प्रतापगढ़ में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब: यादे माता की भव्य शोभायात्रा में गूंजे जयकारे, पुष्प वर्षा से महक उठा शहर
प्रतापगढ़ में यादे माता जयंती पर सकल प्रजापत समाज द्वारा भव्य शोभायात्रा निकाली गई। ढोल-नगाड़ों और पुष्प वर्षा के साथ शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरी इस यात्रा में राजस्थान और मध्य प्रदेश के हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। कांतिलाल प्रजापत की देखरेख में आयोजित इस धार्मिक उत्सव ने शहर को भक्तिमय कर दिया। पूरी खबर पढ़ें।

प्रतापगढ़। राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले में आज भक्ति और आस्था का एक ऐसा विहंगम दृश्य देखने को मिला, जिसने पूरे शहर को धर्ममय कर दिया। अवसर था यादे माता जयंती का, जिसे सकल प्रजापत समाज द्वारा बेहद हर्षोल्लास और भव्यता के साथ मनाया गया। आस्था के इस महाकुंभ में न केवल स्थानीय श्रद्धालुओं ने शिरकत की, बल्कि पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश और आसपास के जिलों से आए हजारों समाजजनों की उपस्थिति ने इस उत्सव को ऐतिहासिक बना दिया।
शोभायात्रा का आगाज़ शहर के प्राचीन यादे माता मंदिर से हुआ, जहाँ माता के जयकारों के साथ समूचा वातावरण गूंज उठा। जैसे ही शोभायात्रा ने प्रस्थान किया, ढोल-नगाड़ों की थाप और भक्ति संगीत की मधुर धुनों पर श्रद्धालु स्वयं को थिरकने से नहीं रोक पाए। हाथों में धर्म ध्वजा थामे युवाओं और मंगल कलश लिए महिलाओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। यह शोभायात्रा शहर के विभिन्न संकरी गलियों और मुख्य बाजारों से होती हुई जब गांधी चौराहा पहुंची, तो वहां का नजारा अद्भुत था। विभिन्न सामाजिक संगठनों और प्रबुद्ध नागरिकों द्वारा पूरी शोभायात्रा पर पुष्प वर्षा कर माता के भक्तों का भावभीना स्वागत किया गया।
प्रजापत समाज के प्रतिनिधि कांतिलाल प्रजापत ने इस आयोजन की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यादे माता की जयंती समाज के लिए केवल एक पर्व नहीं, बल्कि अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ने का एक माध्यम है। उन्होंने विस्तार से जानकारी दी कि प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी परंपराओं का निर्वहन करते हुए इस भव्य आयोजन की रूपरेखा तैयार की गई थी। कांतिलाल प्रजापत ने यह भी साझा किया कि इस आयोजन में मध्य प्रदेश और राजस्थान के अन्य क्षेत्रों से आए अतिथियों का समाज द्वारा पुष्पमालाएं पहनाकर आत्मीय स्वागत किया गया, जो समाज की एकजुटता और आतिथ्य सत्कार की गौरवशाली परंपरा को दर्शाता है।
नगर भ्रमण के पश्चात शोभायात्रा का समापन पुनः यादे माता मंदिर परिसर में हुआ, जहाँ माता की महाआरती उतारी गई। महाआरती के समय मंदिर का प्रांगण दीपों की रोशनी और श्रद्धा के उल्लास से सराबोर दिखा। आयोजकों के अनुसार, इस धार्मिक अनुष्ठान का समापन देर शाम आयोजित होने वाली भव्य भजन संध्या और महाप्रसादी के साथ होगा, जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालु भक्ति रस का आनंद लेंगे। यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि इसने सामाजिक समरसता और अटूट आस्था का एक सशक्त संदेश भी प्रसारित किया है।

Dilip Sen, Pratapgarh
नाम: दिलीप सेन
वर्तमान पद: रिपोर्टर, जिला मुख्यालय (प्रातः काल)
कार्यक्षेत्र: प्रतापगढ़ जिला (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): क्राइम, राजनीति, और धर्म-कर्म
परिचय
दिलीप सेन राजस्थान के प्रतापगढ़ जिला मुख्यालय पर रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह मुख्य रूप से प्रतापगढ़ जिले और जिला मुख्यालय से जुड़े आपराधिक मामलों (क्राइम), स्थानीय राजनीति और धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों (धर्म-कर्म) की खबरों को कवर करते हैं। इन विषयों में उनकी विशेष रुचि और अच्छी पकड़ है।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
दिलीप सेन को मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में विभिन्न प्रिंट और डिजिटल न्यूज़ चैनलों के साथ काम करने का अनुभव है। वह निम्नलिखित मीडिया संस्थानों से जुड़े रहे हैं:
- दैनिक भास्कर
- सीधा सवाल
- सच बेधड़क न्यूज़ चैनल
- प्रातः काल (जिसके साथ वह साल 2025 से निरंतर जुड़े हुए हैं)
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी शिक्षा 12वीं पास तक पूरी की है।
