NCP Merging: पार्थ पवार के कामकाज से नाराजगी, दोनों एनसीपी के विलय की चर्चा तेज
प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे की मुलाकात के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में दोनों एनसीपी गुटों के एकीकरण की अटकलों को फिर से बल मिला है।

तस्वीर में शरद पवार और अन्य नेता दिख रहे हैं, जो महाराष्ट्र में एनसीपी विलय पर चर्चा कर रहे हैं।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के दोनों गुटों के विलय को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। पार्टी प्रमुख के बड़े बेटे पार्थ पवार के कामकाज के तरीके से नाराज एनसीपी के कुछ वरिष्ठ नेता शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के साथ विलय की बातचीत दोबारा शुरू करने की संभावना तलाश रहे हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि इस पूरी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए बीजेपी को भी भरोसे में लिया जा सकता है।
एनसीपी प्रमुख शरद पवार इन दिनों इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती हैं। सूत्रों के मुताबिक, शरद पवार ने एनसीपी के अजित पवार गुट के नेताओं प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे के सामने दोनों राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टियों के विलय की इच्छा जताई है। इस बीच शरद पवार से मुलाकात के बाद सुनील तटकरे के एक बयान ने महाराष्ट्र की सियासत में नई अटकलों को जन्म दे दिया है।
तटकरे ने कहा कि यदि अजित दादा जीवित होते तो दोनों एनसीपी का विलय 12 फरवरी को ही पूरा हो गया होता। प्रफुल्ल पटेल के ब्रीच कैंडी अस्पताल में शरद पवार से मुलाकात करने के कुछ ही घंटों बाद आए तटकरे के इस बयान को दोनों गुटों के बीच विलय की संभावनाओं से जोड़कर देखा जा रहा है। इसके बाद राजनीतिक गलियारों में दोनों एनसीपी के जल्द एकजुट होने की चर्चाएं तेज हो गईं।
दरअसल, अजित पवार के निधन के बाद एनसीपी के शरद पवार गुट के नेता जयंत पाटील ने दावा किया था कि अजित पवार दोनों राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टियों के विलय के लिए सहमत हो गए थे। हालांकि, उस समय प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे ने इस दावे पर अलग रुख अपनाते हुए कहा था कि अजित पवार ने विलय के संबंध में उन्हें कोई जानकारी नहीं दी थी।
शुक्रवार को दिनभर दोनों एनसीपी गुटों के विलय को लेकर राजनीतिक अटकलों का दौर जारी रहा। शरद पवार से मुलाकात, सुनील तटकरे का बयान और पहले सामने आए अलग-अलग दावों ने विलय की संभावनाओं को फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि दोनों गुटों के बीच बातचीत किस दिशा में आगे बढ़ती है और क्या इस बार विलय की प्रक्रिया किसी निर्णायक मुकाम तक पहुंच पाएगी।

Pratahkal Bureau
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