बारामती विधानसभा उपचुनाव में रिकॉर्ड 2.18 लाख वोटों से जीत दर्ज करने के बाद महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री और एनसीपी प्रमुख सुनेत्रा पवार ने राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया। भारतीय कानून के तहत सांसद और विधायक दोनों पद एक साथ नहीं रखने के कारण उन्होंने यह फैसला लिया।

महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़ा और अहम घटनाक्रम सामने आया है। बारामती विधानसभा उपचुनाव में रिकॉर्ड मतों से जीत हासिल करने के महज दो दिन बाद महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) की अध्यक्ष Sunetra Pawar ने राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। उनके इस फैसले ने राज्य और राष्ट्रीय राजनीति दोनों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।

62 वर्षीय सुनेत्रा पवार ने बुधवार को अपना इस्तीफा उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति C. P. Radhakrishnan को सौंपा। इस बात की जानकारी उनके बेटे और राज्यसभा सांसद Parth Pawar ने दी। बारामती उपचुनाव में उनकी ऐतिहासिक जीत ने पहले ही राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी थी, लेकिन अब राज्यसभा से उनका इस्तीफा इस घटनाक्रम को और अधिक महत्वपूर्ण बना रहा है।

बारामती विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में सुनेत्रा पवार ने 2 लाख 18 हजार 34 वोटों के विशाल अंतर से जीत दर्ज की। यह चुनाव उनके पति और वरिष्ठ नेता Ajit Pawar के निधन के बाद खाली हुई सीट पर कराया गया था। इस भारी जीत को महाराष्ट्र की राजनीति में एक ऐतिहासिक जनादेश माना जा रहा है।

सुनेत्रा पवार जून 2024 में राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित हुई थीं। इससे पहले उन्होंने बारामती लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था, जहां उन्हें एनसीपी (एसपी) की उम्मीदवार Supriya Sule के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद उन्हें संसद के उच्च सदन में भेजा गया था, लेकिन अब विधानसभा चुनाव में मिली बड़ी जीत के बाद उन्होंने राज्य की सक्रिय राजनीति को प्राथमिकता देने का फैसला किया है।

भारतीय कानून के अनुसार कोई भी व्यक्ति एक साथ संसद सदस्य और राज्य विधानसभा सदस्य दोनों पदों पर नहीं रह सकता। यही वजह रही कि महाराष्ट्र विधानसभा के लिए चुने जाने के बाद सुनेत्रा पवार को राज्यसभा की सदस्यता छोड़नी पड़ी। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि उनका यह कदम आने वाले समय में महाराष्ट्र की सत्ता और एनसीपी की रणनीति पर बड़ा असर डाल सकता है।

अपने इस्तीफे के बाद जारी बयान में सुनेत्रा पवार ने कहा कि महाराष्ट्र विधानसभा के लिए चुने जाने के बाद उन्होंने राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने महाराष्ट्र की जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर सेवा करने का अवसर मिला, जो उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण और सीख देने वाला अनुभव रहा। उन्होंने यह भी कहा कि राज्यसभा में उनका कार्यकाल भले छोटा रहा हो, लेकिन इस दौरान उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों को समझने का व्यापक अनुभव प्राप्त हुआ।

सुनेत्रा पवार के इस्तीफे के साथ ही अब महाराष्ट्र से खाली हुई राज्यसभा सीट को लेकर राजनीतिक अटकलें तेज हो गई हैं। सभी की नजरें इस बात पर टिक गई हैं कि एनसीपी और महायुति गठबंधन इस सीट पर किसे मौका देते हैं। बारामती में मिली रिकॉर्ड जीत और उसके तुरंत बाद आया यह इस्तीफा महाराष्ट्र की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत माना जा रहा है।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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