digvijay singh post modi advani photo controversy : कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह की एक सोशल मीडिया पोस्ट ने राष्ट्रीय राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी की दशकों पुरानी एक श्वेत-श्याम तस्वीर साझा करते हुए दिग्विजय सिंह ने संघ–भाजपा की कार्यसंस्कृति पर टिप्पणी की, जिसे लेकर भारतीय जनता पार्टी ने तीखा पलटवार किया है और कांग्रेस नेतृत्व, विशेषकर राहुल गांधी, को निशाने पर ले लिया है।

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर क्वोरा से लिया गया एक स्क्रीनशॉट साझा किया। इस तस्वीर में भाजपा के दिग्गज नेता लालकृष्ण आडवाणी गुजरात में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान मंच पर दिखाई देते हैं, जबकि नरेंद्र मोदी उनके समीप ज़मीन पर बैठे नज़र आते हैं। इस तस्वीर को साझा करते हुए दिग्विजय सिंह ने आडवाणी का उल्लेख करते हुए लिखा कि यह दृश्य संघ और जनसंघ की उस परंपरा को दर्शाता है, जहाँ ज़मीनी स्तर से जुड़े कार्यकर्ता आगे बढ़कर मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री जैसे पदों तक पहुँचते हैं। उन्होंने इसे संगठन की शक्ति बताते हुए पोस्ट का अंत ‘जय सिया राम’ के साथ किया।

बताया जाता है कि यह तस्वीर 1990 के दशक की है और वर्ष 1996 में गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री शंकरसिंह वाघेला के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान ली गई थी। यह फोटो गुजरात की राजनीति में नरेंद्र मोदी के उभार के शुरुआती दौर का प्रतीक मानी जाती है, जब वे संगठनात्मक भूमिका में सक्रिय थे और भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के साथ काम कर रहे थे।

दिग्विजय सिंह की इस टिप्पणी को लेकर भाजपा ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। पार्टी प्रवक्ता सीआर केशवन ने इसे कांग्रेस के कथित तानाशाही और अलोकतांत्रिक नेतृत्व का प्रमाण बताया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या राहुल गांधी इस पोस्ट के माध्यम से उजागर हुए तथ्यों पर प्रतिक्रिया देंगे और यह स्वीकार करेंगे कि कांग्रेस किस तरह एक परिवार-केंद्रित और निरंकुश ढंग से चलाई जाती रही है। भाजपा का कहना है कि यह पोस्ट अनजाने में ही कांग्रेस और भाजपा के नेतृत्व मॉडल के बीच के अंतर को उजागर करती है।

इस विवाद के बीच दिग्विजय सिंह के राजनीतिक भविष्य को लेकर भी चर्चाएं तेज़ हो गई हैं। उनका राज्यसभा का दूसरा कार्यकाल वर्ष 2026 की शुरुआत में समाप्त हो रहा है और पार्टी के भीतर तीसरे कार्यकाल की संभावना को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। मध्य प्रदेश कांग्रेस में कमलनाथ और मीनाक्षी नटराजन को राज्यसभा के प्रबल दावेदार माना जा रहा है, जबकि प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और विधायक दल के नेता उमंग सिंगार के नाम भी चर्चा में हैं।

एक पुरानी तस्वीर से शुरू हुआ यह विवाद अब कांग्रेस और भाजपा के नेतृत्व, संगठनात्मक संस्कृति और आंतरिक लोकतंत्र की बहस में बदल चुका है, जिसने आने वाले समय में राजनीतिक सरगर्मियों को और तेज़ कर दिया है।

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Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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