40 साल के TVK समर्थक ने खुद को लगाई आग ; विजय को CM बनाने में देरी से भड़का तनाव
तमिलनाडु के तिरुनेलवेली में TVK समर्थक इसक्कियप्पन ने अभिनेता विजय को मुख्यमंत्री बनाए जाने में देरी से आहत होकर खुद को आग लगाकर आत्मदाह का प्रयास किया। गंभीर रूप से झुलसे व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना ने राज्य की राजनीति में तनाव बढ़ा दिया है।

तिरुनेलवेली में आत्मदाह का प्रयास करने वाले TVK कार्यकर्ता
तमिलनाडु के तिरुनेलवेली जिले में एक चौंकाने वाली और गंभीर घटना सामने आई है, जहां तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) के एक 40 वर्षीय कार्यकर्ता ने खुद को आग लगाकर आत्मदाह का प्रयास किया। यह घटना उस समय हुई जब राज्य की राजनीति में TVK और उसके नेतृत्व को लेकर जारी चर्चाओं के बीच भावनात्मक उथल-पुथल बढ़ती जा रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आत्मदाह का प्रयास करने वाले व्यक्ति की पहचान इसक्कियप्पन के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह अभिनेता से नेता बने विजय को तमिलनाडु का मुख्यमंत्री बनाए जाने में हो रही देरी को लेकर मानसिक रूप से बेहद व्यथित था। इसी निराशा में उसने यह आत्मघाती कदम उठाया।
घटना के संबंध में सामने आई रिपोर्टों के अनुसार, इसक्कियप्पन ने अपने ऊपर केरोसिन डालकर आग लगा ली। हालांकि, आसपास मौजूद लोगों ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत आग बुझाई और उसे गंभीर हालत में नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। बाद में उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे तिरुनेलवेली स्थित असारिपलायम के सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में रेफर कर दिया गया, जहां उसका इलाज जारी है। यह पहली बार नहीं है जब इसक्कियप्पन ने अभिनेता विजय के प्रति अपनी गहरी निष्ठा सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित की हो। लगभग चार महीने पहले भी उसने अपने दोनों गालों में 16 फीट लंबा भाला (लांस) भेदकर विजय को मुख्यमंत्री के रूप में देखने की इच्छा जताई थी, जिसने उस समय भी लोगों का ध्यान खींचा था।
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब तमिलनाडु की राजनीति में TVK की स्थिति को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। हालिया विधानसभा चुनावों में पार्टी ने 108 सीटें जीती थीं। कांग्रेस के साथ गठबंधन के बाद यह संख्या 112 सीटों तक पहुंची, लेकिन सरकार गठन के लिए आवश्यक बहुमत को लेकर स्थिति अभी भी स्पष्ट नहीं है। रिपोर्टों के अनुसार, राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने 234 सीटों वाले सदन में 118 सीटों के समर्थन की मांग की थी, जिससे सरकार गठन की प्रक्रिया में देरी देखी जा रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ऐसी घटनाएं बढ़ती राजनीतिक भावनाओं और समर्थकों में बढ़ते चरम उत्साह की ओर संकेत करती हैं, जो कई बार खतरनाक रूप ले लेता है। प्रशासन लगातार लोगों से अपील कर रहा है कि किसी भी राजनीतिक परिस्थिति में आत्मघाती कदम न उठाए जाएं और लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर भरोसा बनाए रखें।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
