तेलंगाना CM रेवंत रेड्डी के बयान से मचा सियासी बवाल ; 'Hitler' के नाम से BJP पर साधा निशाना
तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के बयानों ने राष्ट्रीय राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। दक्षिण भारत के कथित उपेक्षा, केंद्र सरकार की नीतियों, परिसीमन और HYDRAA परियोजना में हिटलर संदर्भ को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच तीखी बहस छिड़ गई है। मामला उत्तर–दक्षिण भारत के राजनीतिक संतुलन तक पहुँच गया है।

रेवंत रेड्डी
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के हालिया बयानों ने राष्ट्रीय राजनीति में एक नई बहस को जन्म दे दिया है, जिसमें केंद्र सरकार की नीतियों, दक्षिण भारत के कथित उपेक्षात्मक व्यवहार और एक विवादित ऐतिहासिक संदर्भ को लेकर तीखी राजनीतिक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। उनके बयानों के बाद केंद्र–राज्य संबंधों और उत्तर–दक्षिण भारत के राजनीतिक संतुलन पर बहस और तेज हो गई है।
‘द हिंदू हडल 2026’ सत्र के दौरान दिए गए अपने संबोधन में रेवंत रेड्डी ने आरोप लगाया कि भाजपा नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की नीतियाँ दक्षिण भारत को निर्णय प्रक्रिया और संसाधन आवंटन में लगातार हाशिए पर रख रही हैं। उन्होंने दावा किया कि दक्षिणी राज्यों, जिनमें तेलंगाना, तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और केरल शामिल हैं, देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देने के बावजूद उन्हें राजनीतिक प्रतिनिधित्व और वित्तीय हिस्सेदारी के मामले में अपेक्षित न्याय नहीं मिल रहा है। उन्होंने आने वाले परिसीमन (डीलिमिटेशन) और राजस्व वितरण की नीतियों को लेकर भी चिंता जताई।
President of India - North Indian
— Telugu360 (@Telugu360) June 6, 2026
Prime minister- North Indian
We don't want to live like second grade citizens in Delhi, paying taxes and saluting Delhi
- CM Revanth Reddy at The Hindu Huddle pic.twitter.com/vGoQMT5Pd6
अपने संबोधन के दौरान रेवंत रेड्डी ने केंद्र सरकार के शीर्ष संवैधानिक पदों का उल्लेख करते हुए यह दावा किया कि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और रक्षा मंत्री जैसे प्रमुख पदों पर उत्तर भारत के नेता हैं, और दक्षिणी राज्यों के साथ कथित रूप से द्वितीय श्रेणी जैसा व्यवहार किया जा रहा है। हालांकि इस बयान के बाद राजनीतिक और तथ्यात्मक स्तर पर आलोचना भी सामने आई, जिसमें यह स्पष्ट किया गया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ओडिशा से हैं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह गुजरात से हैं, जबकि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जैसे प्रमुख पदों पर दक्षिण भारत का प्रतिनिधित्व भी मौजूद है।
इसी बीच, मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली शहरी परियोजना एचवाईडीआरएए (HYDRAA) को लेकर भी विवाद गहराया। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस एजेंसी की कार्यप्रणाली को लेकर रेवंत रेड्डी ने एक संदर्भ में हिटलर की आक्रामक रणनीतियों का उल्लेख किया, जिसे लेकर राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली। HYDRAA के तहत लगभग 3,000 सेवानिवृत्त सेना कर्मियों की तैनाती के साथ झीलों और जल निकायों के पुनरुद्धार का कार्य किया गया, लेकिन इसके साथ ही इसे लेकर कई अदालतों में चुनौतियाँ भी दर्ज की गईं और कुछ वर्गों ने इसे संवेदनशील ऐतिहासिक संदर्भ से जोड़कर आपत्ति जताई, विशेषकर होलोकॉस्ट से जुड़े संदर्भों को लेकर।
भाजपा ने इन बयानों पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए आरोप लगाया कि रेवंत रेड्डी की टिप्पणी विभाजनकारी राजनीति को बढ़ावा देती है और उत्तर–दक्षिण के बीच कृत्रिम विभाजन उत्पन्न करने का प्रयास है। पार्टी नेताओं ने इसे लोकतांत्रिक संस्थाओं पर अनावश्यक और अतिरंजित ऐतिहासिक तुलना करार दिया।
वहीं कांग्रेस और तेलंगाना सरकार की ओर से यह तर्क दिया गया कि मुख्यमंत्री के बयानों को उनके व्यापक संदर्भ से हटाकर देखा जा रहा है और उनका उद्देश्य केवल यह उजागर करना है कि केंद्र की नीतियाँ संघीय ढांचे में असंतुलन पैदा कर रही हैं। समर्थकों का कहना है कि दक्षिणी राज्यों के अधिकारों और संसाधन हिस्सेदारी को लेकर उठाई गई चिंताओं को गंभीरता से समझने की आवश्यकता है।
यह विवाद केवल एक राजनीतिक बयान तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह भारत में केंद्र और राज्यों के बीच शक्ति संतुलन, परिसीमन की प्रक्रिया, राजस्व वितरण और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को पुनः चर्चा के केंद्र में ले आया है। उत्तर और दक्षिण भारत के बीच राजनीतिक और प्रशासनिक संतुलन को लेकर चल रही यह बहस आने वाले समय में और अधिक तीव्र हो सकती है।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
