Raj Thackeray ने अनिरुद्धाचार्य के दावों पर कसा तंज, DJ-Dolby और धार्मिक कट्टरता पर भी साधा निशाना|
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे ने ठाणे में एक सभा के दौरान कथावाचक अनिरुद्धाचार्य महाराज के बयानों पर तंज कसते हुए धार्मिक कट्टरता और डीजे संस्कृति की आलोचना की है।

राज ठाकरे ठाणे में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए अनिरुद्धाचार्य के बयानों और डीजे संस्कृति पर बोल रहे हैं।
रविवार को ठाणे में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के प्रमुख राज ठाकरे ने कार्यकर्ताओं की एक सभा को संबोधित करते हुए देश के मौजूदा माहौल, धार्मिक मुद्दों पर हो रही राजनीति और त्योहारों में डीजे व डॉल्बी साउंड सिस्टम के बढ़ते इस्तेमाल पर खुलकर अपनी बात रखी। इस दौरान उन्होंने बिना नाम लिए एक कथावाचक अनिरुद्धाचार्य महाराज पर जमकर निशाना साधा और उनके बयानों पर तीखे तंज कसे।
राज ठाकरे ने कहा कि इस समय पूरा देश धर्म के जुनून में डूबा हुआ है। भगवान में आस्था होना और अपने धर्म पर गर्व महसूस करना बिल्कुल स्वाभाविक है, लेकिन किसी को भी धार्मिक कट्टरपंथी नहीं बनना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में जो मौजूदा माहौल दिखाई दे रहा है, उसे जान-बूझकर तैयार किया जा रहा है ताकि जनता का ध्यान जरूरी और बुनियादी मुद्दों से भटकाया जा सके और लोगों के मन में गुस्सा पैदा किया जाए।
अपने संबोधन के दौरान राज ठाकरे ने कथावाचक अनिरुद्धाचार्य महाराज के बयानों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग टीवी पर शरीर पर भस्म लगाकर उपदेश देते हैं और घुंघराले बालों वाले एक ऐसे 'बाबा' हैं जो मन में जो आता है वही बोलते हैं, और लोग उन्हें बहुत ध्यान से सुनते हैं। राज ठाकरे ने उस बाबा के उस दावे पर सवाल उठाया जिसमें कहा गया था कि राम और रावण के युद्ध के दौरान रावण के एक लाख बेटे और डेढ़ लाख पोते मारे गए थे। इस पर तंज कसते हुए राज ठाकरे ने मजाकिया अंदाज में कहा कि रावण के केवल दस सिर थे और उसके एक लाख बच्चे थे, तो क्या उसे खाने-पीने का भी थोड़ा बहुत समय मिल पाता होगा?
इसके बाद राज ठाकरे ने उस कथावाचक के एक और दावे का जिक्र किया जिसमें कहा गया था कि युद्ध के बाद श्रीराम ने शक्तिशाली अस्त्रों को गलत हाथों में जाने से रोकने के लिए हनुमान से उन्हें 10,000 किलोमीटर दूर ले जाकर रखने को कहा था। हनुमान ने ऐसा ही किया और जिस जगह उन्हें रखा गया, उसे 'अस्त्रालय' कहा जाने लगा, जिसका नाम बाद में बदलकर 'ऑस्ट्रेलिया' पड़ गया। राज ठाकरे ने कटाक्ष करते हुए कहा कि यदि 'अस्त्रालय' अब 'ऑस्ट्रेलिया' बन चुका है, तो फिर हॉलैंड, इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बारे में क्या सोचा जाए। उनकी इस बात पर सभा में बैठे लोग अपनी हंसी नहीं रोक पाए और जोरदार ठहाके गूंज उठे।
धार्मिक आयोजनों और संस्कृति पर बात करते हुए राज ठाकरे ने डीजे और डॉल्बी साउंड सिस्टम के प्रयोग पर भी कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने सवाल किया कि क्या महाराष्ट्र में उत्तर भारत की संस्कृति, विशेष तौर पर डीजे और डॉल्बी का चलन लाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 'गोविंदा' उत्सव के दौरान महिलाओं को स्टेज पर डांस करने के लिए बुलाया जाना और इस तरह की बातें उत्तर प्रदेश और बिहार में आम हो सकती हैं, लेकिन क्या हमें वहां का कल्चर यहां अपनाना चाहिए। त्योहार मनाने के लिए कुछ निश्चित नियम होने चाहिए।
उन्होंने आगे कहा कि लेजर लाइटों से लोगों की आंखों को गंभीर नुकसान पहुंचता है और डॉल्बी सिस्टम की तेज आवाज हृदय रोगियों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है। बाल गंगाधर तिलक ने जिन उद्देश्यों और पवित्र मकसद के साथ इन सार्वजनिक उत्सवों की शुरुआत की थी, आज हमने उन्हें किस स्थिति में पहुंचा दिया है। राज ठाकरे ने अंत में जोर देकर कहा कि धर्म के नाम पर किसी को भी अपना होश नहीं खोना चाहिए। त्योहार मनाना गलत नहीं है, लेकिन धार्मिक कट्टरता समाज और देश को केवल बर्बादी की तरफ ले जाती है।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
