SIR विवाद पर स्मृति ईरानी का फिल्मी वार, AI वीडियो के सहारे राहुल गांधी पर निशाना, SIR प्रक्रिया को बताया जरूरी
smriti-irani-rahul-gandhi-sir-protest-ai-videoबीजेपी नेता स्मृति ईरानी ने एआई से बने फिल्मी सीन को शेयर कर एसआईआर प्रक्रिया के खिलाफ कांग्रेस के विरोध पर तंज कसा है। Smriti Irani targets Rahul Gandhi using AI generated movie scene

बीजेपी नेता स्मृति ईरानी ने एसआईआर मुद्दे पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी और विपक्ष के विरोध का जवाब देने के लिए एआई वीडियो साझा किया।
बीजेपी की राष्ट्रीय महासचिव और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने एक एआई (AI) जेनरेटेड वीडियो के माध्यम से कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इस वीडियो के जरिए स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया की सच्चाई बताने की कोशिश की है। स्मृति ईरानी ने अपने आधिकारिक एक्स (X) हैंडल पर इस फिल्मी क्लिप को साझा करते हुए इसे SIR की स्पष्ट व्याख्या बताया है। उन्होंने अपने संदेश में लिखा कि जो व्यक्ति सचमुच में सोया हुआ है, उसे तो जगाया जा सकता है, लेकिन जो देश को गुमराह करने के लिए अंधा होने का नाटक कर रहा है, उसे जगाना संभव नहीं है।
शेयर किए गए एआई वीडियो क्लिप में बॉलीवुड अभिनेता अमिताभ बच्चन की सुपरहिट फिल्म 'भूतनाथ' के एक प्रसिद्ध दृश्य को नए सिरे से रिक्रियेट किया गया है। इस वीडियो में अमिताभ बच्चन का किरदार राहुल गांधी को दिखाता है और यह समझाता है कि कैसे एक भ्रष्ट अधिकारी द्वारा डेथ सर्टिफिकेट जारी न किए जाने के कारण उसका नाम मतदाता सूची से नहीं कट सका। इसी का फायदा उठाकर एक राजनीतिक दल ने मडगांव में उसके नाम से फर्जी वोट डाल दिया था।
स्मृति ईरानी और राहुल गांधी के बीच का सियासी मुकाबला काफी पुराना और चर्चित रहा है। साल 2019 के लोकसभा चुनाव में स्मृति ईरानी ने कांग्रेस के तत्कालीन अध्यक्ष राहुल गांधी को उनके पारंपरिक राजनीतिक गढ़ अमेठी से पराजित किया था। इस हार के बाद राहुल गांधी को अपनी चुनावी जमीन बदलनी पड़ी थी और वे पहले केरल के वायनाड तथा बाद में अपनी मां सोनिया गांधी की सीट रायबरेली से चुनाव लड़ने पहुंचे।
वर्तमान समय में राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस, विपक्षी इंडिया ब्लॉक और कॉकरोच जनता पार्टी देश भर में चलाई जा रही एसआईआर (SIR) प्रक्रिया का पुरजोर विरोध कर रहे हैं। ये सभी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ लामबंद हैं और उनसे तत्काल इस्तीफे की मांग पर अड़े हुए हैं। चुनाव सुधारों और मतदाता सूची के संशोधन से जुड़ा यह विवाद अब देश की सर्वोच्च अदालत यानी सुप्रीम कोर्ट तक भी पहुंच चुका है।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
