जनता की अदालत में राहुल गांधी- बीजेपी ने 54 विदेशी दौरे और 60 करोड़ के खर्च और फंडिंग के स्रोत पर दागे तीखे सवाल|
सांसद संबित पात्रा ने राहुल गांधी पर 22 साल में 60 करोड़ रुपये व्यक्तिगत यात्राओं पर खर्च करने का लगाया आरोप, अघोषित दौरों और सुरक्षा पर उठाए गंभीर सवाल।

बीजेपी सांसद संबित पात्रा ने नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राहुल गांधी की विदेश यात्राओं और उनके वित्तीय स्रोतों पर सवाल खड़े किए।
नई दिल्ली: भारतीय राजनीति के गलियारों में एक बार फिर विदेश यात्राओं को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर उनके विदेशी दौरों को लेकर बेहद गंभीर और चौंकाने वाले आरोप लगाए हैं। नई दिल्ली में आयोजित एक उच्चस्तरीय प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और सांसद संबित पात्रा ने आंकड़ों का हवाला देते हुए दावा किया कि राहुल गांधी पिछले 22 वर्षों में कुल 54 बार विदेश यात्रा पर जा चुके हैं। सत्ता पक्ष ने अब इन यात्राओं के वित्तीय पहलुओं और सुरक्षा प्रोटोकॉल के उल्लंघन को लेकर विपक्ष के सबसे प्रमुख चेहरे को कटघरे में खड़ा कर दिया है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बीजेपी नेता ने राहुल गांधी के 22 साल के संसदीय करियर का लेखा-जोखा प्रस्तुत करते हुए सवाल उठाया कि एक जनप्रतिनिधि के तौर पर इतनी बार विदेश जाने का वास्तविक उद्देश्य क्या था। संबित पात्रा ने सार्वजनिक रूप से उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर कहा कि राहुल गांधी की यात्रा सूची में अमेरिका, इटली, यूनाइटेड किंगडम, जर्मनी, वियतनाम, कम्बोडिया, सिंगापुर, बहरीन, मालदीव, कतर और संयुक्त अरब अमीरात जैसे प्रमुख देश शामिल हैं। हालांकि, विवाद तब गहरा गया जब पात्रा ने कुछ ऐसी यात्राओं का भी जिक्र किया जो आधिकारिक रिकॉर्ड में दर्ज नहीं थीं। उन्होंने सोशल मीडिया और हालिया फुटेज का संदर्भ देते हुए बताया कि राहुल गांधी मस्कट और ओमान जैसे देशों की 'अघोषित' यात्राएं भी कर चुके हैं।
बीजेपी के आरोपों का सबसे संवेदनशील हिस्सा इन यात्राओं पर होने वाला भारी-भरकम खर्च है। संबित पात्रा ने दावा किया कि वर्ष 2004 से 2026 के बीच राहुल गांधी ने अपनी इन 54 व्यक्तिगत विदेश यात्राओं पर लगभग 60 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस गणना में सरकार, संसद की किसी समिति या आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल के सदस्य के रूप में की गई यात्राएं शामिल नहीं हैं। बीजेपी ने सीधा प्रश्न पूछा है कि एक सांसद के रूप में राहुल गांधी के पास इतने बड़े पैमाने पर व्यक्तिगत खर्च के लिए धन कहां से आया? पात्रा ने संदेह जताया कि क्या इन यात्राओं के पीछे कोई विदेशी एजेंसियां या गुप्त संगठन फंडिंग कर रहे हैं, जिसकी जानकारी देश से छिपाई गई है।
वित्तीय सवालों के साथ-साथ बीजेपी ने राष्ट्रीय सुरक्षा और प्रोटोकॉल के उल्लंघन का मुद्दा भी पुरजोर तरीके से उठाया। संबित पात्रा ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी कई मौकों पर सुरक्षा एजेंसी SPG को सूचित किए बिना या 'चकमा' देकर विदेश रवाना हुए। नियमतः, एक विशेष सुरक्षा प्राप्त व्यक्ति और सांसद को अपनी विदेश यात्रा से पहले सरकार और संबंधित सुरक्षा एजेंसियों को जानकारी देनी अनिवार्य होती है। बीजेपी ने सवाल किया कि क्या इन सीक्रेट ट्रिप्स के दौरान नेता प्रतिपक्ष ने कुछ ऐसी जानकारियां छिपाई हैं जो देश के हित में नहीं हैं। उन्होंने पूछा कि आखिर ऐसी क्या मजबूरी थी कि देश के सबसे बड़े विपक्षी दल के नेता को बार-बार गुप्त तरीके से विदेश जाना पड़ा।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बीजेपी का यह हमला आगामी चुनावों और सदन में विपक्ष की घेराबंदी को देखते हुए एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है। नेता प्रतिपक्ष जैसे संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति की पारदर्शिता और वित्तीय जवाबदेही पर सवाल उठाकर बीजेपी ने एक नई बहस छेड़ दी है। यह मामला केवल यात्राओं की संख्या तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विदेशी प्रभाव और राजनीतिक शुचिता के बड़े सवालों से जुड़ गया है। अब देखना यह होगा कि कांग्रेस और राहुल गांधी इन आरोपों पर किस तरह का पलटवार करते हैं। फिलहाल, इन 54 दौरों और 60 करोड़ के खर्च के दावों ने देश की राजनीति में एक नया तूफान खड़ा कर दिया है, जिसका असर संसद से लेकर सड़क तक दिखाई दे सकता है।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
