राज्यपाल ने बहुमत के लिए 118 विधायकों के हस्ताक्षर मांगे; कांग्रेस ने डीएमके से नाता तोड़ा।

तमिलनाडु की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। अभिनेता से राजनेता बने थलपति विजय की पार्टी 'तमिलगा वेत्री कझगम' (TVK) ने राज्य में सरकार बनाने की दिशा में अपने कदम बढ़ा दिए हैं। विधानसभा चुनाव 2026 के परिणामों में 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी TVK के प्रमुख विजय ने बुधवार को राजभवन पहुंचकर राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से मुलाकात की और सरकार बनाने का औपचारिक दावा पेश किया। इस घटनाक्रम ने राज्य के दशकों पुराने द्रविड़ राजनीति के समीकरणों को पूरी तरह से हिला कर रख दिया है।

इस सियासी ड्रामे में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब कांग्रेस ने अपने पुराने और भरोसेमंद सहयोगी डीएमके (DMK) का साथ छोड़कर विजय की TVK को समर्थन देने का ऐलान किया। कांग्रेस के इस फैसले ने न केवल डीएमके को हैरान कर दिया है, बल्कि इसे एक 'पीठ में छुरा घोंपने' जैसी कार्रवाई करार दिया जा रहा है। तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के. सेलवापेरुन्थगई की अध्यक्षता में हुई एक महत्वपूर्ण बैठक के बाद यह निर्णय लिया गया। कांग्रेस, जिसके पास 5 विधायक हैं, ने स्पष्ट किया कि वे राज्य में एक धर्मनिरपेक्ष और स्थिर सरकार बनाने के लिए विजय का समर्थन कर रहे हैं। इस गठबंधन की नींव राहुल गांधी और विजय के बीच हुए आपसी विचार-विमर्श के बाद रखी गई है, जिसका उद्देश्य राज्य में 'कामराज के शासन' वाले सुनहरे दिनों को वापस लाना है।

हालांकि, विजय के लिए मुख्यमंत्री की कुर्सी तक का सफर इतना आसान भी नहीं दिख रहा है। राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने विजय के दावे को सुना, लेकिन बहुमत के जादुई आंकड़े पर पेंच फंस गया है। 234 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के लिए 118 विधायकों के समर्थन की आवश्यकता है। विजय के पास अपनी पार्टी के 108 और कांग्रेस के 5 विधायकों को मिलाकर कुल 113 का आंकड़ा पहुंच रहा है, जो बहुमत से अभी भी 5 कदम दूर है। सूत्रों के अनुसार, राज्यपाल ने विजय को दोटूक शब्दों में कहा है कि वे 118 विधायकों के समर्थन वाले हस्ताक्षरित पत्र के साथ दोबारा आएं। इस निर्देश के बाद TVK खेमे में अन्य छोटे दलों और निर्दलीय विधायकों को साथ लाने की कवायद तेज हो गई है।

दूसरी ओर, इस राजनीतिक हलचल ने डीएमके और एआईएडीएमके (AIADMK) जैसे स्थापित दलों के भीतर खलबली मचा दी है। डीएमके ने कांग्रेस के इस कदम को विश्वासघात बताते हुए कहा है कि उसने हमेशा मुश्किल वक्त में कांग्रेस का साथ दिया था। वहीं, एआईएडीएमके के भीतर भी दरारें नजर आ रही हैं; पार्टी का एक धड़ा एडप्पादी पलानीस्वामी के नेतृत्व से असंतुष्ट होकर विजय को समर्थन देने की वकालत कर रहा है। लेफ्ट पार्टियों ने भी अपना रुख स्पष्ट करने के लिए 8 मई तक का समय माँगा है। यदि विजय अन्य 5 विधायकों का समर्थन जुटाने में सफल रहते हैं, तो 8 मई को चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू इंडोर स्टेडियम में उनका शपथ ग्रहण समारोह हो सकता है, जिसमें राहुल गांधी के भी शामिल होने की संभावना है।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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