आकर्षण भव्य कलश यात्रा होगी, जो भक्तिमय परिवेश का निर्माण करेगी। इसके साथ ही, सम्मेलन में उपस्थित होने वाले पूज्य संतों का पावन आशीर्वाद और उनके द्वारा प्रदान किया जाने वाला प्रेरक पाथेय समाज को नई दिशा दिखाने का कार्य करेगा। बैठक में मौजूद सदस्यों ने सामूहिक स्वर में कहा कि वर्तमान समय में सामाजिक समरसता और एकजुटता अनिवार्य है, और यह सम्मेलन प्रत्येक वर्ग की सहभागिता के साथ एक मील का पत्थर साबित होगा।
आयोजन समिति ने न केवल अरनोद मंडल, बल्कि आसपास के समस्त क्षेत्रों के हिंदू समाज से इस पुनीत कार्य में तन, मन और धन से अपना योगदान सुनिश्चित करने की भावपूर्ण अपील की है। समिति का लक्ष्य इस समागम को केवल एक कार्यक्रम तक सीमित न रखकर इसे एक ऐतिहासिक सांस्कृतिक उत्सव में परिवर्तित करना है। तैयारियों के इस शंखनाद ने स्पष्ट कर दिया है कि 24 जनवरी को अरनोद में होने वाला यह सम्मेलन न केवल आस्था का संगम होगा, बल्कि समाज के भीतर एकता और गौरव की एक नई लहर पैदा करेगा।

Dilip Sen, Pratapgarh
नाम: दिलीप सेन
वर्तमान पद: रिपोर्टर, जिला मुख्यालय (प्रातः काल)
कार्यक्षेत्र: प्रतापगढ़ जिला (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): क्राइम, राजनीति, और धर्म-कर्म
परिचय
दिलीप सेन राजस्थान के प्रतापगढ़ जिला मुख्यालय पर रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह मुख्य रूप से प्रतापगढ़ जिले और जिला मुख्यालय से जुड़े आपराधिक मामलों (क्राइम), स्थानीय राजनीति और धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों (धर्म-कर्म) की खबरों को कवर करते हैं। इन विषयों में उनकी विशेष रुचि और अच्छी पकड़ है।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
दिलीप सेन को मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में विभिन्न प्रिंट और डिजिटल न्यूज़ चैनलों के साथ काम करने का अनुभव है। वह निम्नलिखित मीडिया संस्थानों से जुड़े रहे हैं:
- दैनिक भास्कर
- सीधा सवाल
- सच बेधड़क न्यूज़ चैनल
- प्रातः काल (जिसके साथ वह साल 2025 से निरंतर जुड़े हुए हैं)
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी शिक्षा 12वीं पास तक पूरी की है।
