प्रतापगढ़ में 53 आदिवासी मजदूरों को महाराष्ट्र से मुक्त कराया गया, दलालों के खिलाफ कार्रवाई
प्रतापगढ़ पुलिस ने महाराष्ट्र के शोलापुर जिले से 53 आदिवासी मजदूरों को सुरक्षित मुक्त कराया। दलालों सीताराम पाटिल और खान के खिलाफ मामला दर्ज, मजदूरों को झांसे में लेकर बंधक बनाया गया था। कार्रवाई से मानव तस्करी और मजदूरी धोखाधड़ी के खिलाफ सख्त संदेश गया।

छोटीसादड़ी, प्रतापगढ़: प्रतापगढ़ पुलिस ने एक गंभीर मानव तस्करी और मजदूरी धोखाधड़ी के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 53 आदिवासी मजदूरों को महाराष्ट्र के शोलापुर जिले से सुरक्षित मुक्त कराया। इनमें 13 महिलाएं और 40 पुरुष शामिल थे। जिला पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य ने आधी रात को प्रेस वार्ता कर इस सनसनीखेज घटना का खुलासा किया।
जानकारी के अनुसार, 22 दिसंबर को पुलिस को सूचना मिली थी कि प्रतापगढ़ जिले के घंटाली, पीपलखूंट और पारसोला थाना क्षेत्रों के ग्राम वरदा, जामली, मालिया, गोठड़ा, उमरिया पाड़ा, बड़ा काली घाटी, ठेसला और कुमारी सहित अन्य गांवों के करीब 100 आदिवासी मजदूरों को दो माह पूर्व उच्च मजदूरी का झांसा देकर महाराष्ट्र ले जाया गया था। दलाल सीताराम पाटिल (महाराष्ट्र) और खान (अलवर, राजस्थान) ने मजदूरों को प्रति व्यक्ति 500 रुपये, मुफ्त भोजन और रहने की सुविधा का लालच दिया।
महाराष्ट्र के शोलापुर जिले के अकलूज थाना क्षेत्र के जाबुड़ गांव में मजदूरों को अलग-अलग जमींदारों के गन्ने के खेतों में जबरन काम पर लगाया गया। आरोप है कि दलालों ने जमींदारों से मजदूरी के नाम पर करीब 27.50 लाख रुपये एडवांस में ले लिए, लेकिन मजदूरों को एक भी पैसा नहीं दिया। मजदूरी मांगने पर मजदूरों के साथ मारपीट की गई और उन्हें फार्महाउस व बाड़ों में बंधक बनाकर काम कराया गया। महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार की भी शिकायतें सामने आई।
कुछ मजदूर मौका पाकर भाग निकले, जबकि 53 मजदूर बंधक बने रहे। सूचना मिलने पर पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य के निर्देश पर घंटाली थाना उपनिरीक्षक सोहनलाल के नेतृत्व में टीम महाराष्ट्र रवाना हुई। कड़ी मशक्कत के बाद अलग-अलग स्थानों से सभी 53 मजदूरों को मुक्त कराया गया। मजदूरों के पास खाने-पीने और लौटने के लिए पैसे नहीं थे, जिस पर जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों के सहयोग से उन्हें सुरक्षित प्रतापगढ़ लाया गया।
पुलिस ने घंटाली थाने में आरोपियों सीताराम पाटिल और खान के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। रेस्क्यू किए गए सभी मजदूरों को उनके गांव सुरक्षित पहुंचाया जाएगा। इस कार्रवाई से प्रतापगढ़ में मानव तस्करी और मजदूरी धोखाधड़ी के खिलाफ सख्त संदेश गया है।
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Pratahkal Bureau
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