बदल गई राघव चड्ढा की 'प्रोफाइल'! गायब हुए पुराने तीखे वार, जानें सौरभ भारद्वाज के इस सनसनीखेज दावे के पीछे की असली कहानी
दिल्ली 'आप' अध्यक्ष का दावा: राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा की टाइमलाइन से गायब हुए मोदी विरोधी ट्वीट, केवल तारीफ वाले पोस्ट बचे।

आम आदमी पार्टी के भीतर जारी कलह अब एक नए और डिजिटल मोड़ पर आ खड़ी हुई है। दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री और 'आप' की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने अपनी ही पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा पर गंभीर आरोप लगाकर राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है। भारद्वाज का दावा है कि राघव चड्ढा ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी की आलोचना करने वाले तमाम पुराने पोस्ट हटा दिए हैं। यह आरोप उस समय सामने आया है जब चड्ढा को राज्यसभा में पार्टी के उपनेता पद से हटाए जाने के बाद दोनों पक्षों के बीच तल्खी चरम पर है।
सौरभ भारद्वाज ने शनिवार को सोशल मीडिया पर कुछ स्क्रीनशॉट साझा करते हुए चौंकाने वाले तथ्य पेश किए। उन्होंने बताया कि राघव चड्ढा की टाइमलाइन से वे सभी ट्वीट गायब हो गए हैं जिनमें भाजपा के खिलाफ तीखे हमले किए गए थे। भारद्वाज के अनुसार, यह कोई सामान्य बदलाव नहीं बल्कि चड्ढा के डिजिटल इतिहास को पूरी तरह मिटाने की एक सोची-समझी कोशिश है। उन्होंने दावा किया कि अब चड्ढा के अकाउंट पर 'मोदी' शब्द वाले केवल दो पोस्ट शेष हैं, और आश्चर्यजनक रूप से उन दोनों में प्रधानमंत्री की प्रशंसा की गई है।
भारद्वाज ने इस पूरी प्रक्रिया को 'डिजिटल इतिहास का सर्जिकल स्ट्राइक' करार दिया है। उनका कहना है कि जो नेता कभी मोदी सरकार के सबसे मुखर आलोचकों में से एक थे, उन्होंने अब अपनी छवि को 'वाशिंग मशीन' की तरह साफ-सुथरा दिखाने का प्रयास शुरू कर दिया है। सौरभ भारद्वाज ने राघव चड्ढा की बदलती डिजिटल प्रोफाइल पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस तरह से टाइमलाइन को व्यवस्थित किया गया है, उससे उनकी भविष्य की तैयारियों का अंदाजा लगाया जा सकता है।
फिलहाल राघव चड्ढा की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन इस विवाद ने 'आप' के आंतरिक संकट को सार्वजनिक कर दिया है। राज्यसभा में उपनेता पद से हटाए जाने के बाद से ही चड्ढा और पार्टी नेतृत्व के बीच दूरियां बढ़ती नजर आ रही हैं। सौरभ भारद्वाज का यह ताजा हमला इस बात की ओर इशारा करता है कि आम आदमी पार्टी और उसके कभी सबसे चमकते चेहरे रहे राघव चड्ढा के बीच सुलह की गुंजाइश अब बेहद कम बची है।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
