नेपाल की सत्तारूढ़ RSP के प्रमुख रबी लामिछाने के नई दिल्ली दौरे ने भारत-नेपाल संबंधों को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है। भाजपा नेताओं द्वारा भव्य स्वागत, एस. जयशंकर और PM नरेंद्र मोदी से प्रस्तावित मुलाकात, तथा दोनों देशों के बीच नियमित राजनीतिक संवाद स्थापित करने की पहल इस यात्रा को बेहद महत्वपूर्ण बना रही है।

भारत और नेपाल के राजनीतिक संबंधों में एक महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ता दिखाई दे रहा है। नेपाल की सत्तारूढ़ राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (राष्ट्रिय स्वतन्त्र पार्टी-आरएसपी) के प्रमुख रबी लामिछाने के नई दिल्ली पहुंचने पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा किए गए गर्मजोशी भरे स्वागत ने दोनों देशों के बीच राजनीतिक संवाद को लेकर नई चर्चाओं को जन्म दिया है। यह दौरा केवल एक औपचारिक राजनीतिक यात्रा नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे भारत और नेपाल की सत्तारूढ़ पार्टियों के बीच संस्थागत स्तर पर संवाद स्थापित करने की दिशा में एक बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है।

रबी लामिछाने 1 जून को भाजपा के निमंत्रण पर नई दिल्ली पहुंचे। राजधानी पहुंचने पर भाजपा के वरिष्ठ नेताओं अरुण सिंह और विजय चौथाईवाले ने उनका स्वागत किया। लामिछाने तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं और उनका यह दौरा 1 जून से 5 जून तक प्रस्तावित है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह यात्रा दोनों देशों की राजनीति और कूटनीति के लिहाज से विशेष महत्व रखती है।

भाजपा और आरएसपी के बीच यह पहली औपचारिक उच्चस्तरीय राजनीतिक बातचीत मानी जा रही है। दोनों दलों का उद्देश्य नियमित पार्टी-टू-पार्टी संवाद की व्यवस्था स्थापित करना, संगठनात्मक अनुभवों का आदान-प्रदान करना, लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं पर चर्चा करना तथा भारत-नेपाल संबंधों को और अधिक मजबूत बनाना है। भाजपा के विदेश मामलों के विभाग के प्रमुख विजय चौथाईवाले ने कहा कि भाजपा नेपाल की सत्तारूढ़ राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के साथ नियमित संवाद का एक स्थायी माध्यम स्थापित करना चाहती है। उनके अनुसार, यह दोनों दलों के लिए एक नई शुरुआत है, जिससे भविष्य में लगातार राजनीतिक संवाद का मार्ग प्रशस्त हो सकता है।



नई दिल्ली प्रवास के दौरान रबी लामिछाने की भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात प्रस्तावित है। वह भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के साथ बैठक करेंगे। इसके अलावा भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ भी उनकी महत्वपूर्ण बातचीत निर्धारित की गई है। यह बैठक भाजपा मुख्यालय में होने की संभावना है, जहां भारत-नेपाल संबंधों, क्षेत्रीय सहयोग, राजनीतिक साझेदारी और विभिन्न द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।

दौरे का सबसे चर्चित और महत्वपूर्ण पहलू प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ प्रस्तावित मुलाकात को माना जा रहा है। जानकारी के अनुसार, लामिछाने की प्रधानमंत्री मोदी से बुधवार को मुलाकात हो सकती है। हालांकि बैठक के अंतिम कार्यक्रम को लेकर आधिकारिक पुष्टि शेष है, लेकिन इसे इस पूरे दौरे का सबसे महत्वपूर्ण कूटनीतिक क्षण माना जा रहा है। माना जा रहा है कि इस दौरान दोनों देशों के संबंधों को नई गति देने और क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा हो सकती है।

भाजपा के विदेश मामलों के विभाग ने आरएसपी प्रतिनिधिमंडल के सम्मान में एक विशेष रात्रिभोज का भी आयोजन किया है। इसके अलावा लामिछाने भाजपा मुख्यालय में औपचारिक स्वागत समारोह में भाग लेंगे, भारत में रह रहे नेपाली समुदाय के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे तथा अयोध्या की यात्रा भी करेंगे। उनके कार्यक्रम में विभिन्न राजनीतिक नेताओं, राजनयिकों और सामाजिक प्रतिनिधियों के साथ संवाद भी शामिल है।



यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब भारत और नेपाल के संबंध कुछ संवेदनशील मुद्दों के कारण चर्चा में हैं। हाल ही में नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ‘बालेन’ की टिप्पणियों के बाद नेपाल में राजनीतिक विवाद और विरोध प्रदर्शन देखने को मिले थे। यह विवाद कालापानी, लिपुलेख और लिम्पियाधुरा जैसे विवादित सीमा क्षेत्रों को लेकर नेपाल की स्थिति से जुड़ा हुआ था। ऐसे समय में भारत द्वारा नेपाल की सत्तारूढ़ पार्टी के साथ सीधा राजनीतिक संवाद स्थापित करने की पहल को दोनों देशों के बीच विश्वास और संपर्क बनाए रखने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।

नेपाल की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के उभरते राजनीतिक प्रभाव और सरकार गठन के बाद भाजपा और आरएसपी के बीच यह पहली औपचारिक राजनीतिक सहभागिता है। यही कारण है कि इस यात्रा पर दक्षिण एशियाई राजनीति के जानकारों और कूटनीतिक विशेषज्ञों की विशेष नजर बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल केवल दो राजनीतिक दलों के बीच संपर्क तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि भविष्य में भारत-नेपाल संबंधों की दिशा और स्वरूप को भी प्रभावित कर सकती है।

रबी लामिछाने का नई दिल्ली में हुआ गर्मजोशी भरा स्वागत इस बात का संकेत माना जा रहा है कि भारत नेपाल की वर्तमान सत्तारूढ़ नेतृत्व व्यवस्था के साथ अपने राजनीतिक और संस्थागत संबंधों को और अधिक मजबूत करना चाहता है। ऐसे समय में जब दोनों देशों के बीच कई संवेदनशील मुद्दों पर चर्चा जारी है, यह दौरा राजनीतिक संवाद, क्षेत्रीय सहयोग और द्विपक्षीय संबंधों को नई मजबूती प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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