महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ी हलचल देखने को मिल रही है। शिवसेना (यूबीटी) के सामने एक बड़ा संकट खड़ा हो गया है, जहाँ पार्टी के 6 बागी लोकसभा सांसद एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल होने की अटकलें तेज हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि ये सभी सांसद सोमवार दोपहर 3 बजे मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के गुट का दामन थाम सकते हैं। यदि यह घटनाक्रम सही साबित होता है, तो उद्धव ठाकरे के लिए यह एक बड़ा झटका माना जाएगा।

बागी गुट के इस कदम को दलबदल विरोधी कानून से बचने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। कानून के अनुसार, पार्टी से अलग होने वाले गुट के पास दो-तिहाई बहुमत होना अनिवार्य है, जिससे वे अपनी सदस्यता बचा सकें। इस बड़ी राजनीतिक उठापटक के बीच उद्धव ठाकरे ने सोमवार दोपहर 2.30 बजे मुंबई के नरीमन पॉइंट स्थित पार्टी कार्यालय 'शिवालय' में अपने सभी विधायकों और विधान परिषद सदस्यों (MLCs) की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। महाराष्ट्र विधानसभा के मॉनसून सत्र की शुरुआत के पहले दिन यह बैठक बुलाई गई है, जो पार्टी की एकजुटता के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है।

बैठक का मुख्य उद्देश्य सांसदों के बागी रुख के बाद पार्टी की भविष्य की रणनीति तय करना और विधायकों के बीच आपसी सामंजस्य बनाए रखना है। इस बीच, पार्टी की स्थिति पर स्पष्टता लाने के लिए संजय दीना पाटिल की बेटी राजूल पाटिल ने 'मातोश्री' पहुंचकर उद्धव ठाकरे से भेंट की। उन्होंने सार्वजनिक रूप से पार्टी के प्रति अपनी निष्ठा दोहराते हुए कहा कि वह उद्धव ठाकरे के साथ हैं।

हालाँकि, पार्टी ने अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है। लोकसभा में मुख्य सचेतक अनिल देसाई ने शनिवार को उन सभी सांसदों को कारण बताओ नोटिस जारी किया था, जो हाल ही में हुई संसदीय दल की बैठक से अनुपस्थित रहे थे। इस नोटिस में साफ चेतावनी दी गई है कि यदि 24 घंटे के भीतर लिखित स्पष्टीकरण नहीं दिया गया, तो इसे उनकी ओर से स्वेच्छा से पार्टी छोड़ने के रूप में माना जाएगा और दसवीं अनुसूची के तहत कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

विवाद की शुरुआत तब हुई जब दिल्ली में आयोजित संसदीय दल की बैठक में केवल 3 सांसद ही उपस्थित हुए, जबकि संजय दीना पाटिल समेत 6 सांसद नदारद रहे। राज्यसभा सांसद संजय राउत ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि अयोग्यता की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। वहीं, शिवसेना एमएलसी चंद्रकांत रघुवंशी ने दावा किया है कि ये बागी सांसद मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के साथ जुड़ चुके हैं। अब सभी की निगाहें सोमवार दोपहर की उस बैठक और होने वाले संभावित घटनाक्रम पर टिकी हैं, जो महाराष्ट्र की राजनीति की दिशा तय कर सकती है।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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