सीबीआई द्वारा संस्थान के संचालक की गिरफ्तारी के बाद अकोला में राजनीतिक हंगामा, मनसे ने साइनबोर्ड तोड़े और कांग्रेस ने फूंका शिक्षा मंत्री का पुतला।

देश की सबसे प्रतिष्ठित चिकित्सा प्रवेश परीक्षा नीट में कथित पेपर लीक का मामला अब पूरी तरह से राजनीतिक रंग ले चुका है। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा रेणुकाई करियर सेंटर (आरसीसी) के संचालक शिवराज मोटेगावकर की गिरफ्तारी के बाद महाराष्ट्र के अकोला शहर में चौतरफा विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। इस गिरफ्तारी ने न केवल कोचिंग उद्योग की साठगांठ को उजागर किया है, बल्कि देश भर के लाखों परीक्षार्थियों के भविष्य पर भी सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। घटनाक्रम के विरोध में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) और कांग्रेस ने अलग-अलग मोर्चों पर उतरकर तीखा आक्रोश व्यक्त किया है, जिससे शहर में प्रशासनिक और राजनीतिक सरगर्मी चरम पर पहुंच गई है।

अकोला में सोमवार को मनसे कार्यकर्ताओं और उनके छात्र संगठन के सदस्यों ने उग्र रुख अख्तियार करते हुए रेणुकाई करियर सेंटर की दो स्थानीय शाखाओं पर धावा बोल दिया। प्रदर्शनकारियों ने संस्थान के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कोचिंग सेंटर के मुख्य साइनबोर्डों पर कालिख पोत दी। आक्रोशित कार्यकर्ताओं का गुस्सा यहीं शांत नहीं हुआ, उन्होंने कोचिंग सेंटर के होर्डिंग्स को उखाड़कर जमीन पर फेंक दिया और उन्हें पूरी तरह से नष्ट कर दिया। मनसे पदाधिकारियों का आरोप है कि इस प्रकार के व्यावसायिक संस्थानों ने देश भर के करीब 22 लाख चिकित्सा अभ्यर्थियों के सुनहरे भविष्य को अंधकार में धकेलने का काम किया है। संगठन ने चेतावनी दी है कि शहर में ऐसे किसी भी दागी कोचिंग संस्थान को संचालित नहीं होने दिया जाएगा।

आंदोलन को और धार देते हुए महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने संस्थान प्रबंधन के सामने एक सख्त समय-सीमा भी निर्धारित कर दी है। मनसे ने मांग की है कि इस सत्र में प्रवेश लेने वाले सभी नए विद्यार्थियों की पूरी फीस आगामी आठ दिनों के भीतर वापस की जाए। कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित समय सीमा में छात्रों के पैसों का रिफंड नहीं किया गया, तो इस आंदोलन को और अधिक उग्र और व्यापक रूप दिया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन और संस्थान की होगी। इस चेतावनी के बाद से ही कोचिंग संस्थान के परिसरों के बाहर सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया गया है।

दूसरी ओर, इस संवेदनशील मुद्दे पर मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने भी सरकार को घेरने के लिए सड़क पर मोर्चा खोल दिया। अकोला पश्चिम के विधायक साजिद खान पठान के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी कार्यालय के समीप एक विशाल विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और उसकी नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। विपक्षी दल ने आरोप लगाया कि वर्तमान शासनकाल में शिक्षा से लेकर लगभग हर महत्वपूर्ण क्षेत्र में भ्रष्टाचार का तंत्र पूरी तरह हावी हो चुका है। कांग्रेस प्रवक्ताओं ने कहा कि नीट जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा का पेपर लीक होना किसी एक व्यक्ति की चूक नहीं, बल्कि पूरी व्यवस्था की विफलता का प्रत्यक्ष प्रमाण है।

इस राजनीतिक प्रतिशोध और प्रदर्शन के चरम पर, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के पुतले और पोस्टर फूंककर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि इस प्रश्नपत्र लीक कांड के पीछे छिपे सभी बड़े चेहरों को बेनकाब कर उनके खिलाफ कठोरतम दंडात्मक कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही, कांग्रेस ने देश की परीक्षा प्रणाली में व्यापक और पारदर्शी सुधार लागू करने की आवश्यकता पर बल दिया है ताकि भविष्य में किसी भी मेधावी छात्र के साथ इस प्रकार का अन्याय न हो।

विधिक और आधिकारिक मोर्चे पर, सीबीआई इस पूरे रैकेट की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 और भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न सुसंगत धाराओं के तहत जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। जांच एजेंसी इस बात की तहकीकात कर रही है कि परीक्षा से पूर्व लीक हुए रसायन विज्ञान के प्रश्न और उत्तर किस प्रकार डिजिटल माध्यमों से विभिन्न केंद्रों तक पहुंचाए गए। अकोला में हुआ यह जन-आक्रोश इस बात का साफ संकेत है कि शिक्षा के बाजारीकरण और प्रश्नपत्रों की अनैतिक खरीद-फरोख्त को लेकर अब आम जनता और राजनीतिक दलों का धैर्य पूरी तरह से जवाब दे चुका है।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

Next Story