प्रतापगढ़। मरीजों की जान बचाने के लिए सायरन बजाती दौड़ने वाली 108 एम्बुलेंस सोमवार रात खुद मौत का सबब बन गई। राष्ट्रीय राजमार्ग-56 पर सुहागपुरा थाना क्षेत्र में एक भीषण सड़क हादसे ने दो परिवारों की खुशियां छीन लीं। पीपलखूंट से प्रतापगढ़ जिला अस्पताल की ओर आ रही 108 एम्बुलेंस और मोटरसाइकिल की आमने-सामने भिड़ंत में दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई।

हादसा सोमवार रात करीब 8:35 बजे बंजारी फंटा के पास हुआ। जानकारी के अनुसार, पीपलखूंट की 108 एम्बुलेंस एक एक्सीडेंट रैफर केस को लेकर जिला अस्पताल प्रतापगढ़ आ रही थी। इसी दौरान सामने से आ रही मोटरसाइकिल से उसकी जबरदस्त टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए, वहीं एम्बुलेंस का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।

मोटरसाइकिल पर शंकर मीणा (23) पुत्र कारूलाल मीणा निवासी मोटा मायंगा, प्रकाश मीणा (21) पुत्र मोहन मीणा निवासी बिलड़ी और भगवती मीणा पत्नी मोहन मीणा निवासी बिलड़ी सवार थे। टक्कर के साथ ही शंकर मीणा और प्रकाश मीणा ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि भगवती मीणा गंभीर रूप से घायल हो गई।

सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य के निर्देश पर सुहागपुरा थानाधिकारी मनीष वैष्णव पुलिस जाप्ते के साथ मौके पर पहुंचे। एम्बुलेंस को प्रतापगढ़ कोतवाली में डिटेन किया गया, जबकि चालक सोहन मीणा निवासी कटारों का खेड़ा (पीपलखूंट) को पूछताछ के लिए पीपलखूंट थाने ले जाया गया। पुलिस ने हादसे की जांच शुरू कर दी है।

बताया गया कि तीनों इलाज के लिए घर से निकले थे। प्रकाश मीणा के मुंह में छाले होने के कारण उसने अपने रिश्तेदार शंकर मीणा को फोन कर सेमलिया चलने को कहा था। मजदूरी से लौटे शंकर मीणा बाइक लेकर बिलड़ी पहुंचे और प्रकाश व उसकी मां भगवती को इलाज के लिए साथ लेकर निकले, लेकिन रास्ते में यह दर्दनाक हादसा हो गया।

घायल भगवती मीणा को उसी 108 एम्बुलेंस से जिला अस्पताल प्रतापगढ़ पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उदयपुर रैफर कर दिया गया। चिकित्सकों के अनुसार महिला की स्थिति नाजुक बनी हुई है।

हादसे के बाद मोटा मायंगा और बिलड़ी गांव में शोक की लहर दौड़ गई। मृतकों के शवों को जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया। पुलिस और प्रशासन की समझाइश के बाद बुधवार सुबह परिजनों की रिपोर्ट पर पोस्टमार्टम कराया गया, जिसके बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए।

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि एम्बुलेंस अत्यधिक तेज गति में थी, जिससे चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका। इस हादसे ने जिले में संचालित 108 एम्बुलेंस सेवाओं की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रतापगढ़ जिले में वर्तमान में करीब 20 एम्बुलेंस संचालित हो रही हैं, जिनमें से कई तकनीकी रूप से अनफिट और खटारा हालत में बताई जा रही हैं। इसके बावजूद इन्हें लगातार सड़कों पर दौड़ाया जा रहा है। हाल ही में जिला अस्पताल से मरीज छोड़कर लौट रही एक 108 एम्बुलेंस के पलटने की घटना भी सामने आ चुकी है। ऐसे में यह हादसा न सिर्फ दो युवकों की मौत का कारण बना, बल्कि आपातकालीन सेवाओं की सुरक्षा और विश्वसनीयता पर भी गहरी चोट छोड़ गया है।

Pratahkal Bureau

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