कांग्रेस में फेरबदल का काउंटडाउन शुरू; सोनिया गांधी की 'सीक्रेट' बैठक से मची खलबली!
सोनिया गांधी ने 10 जनपथ पर वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक कर विभिन्न राज्यों के सांगठनिक हालात पर चर्चा की और आगामी बदलावों की रूपरेखा तैयार की।

नई दिल्ली में आयोजित पार्टी बैठक के दौरान चर्चा करते हुए कांग्रेस नेता सोनिया गांधी (बाएं) और मल्लिकार्जुन खड़गे (दाएं), जहां आगामी संगठनात्मक बदलावों और रणनीतियों पर मंथन हुआ।
Sonia Gandhi Meeting 10 Janpath : देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी कांग्रेस के भीतर एक बार फिर बहुत बड़े संगठनात्मक पुनर्गठन की आहट साफ सुनाई देने लगी है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के भीतर संभावित बड़े फेरबदल की खबरों के बीच राष्ट्रीय राजधानी में अचानक राजनीतिक हलचल चरम पर पहुंच गई है। इसी सिलसिले में कांग्रेस संसदीय दल (सीपीपी) की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने गुरुवार को 10 जनपथ स्थित अपने आधिकारिक आवास पर पार्टी के सबसे अनुभवी और कद्दावर पुराने नेताओं के साथ एक अत्यंत गोपनीय और महत्वपूर्ण मैराथन बैठक की। राजनीतिक पंडितों का मानना है कि पार्टी के भीतर सांगठनिक सर्जरी की पृष्ठभूमि तैयार करने और मोदी सरकार के खिलाफ राष्ट्रव्यापी स्तर पर एक अभेद्य मोर्चा खोलने के इरादे से यह बैठक बुलाई गई थी, जिसने आगामी सियासी समीकरणों को पूरी तरह गरमा दिया है।
इस हाई-प्रोफाइल बैठक में देश के विभिन्न राज्यों से कांग्रेस के वे चेहरे पहुंचे जो पार्टी की वैचारिक और रणनीतिक रीढ़ माने जाते हैं। सोनिया गांधी के बुलावे पर राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, कांग्रेस के वरिष्ठ रणनीतिकार जनार्दन द्विवेदी, मुकुल वासनिक, पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन बंसल और वरिष्ठ नेत्री यामि याग्निक समेत कई पुराने दिग्गज 10 जनपथ पहुंचे। पार्टी के शीर्ष सूत्रों से छनकर आ रही खबरों के मुताबिक, यह कोई सामान्य या शिष्टाचार मुलाकात नहीं थी। बैठक के भीतर देश के मौजूदा राजनीतिक और सामाजिक हालातों पर बेहद बारीक और विस्तृत मंथन हुआ। सोनिया गांधी ने व्यक्तिगत रूप से सभी वरिष्ठ नेताओं से अलग-अलग राज्यों का जमीनी फीडबैक लिया और यह समझने की कोशिश की कि पार्टी को ब्लॉक और पंचायत स्तर पर दोबारा कैसे पुनर्जीवित किया जाए।
संगठनात्मक और रणनीतिक मोर्चे पर हुई इस चर्चा के दौरान वरिष्ठ नेताओं ने विभिन्न राज्यों की राजनीतिक परिस्थितियों और सांगठनिक कमजोरियों को लेकर एक व्यापक रिपोर्ट सोनिया गांधी के सामने प्रस्तुत की। इसके साथ ही, केंद्र की मोदी सरकार की नीतियों के खिलाफ जनता के बीच प्रभावी ढंग से उतरने के लिए कई कड़े और आक्रामक सुझाव दिए गए। सूत्रों के अनुसार, बैठक में मौजूद दिग्गजों ने सर्वसम्मति से यह राय रखी कि कांग्रेस को अब केवल संसद के भीतर ही नहीं, बल्कि पंचायत स्तर तक सड़क पर उतरकर लगातार सक्रिय रहना होगा। वरिष्ठ नेताओं का स्पष्ट मानना था कि जब तक जनता से जुड़े बुनियादी मुद्दों को सड़क से लेकर सदन तक पूरी आक्रामकता के साथ नहीं उठाया जाएगा, तब तक पार्टी की राजनीतिक धार को फिर से तेज करना मुमकिन नहीं होगा।
संवैधानिक और नीतिगत बदलावों के लिहाज से भी इस बैठक के दूरगामी संकेत मिलने शुरू हो गए हैं। अंदरूनी सूत्रों का दावा है कि आगामी दिनों में होने वाले इस प्रस्तावित फेरबदल में पार्टी के अनुभवी और पुराने नेताओं की भूमिका को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व अब अनुभवी बुजुर्ग नेताओं और युवा ऊर्जा के बीच एक सटीक संतुलन स्थापित कर नई जिम्मेदारियां तय करने की अंतिम योजना बना रहा है। इसके क्रियान्वयन और नए चेहरों की स्क्रीनिंग के लिए बहुत जल्द एक उच्च स्तरीय नई समिति के गठन पर भी मुहर लग सकती है। सोनिया गांधी की कमान में हुई इस रणनीतिक बैठक से यह साफ संदेश निकल कर आया है कि कांग्रेस आने वाले समय में एक नए रूप और आक्रामक तेवरों के साथ सत्तापक्ष को घेरने की तैयारी कर चुकी है।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
