सुल्तानपुर की एमपी-एमएलए अदालत ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर विवादित टिप्पणी से जुड़े मानहानि मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी को बरी कर दिया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और रायबरेली से सांसद राहुल गांधी फैसले के दौरान अदालत में व्यक्तिगत रूप से मौजूद रहे। इस निर्णय से उन्हें मामले में बड़ी कानूनी राहत मिली है।

राहुल गांधी के खिलाफ यह मानहानि परिवाद भारतीय जनता पार्टी के तत्कालीन उपाध्यक्ष विजय मिश्र ने 4 अगस्त 2018 को दायर किया था। परिवाद में आरोप लगाया गया था कि राहुल गांधी ने वर्ष 2018 में बेंगलुरु में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान अमित शाह के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। शिकायतकर्ता का कहना था कि इस टिप्पणी से उनकी भावनाओं को ठेस पहुंची थी।

मामले की सुनवाई के दौरान राहुल गांधी पहली बार 20 फरवरी 2024 को सुल्तानपुर की अदालत में पेश हुए थे। उस समय अदालत ने उन्हें जमानत दे दी थी। इसके बाद मामले में कानूनी कार्यवाही आगे बढ़ती रही।

13 अक्टूबर 2026 को एमपी-एमएलए अदालत में दोनों पक्षों के वकीलों की अंतिम बहस पूरी हो गई थी। अंतिम बहस पूरी होने के बाद अदालत ने फैसले के लिए 26 अक्टूबर 2026 की तारीख निर्धारित की थी। निर्धारित तारीख पर अदालत ने राहुल गांधी को मानहानि मामले में बरी कर दिया।

अमित शाह पर टिप्पणी से जुड़े इस मामले में अदालत का फैसला राहुल गांधी के लिए महत्वपूर्ण कानूनी राहत है। वर्ष 2018 में दर्ज परिवाद से शुरू हुई कार्यवाही में अंतिम बहस पूरी होने के बाद 26 अक्टूबर 2026 को आया निर्णय मामले की प्रमुख न्यायिक परिणति है।


Pratahkal Bureau

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