मुख्यमंत्री थलपति विजय पर अभिनेत्री जूली के गंभीर आरोप, ऑनलाइन उत्पीड़न और मिसकैरेज को लेकर चेन्नई में प्रेस कॉन्फ्रेंस
तमिल अभिनेत्री मारिया जूलियाना ने मुख्यमंत्री विजय के समर्थकों पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया, जिसके चलते उन्होंने अपना पहला बच्चा खो दिया।

चेन्नई में एक सार्वजनिक संबोधन के दौरान अपनी बात रखती हुईं तमिल अभिनेत्री जूली उर्फ मारिया जूलियाना और एक आधिकारिक बैठक के दौरान उपस्थित मुख्यमंत्री थलपति विजय।
तमिलनाडु- तमिल सिनेमा और राजनीतिक हलकों में उस समय एक अभूतपूर्व और बेहद संवेदनशील विवाद खड़ा हो गया जब लोकप्रिय तमिल अभिनेत्री जूली (मारिया जूलियाना) ने सूबे के मुख्यमंत्री और 'तमिलगा वेत्री कज़गम' (TVK) के प्रमुख थलपति विजय (सी. जोसेफ विजय) पर सीधे और बेहद गंभीर आरोप लगाए। चेन्नई में आयोजित एक भावुक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अभिनेत्री ने अपनी व्यक्तिगत क्षति को सार्वजनिक करते हुए दावा किया कि उनके जीवन की सबसे बड़ी त्रासदी यानी उनके पहले बच्चे के मिसकैरेज के लिए सीधे तौर पर मुख्यमंत्री और उनकी राजनीतिक पार्टी के समर्थक जिम्मेदार हैं। इस घटनाक्रम ने राज्य की राजनीति में सोशल मीडिया ट्रोलिंग और नागरिक सुरक्षा के मुद्दों को एक बार फिर बहस के केंद्र में ला खड़ा किया है।
अभिनेत्री जूली ने मीडिया के समक्ष रोते हुए अपनी आपबीती साझा की और बताया कि हाल ही में विवाह बंधन में बंधने के बाद वह अपने पहले बच्चे को लेकर बेहद उत्साहित थीं। हालांकि, थलपति विजय की राजनीतिक पार्टी टीवीके के समर्थकों और प्रशंसकों द्वारा उन्हें सोशल मीडिया पर इस कदर निशाना बनाया गया कि वह गंभीर मानसिक तनाव की स्थिति में पहुंच गईं। जूली का आरोप है कि इस अनियंत्रित ऑनलाइन उत्पीड़न और अपमानजनक टिप्पणियों के कारण उत्पन्न हुए अत्यधिक मेंटल स्ट्रेस की वजह से अंततः उनका गर्भपात हो गया और उन्होंने अपने अजन्मे बच्चे को हमेशा के लिए खो दिया। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि भले ही मुख्यमंत्री ने व्यक्तिगत रूप से यह सब न किया हो, लेकिन यदि वे अपने समर्थकों को सिर्फ एक बार रोकने का प्रयास करते तो आज उन्हें यह दिन नहीं देखना पड़ता।
इस मामले के कानूनी और आधिकारिक पक्षों को उजागर करते हुए अभिनेत्री ने बताया कि उन्होंने इस सुनियोजित उत्पीड़न के खिलाफ कानूनी लड़ाई की शुरुआत काफी पहले कर दी थी। उन्होंने मार्च महीने में ही चेन्नई पुलिस प्रशासन से संपर्क साधकर अपने खिलाफ भद्दी टिप्पणियां करने वाले आठ प्रमुख सोशल मीडिया यूजर्स के खिलाफ नामजद शिकायत दर्ज कराई थी। हालांकि, उनका आरोप है कि राज्य में प्रशासनिक बदलाव के बाद मामले को दबाने का प्रयास किया गया। पुलिस की ओर से उन्हें एक नोटिस प्राप्त हुआ जिसमें कहा गया कि यह मामला किसी आपराधिक श्रेणी में नहीं आता, बल्कि यह एक दीवानी मानहानि (Civil Defamation) का विषय है। जूली ने दावा किया कि यह नोटिस डीएमके प्रशासन के जाने और टीवीके की सत्ता स्थापित होने के बाद जारी किया गया था।
प्रशासनिक उदासीनता के साथ-साथ अभिनेत्री ने खुद को एक बड़ी साजिश के तहत फंसाए जाने का भी आरोप लगाया। उनका कहना है कि जब उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, तो उसके प्रतिशोध के रूप में सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ एक काल्पनिक पटकथा तैयार की गई। इसके तहत अचानक इंटरनेट पर उनका नाम 15 लाख रुपये के एक कथित किडनी घोटाले से जोड़ दिया गया, ताकि समाज में उनकी छवि को पूरी तरह धूमिल किया जा सके। उन्होंने आरोप लगाया कि इन सब हरकतों के पीछे सीधे तौर पर एक टीवीके समर्थक और एक कानूनी वकील का हाथ है। जूली के अनुसार, इस संगठन की यह कार्यशैली बन चुकी है कि जब भी कोई महिला इनके राजनीतिक तौर-तरीकों के खिलाफ आवाज उठाती है, तो संगठित रूप से उसका चरित्र हनन किया जाता है।
इस गंभीर और सनसनीखेज आरोप के सार्वजनिक होते ही दक्षिण भारतीय फिल्म उद्योग से भी इस पर तीखी प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो गई हैं। साउथ फिल्मों की वरिष्ठ और दिग्गज अभिनेत्री अंबिका ने जूली के इन दावों की कड़े शब्दों में निंदा की है। अंबिका ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए लिखा कि एक महिला के तौर पर जूली की गर्भावस्था के दौरान हुई क्षति के बारे में जानकर उन्हें बेहद दुख हुआ है, लेकिन देश के एक संवैधानिक पद पर बैठे मुख्यमंत्री को इसके लिए सीधे तौर पर दोषी ठहराना पूरी तरह से अनैतिक और असभ्य आचरण है। अंबिका ने जोर देकर कहा कि चाहे मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री की उम्र कुछ भी हो, हमें हमेशा उनके गरिमामयी पद का सम्मान करना चाहिए और इस तरह की व्यक्तिगत स्वास्थ्य समस्याओं के लिए राजनीतिक नेतृत्व को जिम्मेदार ठहराना अत्यंत अनुचित है।
दूसरी ओर, मुख्यमंत्री थलपति विजय के प्रशंसकों और टीवीके के कार्यकर्ताओं ने भी जूली के इन बयानों पर गहरी नाराजगी व्यक्त की है। समर्थकों का कहना है कि अभिनेत्री अपनी व्यक्तिगत और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के लिए बिना किसी पुख्ता प्रमाण के एक नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री की छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास कर रही हैं। बहरहाल, बिग बॉस तमिल के जरिए घर-घर में पहचान बनाने वाली मारिया जूलियाना और मुख्यमंत्री के समर्थकों के बीच छिड़ा यह विवाद अब केवल सोशल मीडिया तक सीमित नहीं रह गया है। यह घटना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि डिजिटल युग में सोशल मीडिया पर होने वाली ट्रोलिंग किस प्रकार किसी व्यक्ति के निजी जीवन और मानसिक स्वास्थ्य पर जानलेवा प्रभाव डाल सकती है और इसके लिए राजनीतिक दलों को आत्ममंथन करने की आवश्यकता है।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
