बेटे के मंत्री बनते ही AIADMK से अलग हुए पूर्व स्पीकर ; पी. धनपाल ने पार्टी छोड़ने की बताई वजह
तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है, जहां पूर्व विधानसभा अध्यक्ष पी. धनपाल ने AIADMK से अलग होने की घोषणा कर दी। उन्होंने पार्टी नेतृत्व पर उपेक्षा और नजरअंदाज करने का आरोप लगाया। यह बयान उस समय आया जब उनके बेटे डी. लोगेश तमिलसेलवन ने CM सी. जोसेफ विजय की TVK सरकार में मंत्री पद की शपथ ली।

पूर्व विधानसभा अध्यक्ष पी धनपाल
तमिलनाडु की राजनीति में गुरुवार को उस समय बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया, जब राज्य विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष और AIADMK के वरिष्ठ नेता पी. धनपाल ने सार्वजनिक रूप से घोषणा कर दी कि अब उनका एआईएडीएमके से कोई संबंध नहीं है। लंबे समय तक पार्टी का अहम चेहरा रहे धनपाल का यह बयान ऐसे समय आया है, जब तमिलनाडु की राजनीति में सत्ता परिवर्तन के बाद AIADMK लगातार अंदरूनी असंतोष और टूट का सामना कर रही है।
पी. धनपाल ने यह घोषणा उस दिन की, जब उनके बेटे और तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) विधायक डी. लोगेश तमिलसेल्वन को मुख्यमंत्री सी. जोसफ विजय की सरकार में मंत्री पद की शपथ दिलाई गई। चेन्नई स्थित लोक भवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने लोगेश तमिलसेलवन को मंत्री पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। उन्हें वाणिज्यिक कर एवं पंजीकरण विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
रासीपुरम (SC) विधानसभा सीट से टीवीके के टिकट पर चुनाव जीतने वाले लोगेश तमिलसेलवन के शपथ ग्रहण समारोह में स्वयं पी. धनपाल भी मौजूद रहे। समारोह के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने साफ कहा कि वह काफी समय पहले ही AIADMK छोड़ चुके थे। उन्होंने बताया कि पार्टी नेतृत्व द्वारा उन्हें लगातार नजरअंदाज किया गया और उचित महत्व नहीं दिया गया, जिससे वह आहत थे।
धनपाल ने कहा कि वह पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे हैं और सार्वजनिक गतिविधियों से दूर थे, लेकिन अपने बेटे को मुख्यमंत्री विजय की कैबिनेट में मंत्री बनते देखने के लिए समारोह में पहुंचे। उन्होंने इस अवसर पर खुशी जताते हुए कहा कि अपने बेटे को मंत्री पद की शपथ लेते देखना उनके लिए गर्व का क्षण है।
पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ने AIADMK नेतृत्व पर अप्रत्यक्ष हमला बोलते हुए कहा कि पार्टी में उन्हें लगातार किनारे किया गया। उन्होंने संकेत दिए कि इसी उपेक्षा के कारण उनके बेटे ने भी AIADMK छोड़कर टीवीके का दामन थामा और अब मंत्री बने हैं। जब उनसे एआईएडीएमके में जारी विभाजन और कई विधायकों के टीवीके के समर्थन में जाने को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व अब उसके परिणाम भुगत रहा है।
पी. धनपाल तमिलनाडु विधानसभा के अध्यक्ष के रूप में वर्ष 2012 से 2016 और फिर 2016 से 2021 तक कार्यरत रहे थे। AIADMK शासनकाल के दौरान वह पार्टी के प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते थे। ऐसे में उनका पार्टी से अलग होना केवल एक व्यक्तिगत राजनीतिक फैसला नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे राज्य की बदलती राजनीतिक दिशा और एआईएडीएमके के भीतर गहराते संकट के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
तमिलनाडु की राजनीति में यह घटनाक्रम इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि हालिया विधानसभा चुनावों के बाद टीवीके तेजी से अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करती दिखाई दे रही है। वहीं, एआईएडीएमके के भीतर बढ़ती नाराजगी और वरिष्ठ नेताओं के असंतोष ने पार्टी नेतृत्व के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है। पी. धनपाल का खुलकर सामने आना इस राजनीतिक उथल-पुथल को और अधिक गंभीर बना सकता है।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
