MP बांसुरी स्वराज और रक्षा खडसे हुई गिरफ्तार ; उग्र प्रदर्शन के दौरान दिल्ली में मचा हड़कंप
दिल्ली में महिला आरक्षण विधेयक के लोकसभा में पारित न होने के बाद बीजेपी कार्यकर्ताओं के विरोध प्रदर्शन के दौरान रक्षास खडसे और बांसुरी स्वराज को पुलिस ने हिरासत में लिया। प्रदर्शन राहुल गांधी के आवास की ओर बढ़ रहा था। विधेयक के परिसीमन से जुड़े विवाद ने राजनीतिक तनाव बढ़ा दिया।

राजधानी दिल्ली में उस समय राजनीतिक माहौल गरमा गया जब संसद में महिला आरक्षण विधेयक को अपेक्षित समर्थन न मिलने और उसके वर्तमान स्वरूप में पारित न हो पाने के बाद भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस प्रदर्शन के दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री (युवा मामले एवं खेल) रक्षास खडसे और बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज को दिल्ली पुलिस ने संक्षिप्त रूप से हिरासत में ले लिया।
जानकारी के अनुसार, यह विरोध मार्च विपक्ष के नेता राहुल गांधी के आवास की ओर बढ़ रहा था। प्रदर्शनकारी बीजेपी कार्यकर्ता महिला आरक्षण विधेयक से जुड़े हालिया राजनीतिक घटनाक्रम से नाराज थे और इसी मुद्दे को लेकर अपनी असहमति दर्ज कराने के लिए सड़क पर उतरे थे। इसी दौरान पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए हस्तक्षेप किया और भीड़ को आगे बढ़ने से रोकते हुए कई प्रदर्शनकारियों के साथ दोनों नेताओं को भी हिरासत में लिया।
#WATCH | Delhi: Union MoS Raksha Khadse and BJP MP Bansuri Swaraj detained by Police personnel during protest march to the residence of Lok Sabha LoP Rahul Gandhi, a day after the Constitution (131st Amendment) Bill failed to pass in the Lok Sabha. pic.twitter.com/OVdpBcXR8W
— ANI (@ANI) April 18, 2026
बताया जा रहा है कि यह हिरासत अस्थायी थी और कुछ समय बाद सभी को रिहा कर दिया गया। पुलिस का यह कदम उस समय उठाया गया जब प्रदर्शन तेज होता दिख रहा था और भीड़ को नियंत्रित करना चुनौतीपूर्ण हो गया था। यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब संसद में महिला आरक्षण विधेयक अपने वर्तमान स्वरूप में पारित नहीं हो सका। विधेयक को लोकसभा में पारित होने के लिए आवश्यक दो-तिहाई बहुमत नहीं मिल पाया, जिससे यह प्रस्ताव अटक गया। इस विधेयक से जुड़ा प्रमुख विवाद इसके परिसीमन (डीलिमिटेशन) से जुड़े प्रावधान को लेकर रहा।
सरकार का तर्क था कि महिला आरक्षण को लागू करने से पहले परिसीमन आवश्यक है, ताकि संसद और विधानसभा क्षेत्रों का पुनर्निर्धारण जनसंख्या के नवीनतम आंकड़ों के आधार पर किया जा सके। वहीं, इस लिंकिंग को लेकर राजनीतिक दलों के बीच गहरा मतभेद देखने को मिला, जिसने इस मुद्दे को और अधिक जटिल बना दिया।
इस पूरे घटनाक्रम ने राजधानी की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है, जहां एक ओर विधेयक को लेकर समर्थन और विरोध की धाराएं टकरा रही हैं, वहीं दूसरी ओर सड़कों पर उतरकर हो रहे प्रदर्शन ने राजनीतिक तनाव को और बढ़ा दिया है। महिला आरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विधेयक पर जारी यह गतिरोध आने वाले समय में देश की संसदीय राजनीति में अहम प्रभाव डाल सकता है।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
