बिहार में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया पूरी रफ्तार से चल रही है और राजनैतिक गलियारों में संभावित मंत्रियों की एक विस्तृत सूची चर्चा में है। सूत्रों के मुताबिक, एनडीए के घटक दलों में क्लेश‑संवेदनशील जाति समीकरण और राजनैतिक समीकरण को ध्यान में रखते हुए कैबिनेट साझा करने की योजना बनाई जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स में यह कहा जा रहा है कि बीजेपी कोटे में सम्राट चौधरी, रामकृपाल यादव, नितिन नवीन, मंगल पांडे, हरि सहनी और विजय सिन्हा जैसे नाम संभावित मंत्रिपद के दावेदारों में शामिल हैं।


वहीं जेडीयू के लिए विजय चौधरी, बिजेंद्र प्रसाद यादव, श्रवण कुमार, अशोक चौधरी, लेशी सिंह, मदन सहनी, जयंत राज और सुनील कुमार की फिर से मंत्रिमंडल में शामिल होने की संभावना है। इन नामों पर पार्टी के अंदर और गठबंधन के बीच गहरे समीकरण बनाए गए हैं। इसके अलावा, एलजेपी (राम विलास) से राजू तिवारी, संजय पासवान और डेहरी विधायक राजीव रंजन सिंह को मंत्री पद दिए जाने की चर्चा हो रही है।


साथ ही, अन्य घटकों में हम (से) जीतन राम मांझी के बेटे संतोष सुमन और राष्ट्र लोक मोर्चा (RLM) के उपेंद्र कुशवाहा की पत्नी स्नेहलता कुशवाहा को भी मंत्री बनाए जाने की उम्मीद की जा रही है। ये प्रस्तावित नाम सिर्फ व्यक्तिगत चयन नहीं हैं, बल्कि एनडीए के भीतर जातिगत प्रतिनिधित्व और सत्ता-साझाकरण की रणनीति का हिस्सा माने जा रहे हैं। सूत्रों का यह भी कहना है कि नई कैबिनेट में 16-17 मंत्री बीजेपी के होंगे, 14 उनसे जेडीयू के, तीन एलजेपी (RV) को और 1-2 मंत्रिपद HAM और RLM को देंगे।


इस संभावित मंत्रिमंडल का गठन न सिर्फ गठबंधन के अंदर संतुलन बनाने की कोशिश है, बल्कि यह गठबंधन में भागीदारों को उनकी जनाधार और सियासी पहचान के अनुरूप प्रतिनिधित्व देने का संकेत भी है। यदि यह सूची वास्तविक रूप लेती है, तो नई सरकार की दिशा और प्राथमिकताएँ मौजूदा राजनैतिक समीकरणों और सामाजिक गठजोड़ों को दर्शाएंगी।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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