कौन हैं नेपाल की नई मिनिस्टर जिन्होंने की भारत से पढ़ाई ; जानें निशा मेहता की नियुक्ति की कहानी
नेपाल में ऐतिहासिक बदलाव के तहत भारत में प्रशिक्षित नर्स निशा मेहता को स्वास्थ्य मंत्री बनाया गया है। यह नियुक्ति विशेषज्ञता आधारित शासन और भारत-नेपाल स्वास्थ्य संबंधों को नई दिशा देने का संकेत देती है।

स्वास्थ्य एवं जनसंख्या मंत्री निशा मेहता
नेपाल की राजनीति में एक ऐतिहासिक और उल्लेखनीय बदलाव देखने को मिला है, जब पेशे से नर्स रहीं निशा मेहता को मार्च 2026 में देश का स्वास्थ्य एवं जनसंख्या मंत्री नियुक्त किया गया। 27 मार्च 2026 को उन्होंने पद और गोपनीयता की शपथ ली, और इस तरह वे उन चुनिंदा स्वास्थ्य पेशेवरों में शामिल हो गईं जिन्होंने सीधे शीर्ष राजनीतिक पद तक का सफर तय किया है।
यह नियुक्ति केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि नेपाल की बदलती राजनीतिक सोच और प्रशासनिक दृष्टिकोण का प्रतीक भी मानी जा रही है। प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह के नेतृत्व में बनी नई सरकार ने पारंपरिक राजनीति से हटकर विशेषज्ञों और पेशेवरों को शासन में शामिल करने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
निशा मेहता ने अपने करियर की शुरुआत एक क्लिनिकल नर्स के रूप में की और नेपाल के विभिन्न अस्पतालों में कार्य किया। इसके बाद उन्होंने शिक्षण और सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी योगदान दिया। राजनीति में उनका प्रवेश राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के माध्यम से हुआ, जो सुधारवादी और युवा नेतृत्व को बढ़ावा देने वाली पार्टी मानी जाती है। 2022 के आम चुनाव में उनका नाम पार्टी की आनुपातिक प्रतिनिधित्व सूची में शामिल था, हालांकि उस समय वे संसद में जगह नहीं बना सकीं। लेकिन 2026 में वे संसद के लिए निर्वाचित हुईं और शीघ्र ही उन्हें कैबिनेट में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंप दी गई। वर्तमान में वे स्वास्थ्य एवं जनसंख्या मंत्रालय के साथ-साथ जल आपूर्ति मंत्रालय का भी कार्यभार संभाल रही हैं।
कोशी प्रांत के सुनसरी जिले के इनरुवा में जन्मी निशा मेहता की यात्रा जमीनी स्तर से शुरू होकर सत्ता के शीर्ष तक पहुंची है। उन्होंने भारत के ग्वालियर स्थित पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज ऑफ नर्सिंग (जीवाजी विश्वविद्यालय से संबद्ध) से नर्सिंग में स्नातकोत्तर शिक्षा प्राप्त की, जहां उन्होंने रोगी देखभाल, स्वास्थ्य प्रबंधन और सार्वजनिक स्वास्थ्य में विशेषज्ञता हासिल की।
इसके अलावा, उन्होंने नई दिल्ली स्थित प्रतिष्ठित AIIMS से बीएससी नर्सिंग (2006–2010) की पढ़ाई की। भारत में प्राप्त यह शिक्षा उनके करियर का महत्वपूर्ण आधार बनी, जिसने उन्हें स्वास्थ्य क्षेत्र की गहरी समझ प्रदान की। प्रधानमंत्री बलेंद्र शाह के नेतृत्व में बनी नई सरकार ने भ्रष्टाचार विरोधी नीतियों, युवा नेतृत्व और विशेषज्ञता आधारित शासन को प्राथमिकता दी है। निशा मेहता की नियुक्ति इसी व्यापक रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है, जिसमें पारंपरिक राजनीतिक अनुभव के बजाय पेशेवर दक्षता को महत्व दिया जा रहा है।
यह नियुक्ति क्यों है महत्वपूर्ण:
यह फैसला कई स्तरों पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है:
- नर्सों का प्रतिनिधित्व: वैश्विक स्तर पर यह दुर्लभ उदाहरण है जब एक नर्स को स्वास्थ्य मंत्री बनाया गया हो, जो नर्सिंग पेशे के महत्व को रेखांकित करता है।
- विशेषज्ञता आधारित शासन: स्वास्थ्य क्षेत्र के व्यावहारिक अनुभव के कारण नीतियों में जमीनी हकीकत को शामिल किए जाने की संभावना बढ़ती है।
- भारत-नेपाल संबंध: भारत में प्राप्त उनकी शिक्षा दोनों देशों के बीच स्वास्थ्य और चिकित्सा सहयोग को नई दिशा दे सकती है।
निशा मेहता की नियुक्ति नेपाल में उभरते उस नए राजनीतिक दौर का संकेत है, जहां पेशेवर विशेषज्ञता को प्राथमिकता दी जा रही है। यह कदम न केवल स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार की उम्मीद जगाता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि भविष्य की राजनीति में अनुभव और ज्ञान का संतुलन कितना महत्वपूर्ण हो सकता है।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
