'कैंटीन में समोसे का मुद्दा..' राघव चड्ढा पर भड़के भागवत मान का तीखा वार, जानें पूरा मामला
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा की कार्यशैली और संसद में उठाए गए मुद्दों पर आपत्ति जताते हुए पार्टी प्राथमिकताओं पर सवाल उठाए हैं।

राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा संसद में भाषण देते हुए
आम आदमी पार्टी (AAP) के भीतर चल रहे मतभेद अब खुलकर सामने आने लगे हैं, जहां पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा पर की गई तीखी टिप्पणी ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। पार्टी के शीर्ष नेताओं के बीच यह टकराव न केवल आंतरिक असहमति को उजागर करता है, बल्कि संसद में पार्टी की रणनीति और प्राथमिकताओं पर भी सवाल खड़े करता है।
यह विवाद उस समय उभरा जब पार्टी ने राघव चड्ढा को राज्यसभा में डिप्टी लीडर के पद से हटा दिया और उनकी बोलने की भूमिका को सीमित कर दिया। इसके बाद भगवंत मान ने सार्वजनिक रूप से चड्ढा की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि वह गंभीर राजनीतिक मुद्दों को छोड़कर “सामोसे जैसे हल्के मुद्दों” को संसद में उठा रहे हैं। मान के अनुसार, ऐसे मुद्दे पार्टी की प्राथमिकताओं और दिशा से मेल नहीं खाते।
Punjab CM, Bhagwant Mann on not allowing Raghav Chadha to speak in the Parliament -
— Megh Updates 🚨™ (@MeghUpdates) April 3, 2026
“Instead of raising serious issues — like the matter of votes being wrongly cut (Vote-Chori).. or our workers being arrested in Gujarat — he raises the issue of SAMOSAS in the canteen.
I think… pic.twitter.com/Dm0yHiuUiu
मुख्यमंत्री मान ने आगे कहा कि जब देश में वोट कटौती (वोट चोरी) जैसे गंभीर आरोप और गुजरात में पार्टी कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी जैसे मुद्दे मौजूद हैं, तब इस प्रकार के विषयों को उठाना पार्टी लाइन के खिलाफ है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि चड्ढा का रुख ऐसा प्रतीत होता है मानो वह “किसी और स्टेशन से बोल रहे हों”, जिससे उनकी प्रतिबद्धता पर सवाल खड़े होते हैं। इसी संदर्भ में मान ने उन्हें “कम्प्रोमाइज्ड” तक कह दिया।
विवाद को और गहराई तब मिली जब पार्टी के वरिष्ठ नेताओं आतिशी और सौरभ भारद्वाज ने भी चड्ढा की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि संसद के बजट सत्र के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाए गए महाभियोग प्रस्ताव पर चड्ढा ने हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया। इस प्रस्ताव में चुनाव आयोग पर सत्तारूढ़ एनडीए सरकार के पक्ष में पक्षपात के आरोप लगाए गए थे।
राघव चढ्ढा जी से मेरे कुछ सवाल . pic.twitter.com/NNMyXYXijs
— Atishi (@AtishiAAP) April 3, 2026
आतिशी ने एक वीडियो संदेश में सीधे तौर पर चड्ढा से सवाल किया कि वह भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल पूछने से क्यों बच रहे हैं। उन्होंने पश्चिम बंगाल और दिल्ली में कथित वोट कटौती और चुनावी अनियमितताओं का हवाला देते हुए कहा कि ऐसे गंभीर मुद्दों पर चुप रहना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। सौरभ भारद्वाज ने भी इसी मुद्दे को उठाते हुए चड्ढा के रुख को पार्टी की सामूहिक रणनीति से अलग बताया।
इन आरोपों के बीच राघव चड्ढा ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि उन्हें “चुप कराया गया है, लेकिन वह पराजित नहीं हुए हैं।” उन्होंने यह भी दावा किया कि वह संसद में हमेशा जनहित के मुद्दे उठाते रहे हैं और आगे भी ऐसा करते रहेंगे।
Silenced, not defeated
— Raghav Chadha (@raghav_chadha) April 3, 2026
My message to the ‘aam aadmi’
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खामोश करवाया गया हूँ, हारा नहीं हूँ
'आम आदमी’ को मेरे संदेश pic.twitter.com/poUwxsu0S3
इस पूरे घटनाक्रम ने आम आदमी पार्टी के भीतर चल रहे आंतरिक मतभेदों को सार्वजनिक कर दिया है। यह विवाद न केवल पार्टी की एकजुटता पर असर डाल सकता है, बल्कि आगामी राजनीतिक रणनीतियों और संसद में उसकी भूमिका को भी प्रभावित कर सकता है। ऐसे समय में जब राष्ट्रीय राजनीति में विपक्ष की एकजुटता महत्वपूर्ण मानी जा रही है, AAP के भीतर यह खींचतान भविष्य की राजनीतिक दिशा को लेकर कई संकेत दे रही है।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
