महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव 2026: महायुति को 3 और MVA को मिलीं 2 सीटें
विधान परिषद की 5 सीटों के नतीजों में MVA ने महायुति का क्लीन स्वीप का सपना तोड़ा, शरद पवार गुट ने जीतीं 2 सीटें।

महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव नतीजों में महायुति को 3 और MVA को 2 सीटों पर जीत मिली।
मुंबई। महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव 2026 में सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन को बड़ा झटका लगा है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेतृत्व वाले गठबंधन को पांचों सीटों पर एकतरफा जीत की उम्मीद थी, लेकिन विपक्षी महाविकास आघाड़ी (MVA) ने दो सीटों पर जीत दर्ज कर इस रणनीति को झटका दिया। शरद पवार के गुट ने दो सीटें जीतकर मुकाबले को नया मोड़ दिया, जबकि महायुति को तीन सीटों से संतोष करना पड़ा। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के लिए ये चुनाव निराशाजनक रहे और उसे कोई सीट नहीं मिली।
महाराष्ट्र विधान परिषद की तीन स्नातक और दो शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की पांच सीटों के लिए मंगलवार को मतगणना शुरू हुई थी। बुधवार को परिणाम घोषित किए गए। इनमें नागपुर, पुणे और छत्रपति संभाजीनगर की स्नातक सीटों के साथ अमरावती और पुणे की शिक्षक सीटें शामिल थीं।
नागपुर स्नातक सीट पर बीजेपी के सुधाकर कोहले ने जीत दर्ज की। इस सीट पर कांग्रेस के अभिजीत वंजारी और निर्दलीय उम्मीदवार नितेश कराले भी मुकाबले में थे। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मुख्यालय के लिए चर्चा में रहने वाले नागपुर में निर्दलीय उम्मीदवार नितेश कराले ने प्रमुख दलों को कड़ी चुनौती दी और उन्हें अच्छे वोट मिले।
पुणे स्नातक सीट पर शरद पवार गुट की हर्षदा देशमुख ने जीत हासिल की। इस सीट पर बीजेपी की स्मिता जाधव और शिवसेना (UBT) के सुनील मोदी भी मैदान में थे। हर्षदा देशमुख की जीत ने शरद पवार गुट को महत्वपूर्ण सफलता दिलाई।
छत्रपति संभाजीनगर स्नातक सीट पर शरद पवार गुट के प्रतापसिंह पाटिल विजयी रहे। उनका मुकाबला अजित पवार गुट के सतीश चव्हाण और शिवसेना (UBT) के दिलीप घुगे से था। मराठवाड़ा में महाविकास आघाड़ी का प्रदर्शन बेहतर रहा। चुनाव के दौरान शिवसेना के शिंदे गुट के नेता अब्दुल सत्तार ने खुले तौर पर महाविकास आघाड़ी के उम्मीदवार के लिए प्रचार किया था। रिपोर्ट के अनुसार, इसका सतीश चव्हाण पर नकारात्मक असर पड़ा, जबकि प्रतापसिंह पाटिल को फायदा मिला।
अमरावती शिक्षक सीट पर एकनाथ शिंदे गुट के किरण सरनाइक ने जीत दर्ज की। कांग्रेस की अदिति पोहरे और निर्दलीय श्रीकांत देशपांडे भी इस सीट के प्रमुख उम्मीदवार थे। अमरावती में एकनाथ शिंदे की रणनीति सफल रही और कांग्रेस को झटका लगा।
पुणे शिक्षक सीट पर बीजेपी के कौस्तुभ गावड़े विजयी रहे। कांग्रेस के जयंत आसगावकर और निर्दलीय उम्मीदवार सचिन सानप भी चुनाव मैदान में थे। सचिन सानप को शिंदे गुट का समर्थन प्राप्त था।
महायुति को पांचों सीटों पर एकतरफा जीत की उम्मीद थी। बीजेपी के वरिष्ठ नेता चंद्रकांत दादा पाटिल ने भी इस संबंध में दावा किया था। हालांकि, अंतिम नतीजों में महायुति को तीन सीटें मिलीं, जबकि महाविकास आघाड़ी ने दो सीटों पर जीत हासिल की। इस तरह बीजेपी के नेतृत्व वाले गठबंधन का क्लीन स्वीप का लक्ष्य पूरा नहीं हुआ।
चुनाव परिणामों में मराठवाड़ा की सीटों पर शरद पवार गुट का प्रदर्शन खास रहा। प्रतापसिंह पाटिल की जीत ने सतीश चव्हाण को नुकसान पहुंचाया। वहीं, नागपुर में नितेश कराले की चुनौती ने मुकाबले को दिलचस्प बनाया। अमरावती में किरण सरनाइक की जीत से शिंदे गुट को सफलता मिली, जबकि पुणे की दोनों सीटों पर बीजेपी और शरद पवार गुट ने जीत दर्ज की।
पांच सीटों के इन नतीजों ने महाराष्ट्र की विधान परिषद की राजनीति में महायुति और महाविकास आघाड़ी के बीच मुकाबले की तस्वीर स्पष्ट कर दी। महायुति तीन सीटों पर विजयी रही, जबकि विपक्षी गठबंधन ने दो सीटों पर जीत दर्ज कर सत्तारूढ़ गठबंधन की एकतरफा जीत की उम्मीदों को समाप्त कर दिया।

Pratahkal Bureau
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