वो एक गलती और करियर खत्म; जानें किस दिग्गज नेता को कांग्रेस ने दिखाया बाहर का दरवाजा
कर्नाटक कांग्रेस ने महिला नगर आयुक्त को धमकी और गाली देने के आरोप में वरिष्ठ नेता राजीव गौड़ा को निलंबित कर दिया है। हाई कोर्ट ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए 'अनियंत्रित जुबान' और 'मानसिकता' पर गंभीर सवाल उठाए हैं। डीके शिवकुमार के करीबी माने जाने वाले राजीव गौड़ा फिलहाल फरार हैं। अनुशासनहीनता पर पार्टी की इस बड़ी कार्रवाई की पूरी विस्तृत रिपोर्ट यहाँ पढ़ें।

Karnataka Congress Suspension : कर्नाटक की सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी ने अनुशासनहीनता और महिला अधिकारी के प्रति अभद्र व्यवहार के मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए वरिष्ठ नेता राजीव गौड़ा को पार्टी से निलंबित कर दिया है। शिदलाघट्टा से पूर्व विधानसभा प्रत्याशी रहे राजीव गौड़ा पर एक महिला नगर आयुक्त को फोन पर गाली देने और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी देने का गंभीर आरोप है। इस घटना ने न केवल राज्य की राजनीति में भूचाल ला दिया है, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी कांग्रेस पार्टी को भारी फजीहत का सामना करना पड़ा है।
विवाद की जड़: एक फोन कॉल और अनियंत्रित जुबान
यह पूरा मामला 14 जनवरी को तब शुरू हुआ जब शिदलाघट्टा की नगर आयुक्त अमृता गौड़ा ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। आरोप है कि राजीव गौड़ा ने अपनी तस्वीर वाला बैनर हटाए जाने से नाराज होकर नगर आयुक्त को फोन किया और उनके साथ अत्यंत अभद्र भाषा का प्रयोग किया।
FIR और फरारी: शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया, लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि घटना के 10 दिन बाद भी पुलिस आरोपी नेता का पता नहीं लगा पाई है।
अनुशासन समिति का कड़ा रुख: कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) की अनुशासन समिति के अध्यक्ष के. रहमान खान ने आदेश जारी करते हुए कहा कि मामले की गंभीरता और पार्टी की छवि को देखते हुए यह निलंबन तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है।
हाई कोर्ट की सख्त टिप्पणी: 'अनियंत्रित जुबान सब बर्बाद कर देती है'
इस मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब कर्नाटक हाई कोर्ट ने राजीव गौड़ा की एफआईआर रद्द करने वाली याचिका पर सुनवाई की। जस्टिस एम. नागप्रसन्ना की अध्यक्षता वाली बेंच ने फरार नेता को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा:
"क्या याचिकाकर्ता को महिलाओं के प्रति कोई सम्मान नहीं है? एक अनियंत्रित ज़ुबान सब कुछ बर्बाद कर सकती है और माफी मांगने से भी उस मानसिकता में सुधार नहीं होगा।" अदालत ने राज्य सरकार से भी सवाल किया कि इतने गंभीर आरोपों के बावजूद नेता के खिलाफ कड़ी धाराएं क्यों नहीं लगाई गईं।
सियासी गलियारों में हड़कंप :
राजीव गौड़ा को उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और खाद्य मंत्री केएच मुनियप्पा का बेहद करीबी माना जाता है। हालांकि, विवाद बढ़ते देख डीके शिवकुमार ने स्पष्ट संदेश दिया कि महिलाओं का अपमान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पार्टी ने उन्हें 15 जनवरी को कारण बताओ नोटिस जारी किया था, जिसका जवाब न मिलने पर कार्यकारी अध्यक्ष जी.सी. चंद्रशेखर की सिफारिश पर उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
