सोनारपुर हमले के पीछे बड़ी साज़िश? टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा के तीन फोटोज़ ने हिला दी बंगाल की सियासत
महुआ मोइत्रा ने सोनारपुर में पत्थर फेंकने वाली सुष्मिता दत्ता की अमित शाह और अग्निमित्रा पॉल के साथ तस्वीरें जारी कर राजनीतिक हमला बोला।

सांसद अभिषेक बनर्जी पर कथित तौर पर हमला करने वाली सुष्मिता दत्ता की शीर्ष नेताओं के साथ तस्वीरें दिखातीं टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा (दाएं)।
पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर इलाके में ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए कथित हिंसक हमले के बाद राज्य का राजनीतिक तापमान चरम पर पहुंच गया है। इस घटना को लेकर तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच एक अभूतपूर्व और तीखा वाकयुद्ध शुरू हो गया है। इसी क्रम में तृणमूल कांग्रेस की वरिष्ठ सांसद महुआ मोइत्रा ने इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए विपक्षी दल पर सीधे और तीखे हमले किए हैं। महुआ मोइत्रा ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से कुछ तस्वीरें साझा करते हुए दावा किया है कि यह हमला आम जनता का विरोध नहीं, बल्कि भारतीय जनता पार्टी द्वारा सुनियोजित तरीके से अंजाम दी गई एक राजनीतिक साजिश थी।
यह पूरा विवाद तब उत्पन्न हुआ जब अभिषेक बनर्जी सोनारपुर में चुनाव के बाद हुई हिंसा के शिकार हुए टीएमसी कार्यकर्ता संजू कर्मकार के पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे थे। मुलाकात के दौरान अचानक स्थानीय प्रदर्शनकारियों के रूप में आए एक उग्र गुट ने उन्हें घेर लिया और उन पर अंडे, पत्थर तथा डंडे बरसाने शुरू कर दिए। इस अप्रत्याशित हमले में न केवल सुरक्षा घेरा टूटा, बल्कि सांसद बनर्जी के साथ धक्का-मुक्की की गई और उनकी शर्ट भी फट गई, जिसके बाद उन्हें चिकित्सीय उपचार के लिए अस्पताल ले जाना पड़ा। इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए सांसद महुआ मोइत्रा ने डिजिटल प्लेटफॉर्म पर तीन विशिष्ट तस्वीरें पोस्ट कीं, जिनमें एक महिला को लाल घेरे से रेखांकित कर उसकी पहचान उजागर की गई है।
सांसद मोइत्रा द्वारा साझा की गई पहली तस्वीर में कथित तौर पर वही महिला भीड़ के बीच खड़ी होकर अभिषेक बनर्जी की तरफ कोई वस्तु फेंकती हुई कैमरे में कैद दिखाई दे रही है। तृणमूल कांग्रेस नेता ने दावा किया कि इस महिला का नाम सुष्मिता दत्ता है और वह भारतीय जनता पार्टी की एक सक्रिय कार्यकर्ता है। अपने दावों को पुख्ता करने के लिए मोइत्रा ने दो अन्य तस्वीरें भी सार्वजनिक कीं, जिनमें से एक में सुष्मिता दत्ता पश्चिम बंगाल भाजपा की वरिष्ठ नेता अग्निमित्रा पॉल के गले लगती नजर आ रही हैं, जबकि दूसरी तस्वीर में वह देश के गृह मंत्री अमित शाह के समक्ष अत्यंत निकटता से हाथ जोड़कर खड़ी दिखाई दे रही हैं। इन साक्ष्यों को प्रस्तुत करते हुए महुआ मोइत्रा ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला और इसे गंदी तथा हिंसक राजनीति की संज्ञा दी।
इस पूरे घटनाक्रम पर राज्य के मुख्यमंत्री और टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी गंभीर आपत्ति दर्ज कराई है। उन्होंने लिखा कि शासन चलाने का दावा करने वाले लोग अब हिंसक गतिविधियों को संरक्षण दे रहे हैं, जो कि लोकतांत्रिक मर्यादाओं के सर्वथा विपरीत है। टीएमसी के आधिकारिक बयानों में स्पष्ट किया गया कि जानलेवा हमले और विपरीत परिस्थितियों के बावजूद अभिषेक बनर्जी पीछे नहीं हटे और उन्होंने पीड़ित परिवारों की सहायता करने का अपना संकल्प दोहराया है। दूसरी तरफ, भारतीय जनता पार्टी की राज्य इकाई ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि यह हमला टीएमसी की आंतरिक कलह और स्थानीय जनता के स्वाभाविक आक्रोश का परिणाम है। इस घटना और उसके बाद शुरू हुए इस फोटो विवाद ने पश्चिम बंगाल में राजनीतिक सुचिता और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े कानूनी पहलुओं पर एक बड़ी बहस को जन्म दे दिया है।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
