चुनाव जीतते ही चेन्नई पहुंचे विजय ; पेरियार-आंबेडकर की श्रद्धांजलि क्या है कोई सियासी रणनीति?
तमिलनाडु में अभिनेता-राजनेता विजय ने पेरियार और डॉ. आंबेडकर को श्रद्धांजलि देकर राजनीतिक संकेत दिए। 108 सीटें जीतकर उनकी पार्टी सबसे बड़ी बनकर उभरी है और अब सरकार गठन के लिए रणनीति बनाई जा रही है, जिससे राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव संभव है।

तमिलगा वेत्री कषगम नेता विजय ने पेरियार और आंबेडकर को दी श्रद्धांजलि
तमिलनाडु की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत के संकेत देते हुए अभिनेता-से-राजनेता बने विजय ने 5 मई 2026 को सामाजिक न्याय के दो महान प्रतीकों पेरियार ई. वी. रामासामी और डॉ. बी. आर. आंबेडकर की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। यह घटना तमिलनाडु विधानसभा चुनाव परिणामों के ठीक एक दिन बाद हुई, जिसने इस कदम को केवल एक औपचारिक श्रद्धांजलि से कहीं अधिक महत्व दे दिया है।
चुनावी परिदृश्य में विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कषगम ने अभूतपूर्व प्रदर्शन करते हुए 234 में से 108 सीटें जीतकर पारंपरिक डीएमके–एआईएडीएमके वर्चस्व को गहरी चुनौती दी है। हालांकि पार्टी पूर्ण बहुमत से कुछ सीटें दूर रह गई, लेकिन सबसे बड़े दल के रूप में उभरने के बाद अब विजय सरकार गठन की संभावनाओं को लेकर सक्रिय हो गए हैं। वह आज नव-निर्वाचित विधायकों के साथ बैठक करने वाले हैं, जहां पार्टी की आगामी रणनीति और संभावित गठबंधन पर चर्चा की जाएगी।
इस बीच, राजनीतिक माहौल में प्रतिक्रियाओं का दौर भी जारी है। अभिनेता और मक्कल नीधि मय्यम के संस्थापक कमल हासन ने सोशल मीडिया मंच X पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए लोकतांत्रिक प्रक्रिया की व्यापकता पर जोर दिया। उन्होंने एम. के. स्टालिन को संबोधित करते हुए लिखा कि चुनाव लोकतांत्रिक जीवन का केवल एक हिस्सा हैं और स्टालिन ऐसे नेता हैं जो न जीत में अत्यधिक उत्साहित होते हैं और न हार में निराश, बल्कि लगातार संघर्ष करते हैं।
ஜனநாயக அரசியலில் தேர்தல் ஓர் அங்கம்தான். அருமை நண்பர், திராவிட முன்னேற்றக் கழகத்தின் தலைவர் திரு. @mkstalin அவர்கள் வெற்றியில் ஆர்ப்பரிப்பவரும் அல்ல. தோல்வியில் துவள்பவரும் அல்ல. மீண்டும் போராடுவார். மீண்டும் வெல்வார்.
— Kamal Haasan (@ikamalhaasan) May 4, 2026
विजय के निवास स्थान नीलंकरई और पार्टी मुख्यालय पनैयूर के बाहर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है, जहां बड़ी संख्या में समर्थक पार्टी की इस ऐतिहासिक सफलता का जश्न मनाने के लिए जुटे हुए हैं। इस पूरे घटनाक्रम ने राज्य की राजनीतिक हलचलों को और तेज कर दिया है।
विशेषज्ञों के अनुसार, पेरियार और आंबेडकर को श्रद्धांजलि देना केवल एक सांकेतिक कदम नहीं, बल्कि एक स्पष्ट वैचारिक संदेश है। यह दर्शाता है कि विजय की राजनीति सामाजिक न्याय, जाति-विरोधी समानता और द्रविड़ परंपरा के मूल्यों पर आधारित होगी। इस कदम के माध्यम से उन्होंने तमिलनाडु की दीर्घकालिक द्रविड़ राजनीति में अपनी स्थिति को मजबूत करने का संकेत दिया है।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
