कच्चा तेल सस्ता, फिर क्यों महंगा हुआ पेट्रोल? खड़गे ने ईंधन कीमतों को लेकर केंद्र पर साधा निशाना
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर मोदी सरकार पर बड़ा हमला बोला है। खड़गे ने सवाल उठाया कि जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल सस्ता हुआ तो जनता को राहत क्यों नहीं मिली। पिछले 11 दिनों में लगातार चौथी बार बढ़े ईंधन दामों ने देशभर में राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे
देश में लगातार बढ़ती पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर सियासत एक बार फिर गरमा गई है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मंगलवार को नरेंद्र मोदी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए सवाल उठाया कि जब पिछले 12 वर्षों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई, तब आम जनता को राहत क्यों नहीं दी गई। खड़गे ने केंद्र सरकार पर जनता से “लगातार वसूली” करने का आरोप लगाते हुए कहा कि ईंधन की बढ़ती कीमतों ने देशभर में महंगाई को और गंभीर बना दिया है।
खड़गे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए प्रेस सूचना ब्यूरो के आधिकारिक आंकड़ों का हवाला दिया। उन्होंने 26 मई 2014 और मौजूदा समय की ईंधन कीमतों की तुलना करते हुए कहा कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली बार सत्ता संभाली थी, तब भारतीय कच्चे तेल की कीमत लगभग 108.05 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल थी और डॉलर के मुकाबले रुपया 58.59 पर था। उस समय देश में पेट्रोल की कीमत 71.51 रुपये प्रति लीटर और डीजल 56.71 रुपये प्रति लीटर बिक रहा था।
कांग्रेस अध्यक्ष ने दावा किया कि वर्तमान समय में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 99 डॉलर प्रति बैरल से नीचे है, लेकिन इसके बावजूद देश के कई हिस्सों में पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच चुका है। उन्होंने कहा कि बीते वर्षों में जहां कच्चा तेल सस्ता हुआ, वहीं पेट्रोल करीब 42.8 प्रतिशत और डीजल लगभग 67.9 प्रतिशत महंगा हो गया। खड़गे ने सवाल उठाया कि आखिर इस “रोज़ाना की लूट” का फायदा किसे मिल रहा है।
“हाथ कंगन को आरसी क्या,
— Mallikarjun Kharge (@kharge) May 26, 2026
पढ़े-लिखे को फ़ारसी क्या!”
PIB के अधिकृत बयान के अनुसार, आज से ठीक बारह साल पहले 26 मई 2014 को जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सत्ता संभाली थी, उस दिन भारतीय basket का कच्चा तेल $108.05 प्रति बैरल था और डॉलर-रुपया exchange rate 58.59 रुपए थी। उस समय… pic.twitter.com/HzqJZhY0wW
उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम कम होने के बावजूद जनता को राहत देने के बजाय टैक्स और उत्पाद शुल्क बढ़ाकर राजस्व संग्रह को प्राथमिकता दी। खड़गे ने कहा कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि केवल वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहती, बल्कि इसका सीधा असर परिवहन लागत, खाद्य वस्तुओं की कीमतों, घरेलू बजट और आम लोगों की जीवनशैली पर पड़ता है।
यह बयान ऐसे समय आया है जब सरकारी तेल कंपनियों ने पिछले दो सप्ताह के भीतर चौथी बार पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की है। सोमवार को तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 2.61 रुपये से 2.71 रुपये प्रति लीटर तक की नई वृद्धि की घोषणा की। पिछले 11 दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कुल मिलाकर लगभग 7.5 से 8 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
इस मुद्दे पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गाँधी ने भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी को “महंगाई मानव” बताते हुए आरोप लगाया कि चुनाव खत्म होने के बाद आम जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ाया जा रहा है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि लगातार बढ़ती ईंधन कीमतों ने मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों की आर्थिक स्थिति को और कठिन बना दिया है।
दूसरी ओर, सरकारी तेल कंपनियों का तर्क है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और विशेष रूप से ईरान से जुड़े संघर्ष के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। तेल विपणन कंपनियों का कहना है कि लंबे समय तक कीमतों को स्थिर रखने के बाद अब उन्हें बढ़ती लागत की भरपाई करनी पड़ रही है। देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर बढ़ती राजनीतिक बहस ने एक बार फिर महंगाई, टैक्स नीति और आम नागरिकों की आर्थिक परेशानियों को राष्ट्रीय चर्चा के केंद्र में ला खड़ा किया है। आने वाले दिनों में ईंधन की कीमतों में और बदलाव होता है या सरकार राहत देती है, इस पर पूरे देश की नजर बनी हुई है।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
