अमित शाह के काले झंडे विवाद के बाद केरल में सियासी टकराव, कांग्रेस-BJP दफ्तरों पर हमले से बढ़ा तनाव|
तिरुवनंतपुरम में केंद्रीय मंत्री को काले झंडे दिखाए जाने के बाद बीजेपी और कांग्रेस के दफ्तरों पर हमले हुए, जिससे राज्य में राजनीतिक तनाव और हिंसक झड़पें बढ़ गई हैं।

केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में राजनीतिक तनाव के दौरान सुरक्षा बलों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं के बीच चल रही गहमागहमी को दर्शाती तस्वीर।
तिरुवनंतपुरम की राजधानी में न सिर्फ तापमान बढ़ा, बल्कि राजनीतिक तनाव भी काफी बढ़ गया है। केरल में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को काले झंडे दिखाए जाने के बाद कांग्रेस और बीजेपी आमने-सामने आ गई हैं। इस विवाद के बीच कांग्रेस के दफ्तर में हमला हुआ और फिर आधी रात को बीजेपी के दफ्तर में हमला किया गया। उपद्रवियों ने जमकर तोड़फोड़ की और मौके पर पहुंची पुलिस ने उपद्रवियों को खदेड़ा।
तिरुवनंतपुरम में बीजेपी के राज्य कार्यालय, 'मारारजी भवन' पर अज्ञात उपद्रवियों ने कथित तौर पर हमला किया, जिसके बाद कार्यालय परिसर के बाहर पुलिस तैनात कर दी गई है। बीजेपी के राष्ट्रीय सचिव के. सुरेंद्रन ने आरोप लगाया कि इस हमले के पीछे कांग्रेस कार्यकर्ता थे। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि इस जिले में बीजेपी के अपराधियों ने उसके पार्टी दफ्तरों पर हमला किया और कई स्थानीय नेताओं को धमकाया। वहीं, बीजेपी ने पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि उसके तिरुवनंतपुरम दक्षिण जिला अध्यक्ष मूक्कंपलामूडु बीजू पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बेरहमी से हमला किया।
बीजेपी के राज्य अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने बीजू पर हुए हमले को कांग्रेस की राजनीतिक गुंडागर्दी की ओर बढ़ने का खुला प्रदर्शन बताया। शाम होते-होते स्थिति और बिगड़ गई, जब युवा मोर्चा के कई कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री वी.डी. सतीसन के काफिले को काले झंडे दिखाए। इसमें तिरुवनंतपुरम उत्तर जिला अध्यक्ष सूर्यकृष्णन भी शामिल थे, जो तेज रफ्तार से गुजरती गाड़ियों की चपेट में आने से बाल-बाल बचे।
शाम को ही नेय्यात्तिनकारा में बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति के सदस्य पी.के. कृष्णदास की गाड़ी पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा कथित तौर पर हमला और तोड़फोड़ की गई, जो वहां एक विरोध प्रदर्शन का उद्घाटन करने गए थे। इसके बाद, बीजेपी ने कृष्णदास की गाड़ी पर हुए हमले के विरोध में गुरुवार को राज्यव्यापी आंदोलन की घोषणा की। नेमोम से बीजेपी विधायक ने कहा कि अगर कांग्रेस को लगता है कि वह भगवा पार्टी के खिलाफ गुंडों का इस्तेमाल कर सकती है, तो हर कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आएगा। उन्होंने मांग की कि पुलिस को बीजू पर हमला करने वालों के खिलाफ तुरंत और सख्त कार्रवाई करनी चाहिए, अन्यथा इसके गंभीर और बिना किसी समझौते वाले लोकतांत्रिक नतीजे होंगे।
इस बीच देर रात, कांग्रेस के अनावर मंडल समिति कार्यालय में आग लगा दी गई और फिर तड़के पार्टी के तिरुवनंतपुरम जिला समिति कार्यालय पर पत्थर फेंके गए। अनावर मंडल समिति कार्यालय में आग लगाने के आरोपी एक व्यक्ति को बाद में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया, जबकि पत्थरबाजी करने वाले अभी पकड़े नहीं गए हैं। मुख्यमंत्री वी.डी. सतीसन ने इन हमलों की निंदा करते हुए इन्हें घिनौना बताया और कहा कि इस तरह के तरीके केरल की राजनीतिक संस्कृति के अनुरूप नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि वह तिरुवनंतपुरम डीसीसी ऑफिस और आनवूर कांग्रेस ऑफिस पर हुए हमलों की कड़ी निंदा करते हैं, क्योंकि इन ऑफिसों पर बहुत ही घिनौना हमला किया गया है। उन्होंने कहा कि असहमति को दबाना फासीवादी रवैया है और लोकतांत्रिक केरल हिंसा की राजनीति का कड़ा विरोध करेगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि दोषियों की तुरंत पहचान की जाएगी और उन्हें सजा दिलाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने पत्थरबाजी से हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए डीसीसी दफ्तर का भी दौरा किया, और केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रमुख सनी जोसेफ ने भी डीसीसी दफ्तर का दौरा कर बताया कि पार्टी के दफ्तरों पर हमले मुख्यमंत्री और दूसरे मंत्रियों के खिलाफ युवा मोर्चा के काले झंडे दिखाने वाले विरोध प्रदर्शनों का ही एक हिस्सा थे।
राज्य के बिजली मंत्री जोसेफ ने कहा कि एक दिन पहले जब युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने राज्य के खेल मंत्री ओ.जे. जनीश की गाड़ी रोकी और उन्हें काले झंडे दिखाए, तो उनकी कांग्रेस कार्यकर्ताओं से बहस हो गई थी। उन्होंने दावा किया कि इसके बाद बीजेपी के गुंडों ने जिला कमेटी के सेक्रेटरी को उनके घर पर धमकाया और नेय्यात्तिनकारा इलाके में दूसरी जगहों पर स्थानीय कांग्रेस नेताओं को भी धमकाया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ये हमले राज्य में बीजेपी नेतृत्व की जानकारी, समर्थन और बढ़ावा देने से हुए, और राज्य में बीजेपी की हिंसा की राजनीति को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा क्योंकि कांग्रेस कार्यकर्ता और जनता इसका जोरदार विरोध करेंगे।
राज्य की राजधानी में कांग्रेस ने एक विरोध मार्च भी निकाला जिसके दौरान पार्टी के कुछ कार्यकर्ताओं ने बीजेपी से जुड़ी एक संस्था के झंडे के खंभे और नोटिस बोर्ड को नुकसान पहुंचाया। जोसेफ ने यह भी दावा किया कि कांग्रेस पर ये हमले विपक्षी पार्टियों द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ देशव्यापी विरोध प्रदर्शन से ध्यान भटकाने के लिए किए जा रहे हैं और यह पूरी तरह से गुंडागर्दी की राजनीति है।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
