रत्ना देबनाथ की बढ़त ने बदला TMC का खेल ; क्या RG Kar कांड की आग अब दिखेगी चुनावी नतीजों में?
पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 में पानीहाटी सीट पर रत्ना देबनाथ की बढ़त ने आरजी कर मेडिकल कॉलेज कांड को केंद्र में ला दिया है। हर राउंड में बदलते रुझानों के बीच यह सीट भावनात्मक और राजनीतिक संघर्ष का प्रतीक बन गई है, जहां महिलाओं की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बड़ा मुद्दा बना हुआ है।

पानीहाटी सीट से भाजपा उम्मीदवार रत्ना देबनाथ
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में उत्तर 24 परगना का पानीहाटी सीट इस बार सिर्फ एक चुनावी क्षेत्र नहीं, बल्कि भावनाओं, आक्रोश और राजनीतिक रणनीतियों का केंद्र बन गया है। आरजी कर मेडिकल कॉलेज में 2024 में हुई दर्दनाक घटना की प्रतिध्वनि इस सीट पर स्पष्ट रूप से सुनाई दे रही है, जहां भारतीय जनता पार्टी की उम्मीदवार रत्ना देबनाथ शुरुआती रुझानों में तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार तिर्थंकर घोष पर बढ़त बनाए हुए हैं।
मतगणना के शुरुआती दौर में रत्ना देबनाथ करीब 5,067 वोटों से आगे चल रही थीं, हालांकि गिनती अभी जारी है और अंतिम परिणाम आना बाकी है। दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को हुए मतदान के बाद यह सीट राज्य की सबसे चर्चित और हाई-प्रोफाइल सीटों में शामिल हो गई है। तिर्थंकर घोष, जो पांच बार के विधायक के पुत्र हैं, इस मुकाबले को और भी दिलचस्प बनाते हैं।
TMC workers pulled my hair, threw things at me, abused me and my husband, attacked me and my team. - Smt Ratna Debnath, BJP candidate from Panihati and mother of the RG Kar victim.
— Anand Ranganathan (@ARanganathan72) May 4, 2026
Ratna Debnath is leading in this TMC bastion by 5067 votes. pic.twitter.com/p5oSIgapVt
रत्ना देबनाथ, जो आरजी कर मेडिकल कॉलेज में दुष्कर्म और हत्या की शिकार पोस्टग्रेजुएट ट्रेनी डॉक्टर की मां हैं, इस चुनाव में बीजेपी के टिकट पर मैदान में उतरी हैं। उनका पूरा चुनावी अभियान उसी मुद्दे के इर्द-गिर्द केंद्रित रहा जिसने पूरे देश को झकझोर दिया था महिलाओं की सुरक्षा, न्यायिक जवाबदेही और राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति। उन्होंने चुनावी सभाओं में यह स्पष्ट कहा कि वह अपनी बेटी और उन सभी महिलाओं के लिए लड़ रही हैं, जिनकी सुरक्षा खतरे में है। उन्होंने राज्य की मुख्यमंत्री और सत्ताधारी दल पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी बेटी की मौत के लिए शासन और उसके नेता जिम्मेदार हैं।
मतगणना के राउंड-दर-राउंड रुझानों ने इस सीट को और भी रोमांचक बना दिया है। शुरुआती राउंड में रत्ना देबनाथ ने बढ़त बनाई और सहानुभूति की लहर का असर साफ दिखाई दिया। मध्य राउंड में तृणमूल कांग्रेस ने वापसी करते हुए अंतर को कम किया और कुछ समय के लिए बढ़त भी हासिल की, जिससे मुकाबला बेहद कांटे का हो गया। हालांकि बाद के राउंड में रत्ना देबनाथ ने फिर से बढ़त हासिल कर ली, लेकिन यह बढ़त अभी भी स्थिर नहीं मानी जा रही है। हर राउंड के साथ बदलते रुझान इस सीट को पूरी तरह से अनिश्चित और दिलचस्प बनाए हुए हैं।
कानूनी और प्रशासनिक दृष्टि से भी यह मामला बेहद संवेदनशील रहा है, क्योंकि आरजी कर कांड ने राज्य की कानून-व्यवस्था और न्यायिक प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े किए थे। यही कारण है कि इस चुनाव में यह मुद्दा केवल एक घटना तक सीमित नहीं रहा, बल्कि व्यापक राजनीतिक विमर्श का हिस्सा बन गया। पानीहाटी सीट पर यह चुनाव अब एक साधारण राजनीतिक मुकाबला नहीं रह गया है, बल्कि यह न्याय, सुरक्षा और शासन की जवाबदेही पर जनता के फैसले का प्रतीक बन चुका है। अंतिम परिणाम चाहे जो भी हो, यह स्पष्ट है कि आरजी कर कांड ने इस चुनाव की दिशा और दशा दोनों को गहराई से प्रभावित किया है।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
