मुख्यमंत्री थलपति विजय ने ब्यूरोक्रेसी में बदलाव करते हुए चेन्नई सहित 13 जिलों की कमान महिला अफसरों को सौंपी, महिला सुरक्षा के लिए बनेगी विशेष टास्क फोर्स।

तमिलनाडु में हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों के बाद सत्ता में आई थलपति सी जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली तमिलगा वेत्री कड़गम (टीवीके) सरकार ने राज्य के प्रशासनिक ढांचे में एक अभूतपूर्व और ऐतिहासिक फेरबदल किया है। चुनावी अभियान के दौरान महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण को अपना मुख्य एजेंडा बनाने वाले मुख्यमंत्री विजय ने अपनी इस प्रतिबद्धता को अमलीजामा पहनाना शुरू कर दिया है। राज्य के कुल 38 जिलों में से 30 जिलों में हुए हालिया प्रशासनिक तबादलों के तहत मुख्यमंत्री ने एक बड़ा रणनीतिक फैसला लेते हुए 13 महत्वपूर्ण जिलों की कमान महिला प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारियों को सौंप दी है। राजनीतिक गलियारों और नौकरशाही में इस बड़े कदम को महिला सुरक्षा के मोर्चे पर एक बेहद मजबूत और दूरगामी संदेश देने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

इस बड़े प्रशासनिक बदलाव के अंतर्गत चेन्नई जैसे सबसे महत्वपूर्ण मेट्रोपॉलिटन जिले से लेकर राज्य के कई संवेदनशील और ग्रामीण क्षेत्रों की जिम्मेदारी भी महिला अफसरों को दी गई है। इनमें से कई जिले ऐसे हैं जहां राज्य के इतिहास में पहली बार किसी महिला आईएएस अधिकारी को जिला कलेक्टर यानी डीएम के पद पर नियुक्त किया गया है। उदाहरण के तौर पर आईएएस अधिकारी पद्मजा ने कल्लाकुरिची जिले की पहली महिला कलेक्टर बनकर इतिहास रच दिया है और उन्होंने कलेक्ट्रेट पहुंचकर अपना कार्यभार भी पूरी तरह संभाल लिया है। मुख्यमंत्री विजय के इस फैसले का मुख्य उद्देश्य जमीनी स्तर पर प्रशासनिक पारदर्शिता लाना और महिला सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना है।

मुख्यमंत्री थलपति विजय के महिला सुरक्षा एजेंडे को केवल कलेक्टर्स की तैनाती तक ही सीमित नहीं देखा जा सकता, बल्कि इसके समानांतर एक विशेष टास्क फोर्स का गठन भी किया जा रहा है। राज्य में महिलाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों पर पूरी तरह नकेल कसने और लंबित मामलों की जांच में तेजी लाने के लिए सरकार ने 'सिंगाप्पेन टास्क फोर्स' की स्थापना का ऐलान किया है। तमिल भाषा में 'सिंगाप्पेन' का शाब्दिक अर्थ 'शेरनी' होता है, और इस विशेष पुलिस बल की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें केवल महिला पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को ही शामिल किया जा रहा है। आईपीएस अधिकारी के. भवानीश्वरी को इस विशेष टास्क फोर्स का प्रमुख नियुक्त किया गया है। अगले हफ्ते इस टास्क फोर्स की औपचारिक लॉन्चिंग होने की उम्मीद है, जबकि राज्य के नवनियुक्त पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) महेश कुमार अग्रवाल भी आज अपना कार्यभार ग्रहण कर कानून-व्यवस्था की कमान संभाल रहे हैं।

राज्य के जिन 13 जिलों में महिला कलेक्टरों की तैनाती की गई है, उनमें चेन्नई में मलाथी हेलेन, अरियालूर में मृणालिनी, कल्लाकुरिची में पद्मजा, कांचीपुरम में स्नेहा, पेरम्बलुर में सरन्या अरी, पुदुक्कोट्टई में अरुणा, रानीपेट्टई में प्रिया रविचंद्रन, शिवगंगई में पोर्कोडी, तंजावुर में रेवती, नीलगिरी में लक्ष्मी भव्या, तिरुवल्लुर में कविता, तिरुवन्नामलाई में वंदना गर्ग और वेल्लोर में लीला एलेक्स शामिल हैं। इसके अतिरिक्त सरकार ने 2023 बैच की आईएएस अधिकारी पूजा कुलकर्णी को निषेध और आबकारी आयुक्त के रूप में नियुक्त किया है। मूल रूप से कर्नाटक की रहने वाली पूजा कुलकर्णी की यह भूमिका बेहद चुनौतीपूर्ण और महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि उन्हें राज्य में अवैध शराब की बिक्री पर रोक लगाने के साथ-साथ धार्मिक स्थलों, स्कूलों और बस स्टॉप के नजदीक स्थित शराब के ठेकों को बंद करवाने या वहां से स्थानांतरित करवाने का कड़ा जिम्मा सौंपा गया है। मुख्यमंत्री ने अपनी कोर टीम में डॉ. पी सेंथिल कुमार को अतिरिक्त मुख्य सचिव बनाने के साथ ही आईएएस जी लक्ष्मी प्रिया को भी बेहद महत्वपूर्ण पायदान पर रखा है, जो यह दर्शाता है कि तमिलनाडु की नई नौकरशाही में महिलाओं की भागीदारी अब नीति निर्धारण के उच्चतम स्तर तक पहुंच चुकी है।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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