मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय ने राज्य की ६२० अम्मा कैंटीनों की भोजन गुणवत्ता सुधारने और बुनियादी ढांचे को अपग्रेड करने का निर्देश दिया है।

तमिलनाडु की नवनिर्वाचित तमिलगा वेत्री कड़गम सरकार ने राज्य की जनकल्याणकारी योजनाओं को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण और दूरगामी रणनीतिक फैसला लिया है। अपनी लोक-लुभावन छवि और जमीनी पकड़ को मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय ने राज्यभर में संचालित 'अम्मा उनावगम' यानी अम्मा कैंटीन के व्यापक नवीनीकरण, आधुनिकीकरण और बुनियादी ढांचे के कायाकल्प का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री जे जयललिता द्वारा शुरू की गई इस महत्वाकांक्षी योजना को नया जीवन देने का यह निर्णय राज्य की गरीब, श्रमिक और वंचित आबादी को बेहद सस्ती व गुणवत्तापूर्ण भोजन व्यवस्था सुनिश्चित कराने की दिशा में थलपति विजय सरकार का पहला बड़ा मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है। सचिवालय की उच्च स्तरीय बैठक के बाद आया यह प्रशासनिक फैसला सीधे तौर पर उन लाखों लोगों के दैनिक जीवन को प्रभावित करेगा जो न्यूनतम दरों पर पेट भरने के लिए इन रसोई केंद्रों पर निर्भर हैं।

सचिवालय से जारी आधिकारिक निर्देशों के अनुसार, मुख्यमंत्री के संज्ञान में यह बात मजबूती से लाई गई थी कि पिछले कुछ समय से इन सार्वजनिक कैंटीनों में परोसे जाने वाले विभिन्न प्रकार के भोजनों के स्वाद और उसकी गुणवत्ता में भारी गिरावट दर्ज की जा रही थी। आम जनता और सामाजिक संगठनों से लगातार मिल रही इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों के प्रशासनिक सचिवों के साथ गहन विचार-विमर्श किया। वर्तमान में संपूर्ण राज्य के भीतर कुल ६२० अम्मा कैंटीन सक्रिय रूप से संचालित हो रही हैं, जिनमें से अकेले ग्रेटर चेन्नई नगर निगम के अधिकार क्षेत्र में ३८३ कैंटीनें कार्य कर रही हैं, जबकि शेष २३७ रसोई केंद्र राज्य के अन्य नगर निगमों और विभिन्न नगरपालिकाओं के अंतर्गत जनसेवा में लगे हैं। इन सभी केंद्रों को अब आधुनिक मानकों के अनुरूप अपग्रेड किया जाएगा ताकि स्वच्छता और पोषण का उत्कृष्ट स्तर बनाए रखा जा सके।

इस पुनर्गठन प्रक्रिया को सुचारू और पारदर्शी तरीके से धरातल पर उतारने के लिए सरकार ने चार प्रमुख स्तंभों पर आधारित एक व्यापक कार्ययोजना तैयार की है। इसके तहत सबसे पहले जर्जर हो चुके कैंटीन भवनों की मरम्मत की जाएगी, उनकी दीवारों को नया रंग-रोगन दिया जाएगा और पूरी रसोई व्यवस्था को आधुनिक लुक प्रदान किया जाएगा। भोजन की गुणवत्ता की अनवरत निगरानी के लिए प्रत्येक केंद्र पर समर्पित प्रशासनिक अधिकारियों की नियुक्ति अनिवार्य की जा रही है। इसके साथ ही, कैंटीन में आने वाले नागरिकों के लिए स्वच्छ एवं शुद्ध पेयजल तथा आधुनिक स्वच्छता व शौचालय सुविधाओं की सुगम उपलब्धता सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। भोजन बनाने की प्रक्रिया में तेजी लाने और सुरक्षा मानकों को पुख्ता करने के उद्देश्य से सभी केंद्रों को नए उन्नत कुकिंग यूटेंसिल्स और निर्बाध गैस सिलेंडर की आपूर्ति प्रदान की जाएगी।

प्रशासनिक और कानूनी जटिलताओं से बचने के लिए मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने वित्तीय प्रबंधन को लेकर भी बेहद स्पष्ट रुख अपनाया है। उन्होंने आदेश दिया है कि इस संपूर्ण नवीनीकरण कार्य और नए उपकरणों की खरीद का वित्तीय भार संबंधित नगर निगमों और नगरपालिकाओं के 'सामान्य कोष' से सीधे वहन किया जाएगा, जिससे बजटीय आवंटन की प्रतीक्षा में काम के रुकने की कोई गुंजाइश नहीं बचेगी। इस पूरे राज्यव्यापी पुनर्गठन अभियान की प्रत्यक्ष निगरानी की जिम्मेदारी हाल ही में नगर प्रशासन विभाग के सचिव नियुक्त किए गए वरिष्ठ आईएएस अधिकारी गगनदीप सिंह बेदी को सौंपी गई है। विधानसभा चुनावों में एक प्रचंड और ऐतिहासिक जनादेश हासिल कर सत्ता के शीर्ष पर पहुंचे अभिनेता से राजनेता बने विजय इस योजना के माध्यम से प्रशासन पर अपनी मजबूत पकड़ और जनहितैषी नीतियों का कड़ा संदेश देना चाहते हैं।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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