क्या तमिल राजनीति के दबाव में हैं राहुल गांधी? CM विजय के प्रभाकरन पोस्ट से उठे बड़े सवाल
तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री विजय के मुल्लिवायक्काल स्मरण दिवस पोस्ट पर बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। LTTE प्रमुख प्रभाकरन का अप्रत्यक्ष समर्थन करने के आरोपों के बीच राहुल गांधी और कांग्रेस की चुप्पी भी सवालों के घेरे में है।

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय और कांग्रेस नेता राहुल गांधी की तस्वीरों के साथ सोशल मीडिया पोस्ट
विजय के तमिलनाडु का मुख्यमंत्री बनने के कुछ ही समय बाद उनकी एक सोशल मीडिया पोस्ट ने राष्ट्रीय राजनीति में बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में 108 सीटें जीतकर सत्ता में आई उनकी पार्टी टीवीके के लिए यह पहला बड़ा राजनीतिक विवाद माना जा रहा है। मुल्लिवायक्काल स्मरण दिवस पर किए गए उनके पोस्ट ने न केवल तमिल राजनीति में नई बहस छेड़ दी, बल्कि कांग्रेस नेता राहुल गाँधी को भी विपक्षी आलोचनाओं के केंद्र में ला खड़ा किया है।
मामला उस समय गरमा गया जब विजय ने 18 मई को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर श्रीलंकाई तमिलों के समर्थन में संदेश जारी करते हुए लिखा कि “मुल्लिवायक्काल की यादें हमेशा हमारे दिलों में रहेंगी। समुद्र पार रहने वाले अपने तमिल भाइयों के अधिकारों के लिए हम हमेशा एकजुट रहेंगे।” यह पोस्ट श्रीलंका के उत्तरी क्षेत्र मुल्लिवायक्काल से जुड़ी है, जहां वर्ष 2009 में श्रीलंकाई गृहयुद्ध के अंतिम चरण के दौरान लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (LTTE) प्रमुख वेलुपिल्लई प्रभाकरन मारे गए थे।
முள்ளிவாய்க்கால் நினைவுகளை இதயத்தில் ஏந்துவோம்! கடல் கடந்து வாழும் நம் தமிழ்ச் சொந்தங்களின் உரிமைகளுக்காக எப்போதும் துணை நிற்போம்!
— TVK Vijay (@TVKVijayHQ) May 18, 2026
विजय के इस बयान का तमिल प्रवासी समुदाय और तमिल राष्ट्रवादी समूहों ने स्वागत किया। कई संगठनों ने इसे श्रीलंकाई तमिलों के दर्द और संघर्ष के प्रति एकजुटता का प्रतीक बताया। दुनिया भर में फैले तमिल समुदाय और भारत के कुछ हिस्सों में 18 मई को “मुल्लिवायक्काल रिमेंबरेंस डे” या “तमिल जनसंहार स्मरण दिवस” के रूप में मनाया जाता है। यह दिन वर्ष 2009 में श्रीलंकाई गृहयुद्ध के खूनी अंत और हजारों तमिल नागरिकों की मौत, लापता होने तथा विस्थापन की याद में मनाया जाता है।
हालांकि, विजय की पोस्ट को लेकर विरोध भी तेज हो गया। आलोचकों ने उन पर प्रतिबंधित संगठन LTTE और उसके संस्थापक प्रभाकरन का अप्रत्यक्ष महिमामंडन करने का आरोप लगाया। भारत में LTTE पर पूर्व प्रधानमंत्री Rajiv Gandhi की 1991 में हुई हत्या के बाद प्रतिबंध लगाया गया था। राजीव गांधी हत्याकांड में प्रभाकरन को मुख्य आरोपी माना गया था।
विवाद तब और गहरा गया जब सोशल मीडिया पर कांग्रेस और राहुल गांधी को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं। कई यूजर्स ने सवाल उठाया कि यदि विजय जैसे नेता, जिन पर प्रभाकरन के प्रति सहानुभूति दिखाने के आरोप लग रहे हैं, कांग्रेस के राजनीतिक सहयोगी बनते हैं तो राहुल गांधी की चुप्पी क्या संकेत देती है। कुछ पोस्ट में लिखा गया कि “विजय उस व्यक्ति को श्रद्धांजलि दे रहे हैं जिसे राजीव गांधी की हत्या का जिम्मेदार माना गया था, फिर भी कांग्रेस सत्ता के लिए ऐसे नेताओं से समझौता कर सकती है।” वहीं कुछ अन्य प्रतिक्रियाओं में गांधी परिवार पर राजीव गांधी की हत्या को राजनीतिक सहानुभूति के लिए इस्तेमाल करने के आरोप भी लगाए गए।
सोशल मीडिया पर कांग्रेस के पुराने बयान भी फिर से साझा किए जाने लगे हैं, जिनमें LTTE के खिलाफ कड़ा रुख दिखाई देता था। आलोचकों का कहना है कि राहुल गांधी और कांग्रेस नेतृत्व को इस मुद्दे पर स्पष्ट और सार्वजनिक रुख अपनाना चाहिए, खासकर इसलिए क्योंकि यह मामला सीधे राजीव गांधी की हत्या और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा हुआ है।
दूसरी ओर, विजय के समर्थकों और तमिल संगठनों का तर्क है कि मुल्लिवायक्काल को याद करना LTTE का समर्थन नहीं बल्कि युद्ध के दौरान मारे गए निर्दोष तमिल नागरिकों की पीड़ा को याद करना है। उनका कहना है कि श्रीलंकाई गृहयुद्ध के अंतिम दिनों में हजारों आम नागरिक हिंसा का शिकार बने थे और उनकी स्मृति को राजनीतिक नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए। यही तर्क इस पूरे विवाद का सबसे संवेदनशील और केंद्रीय पहलू बन गया है।
तमिलनाडु की राजनीति में नई पारी शुरू कर चुके विजय के लिए यह विवाद केवल एक बयान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दिखाता है कि क्षेत्रीय पहचान, तमिल राष्ट्रवाद, श्रीलंका तमिल मुद्दा और राष्ट्रीय राजनीति आज भी कितने संवेदनशील विषय बने हुए हैं। आने वाले दिनों में यह मामला राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक बयानबाजी को और तेज कर सकता है।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
