महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस वंदे भारत ट्रेन से शिर्डी पहुंचे और ₹3000 करोड़ के रक्षा एवं एयरोस्पेस कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में डीजल संकट, किसानों को निर्बाध ईंधन आपूर्ति, कालाबाजारी पर सख्ती और पश्चिम एशिया संकट के बीच बढ़ती पेट्रोल-डीजल खरीदारी पर बड़ा बयान दिया।

महाराष्ट्र में बढ़ती ईंधन चिंता और ग्रामीण इलाकों में डीजल की कमी के बीच शनिवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एक ऐसा संदेश दिया, जिसने राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर चर्चा तेज कर दी। मुंबई से शिर्डी तक 343 किलोमीटर की यात्रा उन्होंने वंदे भारत एक्सप्रेस से तय की और करीब पांच घंटे दस मिनट में शिर्डी पहुंचकर ₹3000 करोड़ के विशाल रक्षा एवं एयरोस्पेस निर्माण कॉम्प्लेक्स के उद्घाटन कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस परियोजना का नेतृत्व रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया।

मुख्यमंत्री की यह यात्रा ऐसे समय में हुई जब पश्चिम एशिया संकट के कारण देशभर में तेल कीमतों और आपूर्ति को लेकर आशंकाएं बढ़ रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 मई को नागरिकों से सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने की अपील की थी। फडणवीस ने उसी संदेश को आगे बढ़ाते हुए वंदे भारत ट्रेन से यात्रा की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा कीं। कई लोगों ने इसे जिम्मेदार नेतृत्व का उदाहरण बताया, जबकि कुछ वर्गों ने इसे राजनीतिक प्रतीकात्मकता करार दिया।



शिर्डी पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों में डीजल और पेट्रोल की कमी को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने सभी जिला कलेक्टरों और संभागीय आयुक्तों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसानों को कहीं भी डीजल की कमी नहीं होने दी जाए। उन्होंने माना कि फिलहाल ग्रामीण इलाकों में पेट्रोल और डीजल आसानी से उपलब्ध नहीं हो पा रहा है, लेकिन प्रशासन को निर्देशित किया गया है कि जहां जरूरत हो, वहां तत्काल डीजल पहुंचाया जाए ताकि किसानों की कृषि गतिविधियां प्रभावित न हों।

फडणवीस ने ईंधन की कालाबाजारी को लेकर भी कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि किसानों के नाम पर ईंधन की जमाखोरी और काला बाजारी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री के अनुसार राज्य के कुछ हिस्सों में पेट्रोल और डीजल की बिक्री में अचानक 20 से 30 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो घबराहट में की गई खरीदारी का परिणाम है।

दरअसल, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण ईंधन आपूर्ति बाधित होने की आशंकाओं ने महाराष्ट्र के कई जिलों में लोगों को बड़ी मात्रा में पेट्रोल और डीजल खरीदने के लिए प्रेरित किया। विदर्भ और पश्चिम महाराष्ट्र के ग्रामीण इलाकों में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखने को मिलीं, कई स्थानों पर डीजल की राशनिंग शुरू हो गई और प्री-मानसून खेती की तैयारियां भी प्रभावित हुईं। हालांकि राज्य सरकार लगातार यह दावा कर रही है कि महाराष्ट्र में ईंधन का पर्याप्त भंडार मौजूद है और लोगों को घबराकर खरीदारी नहीं करनी चाहिए।

इसी बीच शिर्डी में उद्घाटन किए गए ₹3000 करोड़ के रक्षा एवं एयरोस्पेस कॉम्प्लेक्स ने भी राष्ट्रीय स्तर पर ध्यान आकर्षित किया। NIBE Group द्वारा विकसित इस अत्याधुनिक सुविधा में आर्टिलरी शेल, गाइडेड मिसाइल, सुसाइड ड्रोन और रॉकेट लॉन्चर जैसे रक्षा उपकरणों का निर्माण किया जाएगा। सरकार का मानना है कि यह परियोजना भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता को नई मजबूती देगी और महाराष्ट्र में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी पैदा करेगी। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए फडणवीस ने कहा कि शिर्डी अब केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि शक्ति का प्रतीक भी बनकर उभर रहा है। उन्होंने कहा कि भारतीय आध्यात्मिकता में भक्ति और शक्ति दोनों का समन्वय है, क्योंकि केवल शक्तिशाली राष्ट्र ही शांति स्थापित कर सकता है।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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