फिल्म सतलुज के तथ्यों पर केंद्रीय मंत्री का सवाल, लापता लोगों के सही आंकड़ों के लिए जन आयोग गठित करने की मांग का किया समर्थन।

पंजाब में फिल्म 'सतलुज' को लेकर छिड़े विवाद के बीच केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा की पत्नी परमजीत कौर खालड़ा की मांग का समर्थन किया है। परमजीत कौर ने पंजाब में उग्रवाद के उस दौर में लापता हुए लोगों, फर्जी मुठभेड़ों और लावारिस मिली लाशों के वास्तविक आंकड़ों का पता लगाने के लिए एक 'जन आयोग' गठित करने की मांग रखी है। उनका तर्क है कि इस आयोग के माध्यम से उस कालखंड में मारे गए आम नागरिकों, सुरक्षाबलों, हिंदुओं, सिखों और उग्रवादियों—सभी का निष्पक्ष ब्यौरा सार्वजनिक किया जाना चाहिए।

नई दिल्ली में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान रवनीत सिंह बिट्टू ने इस मांग का पूर्ण समर्थन करते हुए कहा कि विवादित दावों की जांच एक कानूनी और समयबद्ध प्रक्रिया के तहत होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजाब का भविष्य शांति और आपसी सौहार्द में निहित है। फिल्म में जसवंत सिंह खालड़ा की भूमिका निभा रहे अभिनेता दिलजीत दोसांझ के संदर्भ में उठ रहे विवादों पर बिट्टू ने कहा कि फिल्म निर्माताओं को उस दौर के ऐतिहासिक तथ्यों पर अधिक गहन शोध करना चाहिए था। उन्होंने फिल्म में दिखाए गए 25,000 लोगों के लापता होने के दावे पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि यह आंकड़ा मात्र तीन श्मशान घाटों के डेटा पर आधारित प्रतीत होता है, जो अपूर्ण हो सकता है।

मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि उस दौर में पंजाब का नेतृत्व कौन कर रहा था और केंद्र में किसकी सरकार थी, इसे पूरी स्पष्टता के साथ सामने लाया जाना चाहिए। बिट्टू ने दोहराया कि यह विरोध किसी धर्म के विरुद्ध नहीं, बल्कि आतंकवाद, हिंसा और रक्तपात की विचारधारा के खिलाफ है। उन्होंने चेतावनी दी कि कुछ तत्व सिखों और हिंदुओं के बीच विभाजन पैदा करने का प्रयास कर रहे हैं और वे इस नैरेटिव का कड़ा मुकाबला करेंगे। इस विषय पर सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता एच.एस. फूलका ने भी अपनी राय रखते हुए कहा कि आतंकवाद के उस कठिन दौर में भी पंजाब में हिंदू-सिख भाईचारा कायम रहा था और ऐसी ऐतिहासिक सच्चाइयों को दबाया नहीं जाना चाहिए।

Lalita Rajput

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इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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