मुख्यमंत्री विजय के पास ६ बड़ी मांगें लेकर पहुंचे कमल हासन, क्या बदल जाएगी तमिल फिल्म इंडस्ट्री की किस्मत?
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री थलपति विजय से मिलकर अभिनेता कमल हासन ने सरकारी ओटीटी प्लेटफॉर्म शुरू करने और मनोरंजन कर हटाने का अनुरोध किया।

चेन्नई में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री थलपति विजय से औपचारिक मुलाकात के दौरान खड़े होकर चर्चा करते अभिनेता कमल हासन।
तमिलनाडु की सियासत और मनोरंजन जगत के दो सबसे बड़े दिग्गजों के बीच हुई एक उच्च स्तरीय मुलाकात ने राज्य के भविष्य की नीतिगत दिशा को लेकर नए संकेत दिए हैं। दक्षिण भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता और राजनेता कमल हासन ने तमिलनाडु के नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री थलपति विजय से सचिवालय में एक औपचारिक मुलाकात की। थलपति विजय के मुख्यमंत्री का कार्यभार संभालने के बाद दोनों शीर्ष नेताओं के बीच यह पहली आधिकारिक और व्यक्तिगत बैठक थी। इस मुलाकात ने न केवल राज्य के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है बल्कि तमिल फिल्म उद्योग के भविष्य को लेकर भी कई बड़े रास्ते खोल दिए हैं। कमल हासन ने इस मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री के सामने तमिल सिनेमा और कला जगत के पुनरुद्धार तथा आर्थिक संबल के लिए छह अत्यंत महत्वपूर्ण और रणनीतिक मांगें रखीं। इन प्रस्तावों को यदि राज्य सरकार द्वारा कानूनी और प्रशासनिक मंजूरी मिलती है, तो यह दक्षिण भारतीय फिल्म उद्योग की दिशा और दशा को पूरी तरह बदलने की क्षमता रखता है।
इस ऐतिहासिक बैठक के बाद कमल हासन ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर मुख्यमंत्री थलपति विजय के साथ हुई मुलाकात की तस्वीरें साझा कीं और एक आधिकारिक बयान जारी किया। उन्होंने मुख्यमंत्री की विनम्रता और राज्य के विकास के प्रति उनके दृष्टिकोण की खुले दिल से सराहना की। कमल हासन का मानना है कि तमिल फिल्म उद्योग वर्तमान में कई तरह के आर्थिक और तकनीकी संकटों से जूझ रहा है, जिसके समाधान के लिए सरकारी हस्तक्षेप की तत्काल आवश्यकता है। उनके द्वारा प्रस्तुत छह सूत्रीय मांग पत्र में सबसे पहला और क्रांतिकारी प्रस्ताव तमिलनाडु सरकार द्वारा स्वयं का एक समर्पित ओटीटी (OTT) प्लेटफॉर्म शुरू करने का है। इस सरकारी डिजिटल प्लेटफॉर्म का उद्देश्य तमिल दर्शकों को राज्य की क्षेत्रीय फिल्में, स्वतंत्र सिनेमा और महत्वपूर्ण वृत्तचित्र (डॉक्यूमेंट्री) बेहद किफायती और रियायती दरों पर उपलब्ध कराना है ताकि छोटे फिल्म निर्माताओं को भी न्यायसंगत बाजार मिल सके।
सिनेमा उद्योग की लंबे समय से चली आ रही कर संबंधी चिंताओं को दूर करते हुए कमल हासन ने स्थानीय निकायों द्वारा वसूले जाने वाले ४ प्रतिशत मनोरंजन कर को पूरी तरह से समाप्त करने का आग्रह किया है। इसके अतिरिक्त, फिल्म प्रदर्शन क्षेत्र को पुनर्जीवित करने और सिनेमाघरों की आय में वृद्धि करने के उद्देश्य से उन्होंने पूरे तमिलनाडु में सभी फिल्मों के लिए प्रतिदिन पांच शो प्रदर्शित करने की कानूनी अनुमति मांगी है। डिजिटल युग की सबसे बड़ी चुनौती यानी पायरेसी पर कड़ा प्रहार करने के लिए कमल हासन ने तमिलनाडु पुलिस के साइबर अपराध विभाग के अंतर्गत एक विशेष और साधन-संपन्न 'एंटी-पायरेसी प्रवर्तन टीम' के गठन की मांग रखी है। सिनेमाघरों के व्यावसायिक हितों की रक्षा के लिए उन्होंने किसी भी तमिल फिल्म के थियेट्रिकल रिलीज और उसके डिजिटल प्रसारण के बीच अनिवार्य रूप से आठ सप्ताह की समय-सीमा (ओटीटी विंडो) निर्धारित करने का कानूनी नियम बनाने की वकालत की है। इसके साथ ही, राज्य में रोजगार और स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए उन्होंने उन भारतीय फिल्मों के लिए कुल बजट के १० प्रतिशत तक की वित्तीय प्रोत्साहन योजना शुरू करने का प्रस्ताव दिया है जिनकी ५० प्रतिशत से अधिक की शूटिंग तमिलनाडु के भीतर पूरी की जाएगी।
इस विधिक और नीतिगत चर्चा के बीच कमल हासन ने मुख्यमंत्री थलपति विजय द्वारा पद संभालते ही लिए गए पहले सबसे बड़े सामाजिक और नीतिगत निर्णय का पुरजोर समर्थन किया है। विजय सरकार ने एक बड़े प्रशासनिक कदम के तहत राज्य भर के मंदिरों, स्कूलों, कॉलेजों और प्रमुख बस स्टैंडों के समीप संचालित होने वाली ७१७ सरकारी शराब की दुकानों को तत्काल प्रभाव से बंद करने का कड़ा आदेश जारी किया था। कमल हासन ने इसे तमिल परिवारों के कल्याण की दिशा में एक ऐतिहासिक और सराहनीय शुरुआत बताते हुए उम्मीद जताई कि सरकार आने वाले दिनों में इस सामाजिक सुधार अभियान का दायरा और अधिक विस्तृत करेगी।
दोनों नेताओं की यह मुलाकात केवल तमिल सिनेमा के व्यापारिक हितों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राज्य के सांस्कृतिक और सामाजिक ताने-बाने को एक नई ऊंचाई देने की सामूहिक कोशिश का हिस्सा है। मुख्यमंत्री थलपति विजय ने इन सभी मांगों को बेहद गंभीरता से सुनने और उन पर संबंधित विभागों के साथ विधिक समीक्षा करने का आश्वासन दिया है। इस मुलाकात के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि तमिलनाडु सरकार जल्द ही फिल्म उद्योग के लिए एक व्यापक और कल्याणकारी नीति का एलान कर सकती है जो भारतीय मनोरंजन उद्योग में एक नया मानदंड स्थापित करेगी।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
