लॉटरी किंग का सबसे बड़ा जैकपॉट! एक साथ पत्नी, बेटा और दामाद बने विधायक, विधानसभा के सबसे अमीर मेंबर।
लीमा रोज और जोस चार्ल्स मार्टिन बने तमिलनाडु और पुडुचेरी के सबसे अमीर विधायक, दामाद ने टीवीके से दर्ज की जीत।

नवनिर्वाचित विधायक लीमा रोज (बाएं), दामाद आधव अर्जुन (मध्य) और पुत्र जोस चार्ल्स मार्टिन (दाएं)|
तमिलनाडु और पुडुचेरी के विधानसभा चुनावों के परिणाम केवल सत्ता परिवर्तन की कहानी नहीं कह रहे हैं, बल्कि ये एक परिवार के अभूतपूर्व सियासी उदय के गवाह भी बने हैं। भारत के 'लॉटरी किंग' कहे जाने वाले सैंटियागो मार्टिन का परिवार इस समय भारतीय राजनीति के केंद्र में है। चुनाव परिणामों ने एक ऐसा संयोग बनाया है जहाँ मार्टिन की पत्नी, बेटा और दामाद तीनों ही अब माननीय विधायक के रूप में विधानसभाओं की शोभा बढ़ाएंगे। इस जीत ने न केवल परिवार का राजनीतिक कद बढ़ाया है, बल्कि उन्हें देश के सबसे अमीर विधायकों की सूची में भी शीर्ष पर खड़ा कर दिया है।
सैंटियागो मार्टिन की पत्नी लीमा रोज ने तमिलनाडु की लालगुडी विधानसभा सीट से एआईएडीएमके (AIADMK) के टिकट पर ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। लीमा रोज न केवल इस चुनाव की सबसे अमीर उम्मीदवार थीं, बल्कि 1049 करोड़ रुपये की घोषित व्यक्तिगत संपत्ति के साथ वह अब तमिलनाडु विधानसभा की सबसे अमीर विधायक बन गई हैं। चुनावी हलफनामे के अनुसार, यदि उनके पति की संपत्ति को भी जोड़ लिया जाए तो यह आंकड़ा 5000 करोड़ रुपये के पार चला जाता है। उनके पास मौजूद आभूषणों का जखीरा किसी भी व्यक्ति को अचंभित कर सकता है, जिसमें 19 किलो सोना और 15 करोड़ रुपये मूल्य के हीरे शामिल हैं। लालगुडी, जो पारंपरिक रूप से डीएमके का गढ़ माना जाता था, वहाँ से जीत हासिल कर लीमा ने अपनी राजनैतिक क्षमता को साबित किया है।
मार्टिन परिवार का दबदबा केवल तमिलनाडु तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि पड़ोसी केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में भी उनके बड़े बेटे जोस चार्ल्स मार्टिन ने अपनी सफलता का परचम लहराया है। जोस चार्ल्स ने कामराज नगर निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ा और 10,000 से अधिक मतों के अंतर से जीत हासिल की। उन्होंने अपनी 'लक्ष्य जननायक काची' पार्टी का गठन किया था और एनडीए (NDA) गठबंधन के हिस्से के रूप में चुनाव मैदान में उतरे थे। 610 करोड़ रुपये की संपत्ति घोषित करने वाले जोस अब पुडुचेरी विधानसभा के सबसे अमीर विधायक हैं। यह शायद भारतीय लोकतंत्र में पहली बार हुआ है कि एक ही परिवार के सदस्य दो अलग-अलग राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के सबसे अमीर विधायक चुने गए हों।
इस राजनैतिक सफलता की त्रिकोणीय कड़ी को पूरा किया है मार्टिन के दामाद आधव अर्जुन ने। आधव ने चेन्नई की विल्लीवाक्कम सीट से अभिनेता विजय की पार्टी 'तमिझगा वेत्री कड़गम' (TVK) के टिकट पर चुनाव जीता। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 17,302 वोटों के बड़े अंतर से मात दी। दिलचस्प बात यह है कि आधव की घोषित संपत्ति उनके सास और साले की तुलना में सबसे कम, यानी 197 करोड़ रुपये है। टीवीके के इस चुनावी उभार में आधव की जीत को पार्टी की बढ़ती लोकप्रियता और उनके व्यक्तिगत राजनैतिक कौशल के रूप में देखा जा रहा है। अलग-अलग विचारधाराओं वाली पार्टियों से लड़ने के बावजूद, मार्टिन परिवार के तीनों सदस्यों की सामूहिक जीत ने दक्षिण भारतीय राजनीति में एक नया अध्याय लिख दिया है।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
