मद्रास इंस्टीट्यूट ऑफ डेवलपमेंट स्टडीज (MIDS) के सहायक प्रोफेसर और जाने-माने अर्थशास्त्री ए. कलैयारासन को हाल ही में तमिलनाडु पुलिस ने तड़के उनके घर से हिरासत में ले लिया। यह कार्रवाई इंस्टाग्राम पर TVK के पल्लावरम विधायक जे. कामाची के खिलाफ की गई कथित अपमानजनक टिप्पणी के सिलसिले में की गई थी। हालांकि, बाद में जब पुलिस की जांच में यह साफ हो गया कि प्रोफेसर की तस्वीर का इस्तेमाल करके किसी ने फर्जी अकाउंट बनाया था, तो उन्हें रिहा कर दिया गया।

तड़के घर पहुंची पुलिस और बिना बताए ले गई साथ

घटना की शुरुआत गुरुवार सुबह करीब 5 बजे हुई, जब सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी प्रोफेसर कलैयारासन के चेन्नई स्थित आवास पर पहुंचे। प्रोफेसर का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उन्हें कोई लिखित शिकायत या एफआईआर की कॉपी नहीं दिखाई और सीधे उनका मोबाइल फोन छीन लिया।

उन्हें उनके परिवार को बिना कोई जानकारी दिए एक किराये की कार (टैक्सी) में बैठाकर ले जाया गया और दो घंटे से अधिक समय तक हिरासत में रखकर पूछताछ की गई।

प्रोफेसर का पक्ष: 'मेरा तो इंस्टाग्राम पर अकाउंट ही नहीं है'

प्रोफेसर कलैयारासन ने पुलिस महानिदेशक (DGP) को दी अपनी शिकायत में बताया कि पुलिस उन्हें पम्मल स्थित T4 शंकर नगर थाने ले जाने की बात कह रही थी। पुलिस का कहना था कि उन्होंने फर्जी अकाउंट से विधायक के खिलाफ टिप्पणी की है।

प्रोफेसर ने स्पष्ट किया कि न तो वे उस विधायक को जानते हैं और न ही कभी उनके बारे में सुना था। उन्होंने पुलिस को यह भी बताया कि उनका इंस्टाग्राम पर कोई अकाउंट ही नहीं है, लेकिन पुलिस ने उनकी एक न सुनी और जबरन अपने साथ ले गई। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है।

मुख्यमंत्री थलपति विजय की मुलाकात और कानून मंत्री की माफी

गलत पहचान का मामला सामने आने के बाद सरकार को भारी फजीहत का सामना करना पड़ा। इस विवाद को शांत करने और डैमेज कंट्रोल के तहत मुख्यमंत्री थलपति विजय ने खुद प्रोफेसर कलैयारासन को मुलाकात के लिए बुलाया और उनसे बात की। वहीं, तमिलनाडु के कानून मंत्री ने भी प्रोफेसर से इस पूरी घटना के लिए औपचारिक रूप से माफी मांगी है।

एम. के. स्टालिन का सरकार पर तीखा हमला

इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। डीएमके (DMK) के अध्यक्ष एम. के. स्टालिन ने इस कार्रवाई की सख्त निंदा करते हुए इसे 'फासीवाद की पराकाष्ठा' करार दिया। स्टालिन ने कहा कि प्रोफेसर कलैयारासन 'द्रविड़ मॉडल' पुस्तक के सह-लेखक हैं और उन्हें मौजूदा सरकार के कार्यकाल में बढ़ी कीमतों को उजागर करने की वजह से निशाना बनाया गया है। उन्होंने अर्थशास्त्री के उत्पीड़न के लिए पुलिस और मुख्यमंत्री विजय से बिना शर्त माफी की मांग की।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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