वायरल गर्ल मोनालिसा विवाद- भाजपा विधायकों ने एसपी को घेरा, 'फिल्मी करियर' के नाम पर निकाह के खेल की SIT जांच की मांग!
मोनालिसा भोसले विवाद में मध्य प्रदेश के भाजपा विधायकों की एंट्री। खरगोन एसपी को सौंपा ज्ञापन, SIT जांच और पासपोर्ट निरस्त करने की मांग। जानें क्या है पूरा फिल्मी करियर और निकाह का मामला।

Viral Girl Monalisa Controversy
'मोनालिसा केस' में हुई सियासी एंट्री
खरगोन/मध्य प्रदेश | 20 मार्च, 2026
प्रयागराज महाकुंभ से रातों-रात सोशल मीडिया पर वायरल हुई युवती मोनालिसा भोसले के कथित निकाह का विवाद अब केवल पारिवारिक मुद्दा नहीं रह गया है। इस मामले ने अब मध्य प्रदेश की राजनीति में बड़ा मोड़ ले लिया है। गुरुवार (19 मार्च 2026) को खरगोन जिले के स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने इस मामले में पुलिस प्रशासन के हस्तक्षेप और उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए मोर्चा खोल दिया है।
विधायकों ने एसपी को सौंपा ज्ञापन, उठाए कड़े सवाल
महेश्वर विधायक राजकुमार मेव, बड़वाह विधायक सचिन बिरला और भाजपा जिलाध्यक्ष नन्दा ब्राह्मणे ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए खरगोन एसपी रवींद्र वर्मा से मुलाकात की। जनप्रतिनिधियों ने एक स्वर में मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की जांच के लिए SIT (विशेष जांच दल) या CBI जैसी संस्थाओं को शामिल किया जाए।
विधायकों का आरोप है कि इस मामले में एक सोची-समझी साजिश और एक अंतरराज्यीय नेटवर्क के शामिल होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि युवती का पासपोर्ट तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए ताकि उसे देश से बाहर ले जाने की किसी भी कोशिश को रोका जा सके।
परिजनों के सनसनीखेज आरोप: "फिल्म के नाम पर हुआ धोखा"
मोनालिसा के परिजनों ने इस मामले में बेहद गंभीर और भावुक करने वाले आरोप लगाए हैं। परिवार का कहना है कि:
- युवती को फिल्मी करियर बनाने और बड़े पर्दे पर काम दिलाने का झांसा देकर केरल ले जाया गया था।
- वहां कथित तौर पर दबाव बनाकर और डरा-धमकाकर उसका विवाह/निकाह संपन्न कराया गया।
- परिजनों का दावा है कि युवती अभी भी अपनी उम्र के लिहाज से नासमझ है और उसे बहला-फुसलाकर ले जाया गया है।
- पिता का आरोप है कि जब उन्होंने अपनी बेटी से संपर्क करने की कोशिश की, तो उनके साथ अभद्रता की गई और परिवार को मिलने से रोका गया।
- परिवार को अंदेशा है कि उसे विदेश भेजने की भी गहरी साजिश रची जा सकती है।
सियासी बयानबाजी: "बेटी की सुरक्षा सर्वोपरि"
विधायक सचिन बिरला ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा, "हमारे क्षेत्र की बेटी की सुरक्षा हमारी और प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। हम किसी भी कीमत पर अपनी बेटियों के साथ ऐसा अन्याय नहीं होने देंगे।" वहीं, राजकुमार मेव ने कहा कि इस मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच बहुत जरूरी है ताकि यह साफ हो सके कि क्या किसी कानूनी प्रक्रिया का उल्लंघन हुआ है।
पुलिस का पक्ष: FIR दर्ज, जांच के लिए टीमें गठित
मामले की गंभीरता को देखते हुए खरगोन एसपी रवींद्र वर्मा ने स्पष्ट किया है कि पुलिस मामले को पूरी संवेदनशीलता से देख रही है। उन्होंने बताया कि:
- इस मामले में पहले ही संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज की जा चुकी है।
- पासपोर्ट से जुड़े कानूनी पहलुओं और दस्तावेजों की जांच के लिए पासपोर्ट कार्यालय और संबंधित एजेंसियों से संपर्क साधा जा रहा है।
- युवती की सुरक्षा सुनिश्चित करने और तथ्यों का पता लगाने के लिए पुलिस की विशेष टीमें गठित की गई हैं, जो अन्य राज्यों के संपर्क में भी हैं।
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
यह मामला न केवल राजनीतिक गलियारों में बल्कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर भी 'ट्रेंड' कर रहा है। 'मोनालिसा भोसले' के नाम से सोशल मीडिया पर लोग दो गुटों में बंटे नजर आ रहे हैं। जहाँ एक पक्ष इसे दो वयस्कों का निजी मामला बता रहा है, वहीं दूसरा पक्ष इसे 'ट्रैपिंग' और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ा गंभीर मुद्दा मानकर कठोर कार्रवाई की मांग कर रहा है।
खरगोन का यह मामला अब पूरी तरह से हाई-प्रोफाइल हो चुका है। एक ओर जहाँ परिजनों के आंसू और सुरक्षा की गुहार है, वहीं दूसरी ओर जनप्रतिनिधियों के दबाव ने पुलिस प्रशासन पर जल्द नतीजे देने का बोझ बढ़ा दिया है। आने वाले दिनों में पुलिस की जांच और बरामद होने वाले सबूत ही यह तय करेंगे कि यह मामला प्रेम और विवाह का है या फिर किसी बड़े संगठित अपराध का हिस्सा।

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