नई दिल्ली: देश की आंतरिक और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी मौजूदा चुनौतियों पर सोमवार से दो दिवसीय राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति सम्मेलन (NSSC) में व्यापक मंथन शुरू होगा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सोमवार और मंगलवार को होने वाले इस सम्मेलन का नेतृत्व करेंगे। बैठक में आतंकवाद, साइबर अपराध, वित्तीय धोखाधड़ी, मादक पदार्थों की तस्करी, एन्क्रिप्टेड कम्युनिकेशन ऐप्स, घुसपैठ और अवैध आव्रजन समेत कई अहम सुरक्षा मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।

NSSC के नौवें संस्करण का आयोजन हाइब्रिड प्रारूप में किया जा रहा है। इसमें विभिन्न केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों, सुरक्षा बलों और राज्य पुलिस बलों के 850 से अधिक वरिष्ठ अधिकारी प्रत्यक्ष और वर्चुअल माध्यम से हिस्सा लेंगे। सम्मेलन में सुरक्षा से जुड़े मामलों पर जमीनी स्तर पर काम करने वाले अधिकारियों के अनुभवों और विषय विशेषज्ञों की राय को भी चर्चा का हिस्सा बनाया जाएगा। इसका उद्देश्य बदलती सुरक्षा चुनौतियों का आकलन करते हुए उनसे निपटने के लिए रणनीतियों को और मजबूत करना है।

बैठक के एजेंडे में आतंकवाद को प्रमुख मुद्दे के तौर पर रखा गया है। इसके साथ साइबर अपराध और वित्तीय धोखाधड़ी जैसी डिजिटल और आर्थिक चुनौतियों पर भी चर्चा होगी। मादक पदार्थों की तस्करी तथा एन्क्रिप्टेड कम्युनिकेशन ऐप्स के इस्तेमाल से जुड़ी सुरक्षा चुनौतियों पर भी अधिकारियों के बीच विचार-विमर्श होगा। घुसपैठ और अवैध आव्रजन जैसे मुद्दों पर भी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के उपायों पर चर्चा प्रस्तावित है।

सम्मेलन में विमानन और बंदरगाह सुरक्षा से जुड़े विषय भी शामिल हैं। इसके अलावा आतंकवादी गतिविधियों और तस्करी में शामिल भगोड़ों को देश वापस लाने के लिए केंद्रीय एजेंसियों और राज्य पुलिस के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने के तरीकों पर भी विचार किया जाएगा। अलग-अलग एजेंसियों के बीच समन्वय को प्रभावी बनाने पर जोर देने का उद्देश्य सुरक्षा मामलों में सूचनाओं और कार्रवाई के स्तर पर बेहतर सहयोग सुनिश्चित करना है।

राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति सम्मेलन की शुरुआत उस पहल के तहत हुई थी, जिसे 2016 में आयोजित डीजीपी और आईजीपी सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे बढ़ाया था। उन्होंने सुरक्षा और पुलिस प्रमुखों को हर वर्ष ऐसा सम्मेलन आयोजित करने का निर्देश दिया था। इसका उद्देश्य राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी प्रमुख चुनौतियों पर समाधान तलाशने के लिए जमीनी स्तर पर कार्यरत अधिकारियों के अनुभव और विषय विशेषज्ञों की विशेषज्ञता को एक मंच पर लाना है।

NSSC इसी उद्देश्य के तहत देश के सुरक्षा तंत्र को बदलते खतरों के अनुरूप तैयार करने और केंद्र तथा राज्यों के बीच समन्वय को मजबूत करने पर केंद्रित है। दो दिनों तक चलने वाली यह बैठक देश के सामने मौजूद विभिन्न सुरक्षा चुनौतियों और उनसे निपटने की रणनीतियों पर केंद्रित रहेगी।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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