सबरिमाला विवाद में कूदे राहुल गांधी ; BJP–LDF गठजोड़ का लगाया आरोप
सबरिमाला मंदिर से जुड़े कथित स्वर्ण विवाद ने केरल की राजनीति में उथल-पुथल मचा दी है। राहुल गांधी ने LDF और प्रधानमंत्री मोदी पर गंभीर आरोप लगाते हुए इसे बड़ा चुनावी मुद्दा बना दिया है। मामला अब न्यायिक जांच के दायरे में है।

राहुल गाँधी
केरल की राजनीति एक बार फिर उबाल पर है, जहां सबरिमाला मंदिर से जुड़ा कथित स्वर्ण विवाद अब केवल धार्मिक मुद्दा नहीं, बल्कि बड़ा राजनीतिक हथियार बन चुका है। इस विवाद ने चुनावी माहौल को और गर्म कर दिया है, खासकर तब जब कांग्रेस नेता Rahul Gandhi ने सत्तारूढ़ वाम मोर्चा और केंद्र की भाजपा सरकार दोनों पर एक साथ तीखे आरोप लगाए हैं।
राहुल गांधी ने अपने हालिया चुनावी भाषणों में सीधे तौर पर केरल की सत्ताधारी लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) सरकार को निशाने पर लेते हुए आरोप लगाया कि वह सबरिमाला मंदिर से जुड़े स्वर्ण घोटाले में शामिल है। उन्होंने जनसभाओं में “सोना किसने चुराया?” जैसे नारे के जरिए इस मुद्दे को जनता के बीच प्रमुखता से उठाया, जिससे यह विवाद तेजी से राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया।
Why is PM Modi silent on the loot of Sabarimala Temple under CM Vijayan?
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) March 30, 2026
It proves the unholy alliance of BJP–CPM. pic.twitter.com/pNnMSHZp2D
इस हमले के साथ ही राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री Narendra Modi पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री अन्य धार्मिक मुद्दों पर खुलकर बोलते हैं, लेकिन सबरिमाला मामले में उनकी चुप्पी कई सवाल खड़े करती है। राहुल गांधी के अनुसार, यह मौन केवल राजनीतिक रणनीति का हिस्सा हो सकता है।
BJP–LDF गठजोड़ का आरोप:
राहुल गांधी ने इस विवाद को और गंभीर बनाते हुए भाजपा और LDF के बीच एक “गुप्त गठबंधन” का आरोप भी लगाया। उनके अनुसार:
- प्रधानमंत्री की चुप्पी का उद्देश्य केरल की वाम सरकार को बचाना हो सकता है
- भाजपा और LDF अप्रत्यक्ष रूप से कांग्रेस के खिलाफ एक साथ काम कर रहे हैं
- भाजपा, केरल में राजनीतिक लाभ के लिए LDF का समर्थन कर रही है
ये आरोप राजनीतिक गलियारों में नई बहस को जन्म दे रहे हैं, जहां हर पक्ष अपनी-अपनी स्थिति को मजबूत करने में जुटा है।
क्या है सबरिमाला स्वर्ण विवाद?
यह विवाद केरल के प्रसिद्ध सबरीमाला मंदिर से जुड़ा है, जहां मंदिर के निर्माण और सजावट में उपयोग किए गए सोने की मात्रा को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, मंदिर के विभिन्न हिस्सों में उपयोग किए गए सोने में लगभग 4 से 5 किलोग्राम (या उससे अधिक) की विसंगति सामने आई है।
यह मामला अब न्यायिक निगरानी में है और विभिन्न एजेंसियों द्वारा इसकी जांच की जा रही है। इस कारण यह केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं रहा, बल्कि एक कानूनी और प्रशासनिक विषय भी बन गया है।
चुनावी राजनीति में बढ़ती अहमियत:
सबरिमाला विवाद अब केरल की चुनावी राजनीति का एक प्रमुख मुद्दा बन चुका है।
- कांग्रेस और उसके सहयोगी इस मुद्दे को भ्रष्टाचार के प्रतीक के रूप में पेश कर रहे हैं
- भाजपा भी इस मामले को उठाकर अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने की कोशिश कर रही है
वहीं, राहुल गांधी का आरोप है कि भाजपा इस मुद्दे पर “चयनात्मक चुप्पी” बरत रही है
इन आरोपों के जवाब में LDF ने सभी दावों को खारिज करते हुए उन्हें पूरी तरह राजनीतिक करार दिया है। वहीं, आलोचकों का कहना है कि प्रधानमंत्री मोदी पहले भी सबरिमाला मुद्दे पर अपनी राय व्यक्त कर चुके हैं, जिससे राहुल गांधी के “चुप्पी” वाले आरोप पर सवाल उठते हैं।
सबरिमाला स्वर्ण विवाद अब केवल एक धार्मिक या प्रशासनिक मामला नहीं रह गया है, बल्कि यह केरल की राजनीति में शक्ति संतुलन और चुनावी रणनीति का केंद्र बन चुका है। आने वाले समय में जांच के निष्कर्ष और राजनीतिक बयानबाज़ी, दोनों मिलकर इस मुद्दे की दिशा तय करेंगे और संभवतः चुनावी परिणामों को भी प्रभावित करेंगे।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
