"मैं 5 लोगों को मार चुका हूं" संजय दीना पाटिल पर राउत के गंभीर आरोप ; UAPA के तहत की कार्रवाई की मांग
महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा विवाद सामने आया है। शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने सांसद संजय दीना पाटिल पर प्रदर्शनकारियों को बम से उड़ाने, अस्पताल या श्मशान भेजने और पांच लोगों की हत्या करने का कथित दावा करने का आरोप लगाया है। राउत ने मुंबई पुलिस से यूएपीए समेत कड़ी कानूनी कार्रवाई और विस्तृत जांच की मांग की है।

शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सांसद संजय राउत (बाएं) और सांसद संजय दीना पाटिल (दाएं)
महाराष्ट्र की राजनीति में एक नया और गंभीर विवाद खड़ा हो गया है। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने मुंबई पुलिस आयुक्त देवेन भारती को पत्र लिखकर हाल ही में सत्तारूढ़ शिवसेना में शामिल हुए सांसद संजय दीना पाटिल के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। राउत ने आरोप लगाया है कि पाटिल ने उनके खिलाफ प्रदर्शन करने वाले लोगों को बम से उड़ाने, अस्पताल या श्मशान पहुंचाने जैसी धमकियां दी हैं। इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी दावा किया कि पाटिल ने स्वयं पांच लोगों की हत्या करने की बात कही है।
यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब शिवसेना (यूबीटी) को बड़ा राजनीतिक झटका देते हुए उसके छह सांसदों ने पार्टी छोड़कर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना का दामन थाम लिया है। इन सांसदों में संजय दीना पाटिल भी शामिल हैं। इस राजनीतिक घटनाक्रम के बाद महाराष्ट्र के कई हिस्सों में मतदाताओं और पार्टी समर्थकों के बीच नाराजगी देखने को मिली है, जिसके चलते विरोध-प्रदर्शन भी हुए हैं।
मुंबई पुलिस आयुक्त को भेजे गए अपने पत्र में संजय राउत ने कहा कि महाराष्ट्र की जनता इन सांसदों के दल-बदल से खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही है। उन्होंने लिखा कि निर्वाचित जनप्रतिनिधियों का विरोध करना और उनसे जवाब मांगना नागरिकों का संवैधानिक अधिकार है, लेकिन उत्तर-पूर्व मुंबई से सांसद संजय दीना पाटिल ने प्रदर्शनकारियों को खुलेआम जान से मारने की धमकी दी है।
राउत के अनुसार, पाटिल ने कथित तौर पर कहा कि जो लोग उनके खिलाफ प्रदर्शन करेंगे, वे पहले अपना जीवन बीमा करा लें। उन्होंने आरोप लगाया कि पाटिल ने यह भी कहा कि विरोध करने वालों को सीधे अस्पताल या श्मशान भेज दिया जाएगा। सबसे गंभीर आरोप यह है कि पाटिल ने कथित रूप से प्रदर्शनकारियों पर बम फेंकने की चेतावनी दी।
अपने पत्र में राउत ने दावा किया कि पाटिल ने यह भी कहा, “मैं पहले ही पांच लोगों को मार चुका हूं।” इस कथित बयान को बेहद गंभीर बताते हुए राउत ने पुलिस से मांग की कि इस दावे की तत्काल जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि यदि सांसद ने वास्तव में ऐसा बयान दिया है तो यह पता लगाया जाना चाहिए कि वे पांच लोग कौन थे, उनकी मौत कब और किन परिस्थितियों में हुई तथा क्या इस संबंध में कोई आपराधिक मामला दर्ज हुआ था। राउत ने मांग की कि इस कथित स्वीकारोक्ति के आधार पर हत्या के मामले की भी जांच शुरू की जाए।
संजय राउत ने अपने पत्र में कहा कि एक सांसद द्वारा बम का उल्लेख करना केवल राजनीतिक बयानबाजी का विषय नहीं है, बल्कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा और कानून-व्यवस्था से जुड़ा गंभीर मामला हो सकता है। उन्होंने मुंबई पुलिस से आपराधिक मामला दर्ज करने, यह जांच करने कि क्या पाटिल के पास किसी प्रकार के विस्फोटक तक पहुंच है, तथा आवश्यकता पड़ने पर महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) को जांच में शामिल करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी यूएपीए के तहत कार्रवाई पर भी विचार करने का आग्रह किया।
राउत ने अपने पत्र में यह भी कहा कि इस तरह के कथित बयानों से आम नागरिकों के बीच भय और असुरक्षा का माहौल पैदा हो सकता है। उन्होंने पुलिस से मामले को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए तत्काल हस्तक्षेप करने और आवश्यक कानूनी कदम उठाने की अपील की। इस पूरे विवाद पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की भी प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति द्वारा धमकी दिए जाने की पुष्टि होती है तो पुलिस कानून के अनुसार उचित कार्रवाई करेगी। फडणवीस ने स्पष्ट किया कि सरकार नागरिकों को डराने-धमकाने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं करेगी।
फिलहाल संजय राउत की शिकायत मुंबई पुलिस के पास पहुंच चुकी है, लेकिन अभी तक संजय दीना पाटिल के खिलाफ किसी गिरफ्तारी, एफआईआर या यूएपीए के तहत कार्रवाई की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। हालांकि, हालिया दल-बदल के बाद शुरू हुआ यह विवाद अब महाराष्ट्र की राजनीति के सबसे चर्चित और संवेदनशील मुद्दों में शामिल हो गया है। शिवसेना के दो धड़ों के बीच बढ़ती राजनीतिक टकराहट के बीच सामने आए इन आरोपों ने न केवल राजनीतिक माहौल को गर्मा दिया है, बल्कि कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़े कई गंभीर सवाल भी खड़े कर दिए हैं। अब सबकी नजर मुंबई पुलिस की अगली कार्रवाई और इस मामले की संभावित जांच पर टिकी हुई है।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
