सिद्धारमैया के बेटे को मिलेगी बड़ी जिम्मेदारी? डीके शिवकुमार की नई कैबिनेट में चौंकाने वाले नामों की चर्चा
डीके शिवकुमार मंत्रिमंडल में प्रियंका खड़गे समेत चार डिप्टी सीएम और सिद्धारमैया के बेटे यतींद्र को मंत्री पद मिलने की अटकलें तेज।

बेंगलुरु के राजभवन में राज्यपाल थावरचंद गहलोत को कर्नाटक में नई सरकार गठन का दावा पत्र सौंपने पहुंचे कांग्रेस विधायक दल के नेता डी के शिवकुमार और अन्य वरिष्ठ नेता।
कर्नाटक के राजनीतिक गलियारों में बड़े नेतृत्व परिवर्तन के आधिकारिक ऐलान के बाद अब नई सरकार के गठन और मंत्रिमंडल के स्वरूप को लेकर प्रशासनिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। कांग्रेस आलाकमान द्वारा प्रदेश अध्यक्ष डी के शिवकुमार को सर्वसम्मति से कांग्रेस विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद राज्य में सत्ता के नए समीकरण आकार लेने लगे हैं। नए मंत्रिमंडल में क्षेत्रीय और जातीय संतुलन साधने के लिए पार्टी नेतृत्व एक अभूतपूर्व फॉर्मूले पर विचार कर रहा है, जिसके तहत सरकार में चार नए उपमुख्यमंत्रियों को शामिल किया जा सकता है। इसके साथ ही निर्वर्तमान मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के बेटे डॉ. यतींद्र सिद्धारमैया को भी मंत्रिमंडल के पहले चरण में मंत्री पद की शपथ दिलाए जाने की प्रबल संभावनाएं जताई जा रही हैं।
बेंगलुरु में आयोजित कांग्रेस विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक में इस बड़े बदलाव की औपचारिक रूपरेखा तैयार की गई। निवर्तमान मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने स्वयं डी के शिवकुमार के नाम का प्रस्ताव रखा, जिसका वरिष्ठ नेता जी परमेश्वर ने पुरजोर समर्थन किया। इसके बाद उपस्थित सभी विधायकों ने सर्वसम्मति से शिवकुमार के नाम पर अपनी मुहर लगा दी। विधायक दल का नेता चुने जाने के तत्काल बाद डी के शिवकुमार और सिद्धारमैया ने पार्टी के वरिष्ठ केंद्रीय प्रतिनिधियों के साथ राजभवन जाकर राज्यपाल थावरचंद गहलोत से शिष्टाचार मुलाकात की और राज्य में नई सरकार बनाने का आधिकारिक दावा पेश किया।
पार्टी सूत्रों से छनकर आ रही जानकारियों के मुताबिक, आगामी मंत्रिमंडल विस्तार के पहले चरण में लगभग आधा दर्जन मंत्रियों के साथ चार उपमुख्यमंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई जा सकती है। उपमुख्यमंत्री पद की दौड़ में प्रियंका खड़गे, एमबी पाटिल, सतीश जारकीहोली और बीजेड जमीर अहमद खान के नामों पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। सत्ता के इस विकेंद्रीकरण के पीछे कांग्रेस आलाकमान की मंशा राज्य के विभिन्न सामाजिक और क्षेत्रीय धड़ों के बीच संतुलन और एकजुटता बनाए रखने की है। वहीं दूसरी ओर, वरिष्ठ नेता जी परमेश्वर को विधानसभा अध्यक्ष की कमान सौंपी जा सकती है ताकि सदन के सुचारू संचालन में उनके प्रशासनिक अनुभव का लाभ मिल सके।
इस बड़े कैबिनेट फॉर्मूले और मंत्रियों की अंतिम सूची को अंतिम रूप देने के लिए नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री डी के शिवकुमार राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली का दौरा करने वाले हैं। दिल्ली में वह कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी और संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल सहित पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के साथ एक बंद कमरे में उच्च स्तरीय बैठक करेंगे। इस बैठक के दौरान ही पहले चरण में शामिल होने वाले मंत्रियों के नामों पर केंद्रीय मुहर लगेगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सिद्धारमैया के बाद शिवकुमार के लिए सरकार में सभी गुटों को साथ लेकर चलना एक बड़ी प्रशासनिक परीक्षा होगी, जिसका पहला संकेत सोमवार शाम तक आने वाली मंत्रियों की अंतिम सूची से स्पष्ट हो जाएगा।

Lalita Rajput
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