अचनारा में उमड़ा भक्ति का सैलाब: संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के शुभारंभ पर निकली भव्य कलश यात्रा
ग्राम अचनारा के श्री हनुमान जी मंदिर में स्वामी नित्यानंद जी महाराज के सान्निध्य में संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा का भव्य आयोजन शुरू हुआ। पं. राजेश जोशी के मुखारविंद से कथा सुनने के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। भव्य कलश यात्रा और भक्तिमय जयघोष के साथ पूरे गांव में उत्सव का माहौल है। क्षेत्र की प्रमुख धार्मिक हलचल और भक्ति रस से जुड़ा पूरा समाचार यहाँ पढ़ें।

अचनारा। धर्म, आस्था और भक्ति की त्रिवेणी में सराबोर ग्राम अचनारा इन दिनों आध्यात्मिक रंग में रंगा नजर आ रहा है। यहाँ के प्राचीन श्री हनुमान जी मंदिर परिसर में आयोजित हो रही सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा ने पूरे क्षेत्र के वातावरण को मंगलमय बना दिया है। श्री श्री 1008 श्री बहुलीन स्वामीजी नित्यानंद जी महाराज के पावन सान्निध्य में आयोजित इस धर्म अनुष्ठान का आगाज एक भव्य और ऐतिहासिक कलश यात्रा के साथ हुआ, जिसने गांव की गलियों को वृंदावन की गलियों जैसा जीवंत बना दिया।
धार्मिक परंपराओं के निर्वहन के साथ शुरू हुई इस कलश यात्रा में अचनारा के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों से आए श्रद्धालु भी बड़ी संख्या में शामिल हुए। पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिलाएं अपने सिर पर मंगल कलश धारण कर जब भक्ति गीतों की धुन पर निकलीं, तो पुष्पवर्षा के बीच पूरा गांव श्रद्धा से नतमस्तक हो उठा। पुरुष भक्त ढोल-मजीरों की थाप पर भजन-कीर्तन करते हुए जयघोष कर रहे थे। यात्रा के दौरान 'जय श्री कृष्णा', 'जय श्री श्याम' और 'महावीर फतेह' के गगनभेदी उद्घोष से आकाश गूंज उठा, जिससे ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो साक्षात देवलोक अचनारा की धरा पर उतर आया हो।
इस कथा के मुख्य वाचक पं. राजेश जोशी (करना खेड़ी, दलोदा) हैं, जिनके मुखारविंद से प्रवाहित हो रही कथा की अमृतधारा को सुनने के लिए प्रतिदिन दोपहर 11 बजे से सायं 3 बजे तक श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है। व्यासपीठ से कथा का वाचन करते हुए पंडित जी ने श्रीमद्भागवत के महत्व को प्रतिपादित किया और जीवन में धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। 8 जनवरी 2026 से प्रारंभ हुआ यह आयोजन 14 जनवरी 2026 तक अनवरत जारी रहेगा, जिसमें प्रतिदिन भगवान की विभिन्न लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन किया जा रहा है।
आयोजन की व्यवस्थाओं को सुचारू बनाने में आयोजनकर्ता पं. राजेन्द्र जोशी (करना खेड़ी) एवं समस्त ग्रामवासी अचनारा पूरी तन्मयता से जुटे हुए हैं। आयोजकों ने क्षेत्रवासियों से विनम्र अपील की है कि वे इस आध्यात्मिक महायज्ञ में अधिक से अधिक संख्या में पधारकर कथा श्रवण करें और अपने जीवन को कृतार्थ करें। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति और उनकी अटूट श्रद्धा इस आयोजन की सफलता को स्वयं बयां कर रही है। अचनारा का यह धार्मिक उत्सव न केवल भक्ति का केंद्र बना है, बल्कि इसने ग्रामीण एकता और सांस्कृतिक गौरव को भी एक नई ऊर्जा प्रदान की है।

Dilip Sen, Pratapgarh
नाम: दिलीप सेन
वर्तमान पद: रिपोर्टर, जिला मुख्यालय (प्रातः काल)
कार्यक्षेत्र: प्रतापगढ़ जिला (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): क्राइम, राजनीति, और धर्म-कर्म
परिचय
दिलीप सेन राजस्थान के प्रतापगढ़ जिला मुख्यालय पर रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह मुख्य रूप से प्रतापगढ़ जिले और जिला मुख्यालय से जुड़े आपराधिक मामलों (क्राइम), स्थानीय राजनीति और धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों (धर्म-कर्म) की खबरों को कवर करते हैं। इन विषयों में उनकी विशेष रुचि और अच्छी पकड़ है।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
दिलीप सेन को मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में विभिन्न प्रिंट और डिजिटल न्यूज़ चैनलों के साथ काम करने का अनुभव है। वह निम्नलिखित मीडिया संस्थानों से जुड़े रहे हैं:
- दैनिक भास्कर
- सीधा सवाल
- सच बेधड़क न्यूज़ चैनल
- प्रातः काल (जिसके साथ वह साल 2025 से निरंतर जुड़े हुए हैं)
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी शिक्षा 12वीं पास तक पूरी की है।
