असम में 14 संदिग्धों को एंट्री से रोका गया ; हिमंत बिस्वा ने दिया ‘जीरो टॉलरेंस’ सख्त संदेश
असम-बांग्लादेश सीमा पर बड़ी घुसपैठ की कोशिश को BSF और असम पुलिस ने विफल कर दिया। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बताया कि 14 लोगों को भारत में अवैध प्रवेश से रोका गया। राज्य सरकार ने अवैध घुसपैठ के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति दोहराते हुए सीमा सुरक्षा को और मजबूत करने के संकेत दिए हैं।

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा
भारत-बांग्लादेश सीमा पर एक बार फिर अवैध घुसपैठ की कोशिश ने सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने जानकारी दी कि सीमा पर तैनात सीमा सुरक्षा बल (BSF) और असम पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए 14 लोगों को भारत में अवैध रूप से प्रवेश करने से रोक दिया। इस घटना ने एक बार फिर पूर्वोत्तर सीमा की संवेदनशीलता और सुरक्षा चुनौतियों को राष्ट्रीय चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
मुख्यमंत्री ने अपने आधिकारिक एक्स (पूर्व ट्विटर) अकाउंट पर इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए कहा कि सीमा पर तैनात सुरक्षाबल पूरी तरह सतर्क हैं और लगातार घुसपैठ की कोशिशों को विफल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि BSF और असम पुलिस के जवानों ने समय रहते संदिग्ध समूह की पहचान कर उन्हें भारत में प्रवेश करने से पहले ही रोक दिया। मुख्यमंत्री ने सुरक्षाबलों की तत्परता और सतर्कता की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार अवैध घुसपैठ के खिलाफ अपनी लड़ाई लगातार जारी रखेगी।
Our forces are highly alert on the border and thwarting off infiltration attempts.
— Himanta Biswa Sarma (@himantabiswa) May 15, 2026
A group of 14 illegals were identified and prevented from entering into India by brave jawans of @assampolice and @BSF_India.
Our vigil and fight continues.#AssamAgainstInfiltrators pic.twitter.com/h79RIUuTqZ
हालांकि, अधिकारियों की ओर से यह स्पष्ट नहीं किया गया कि यह घटना असम के किस सीमा जिले में हुई, लेकिन राज्य की बांग्लादेश से लगी लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती बनी हुई है। असम की लगभग 263 किलोमीटर लंबी सीमा बांग्लादेश से जुड़ी हुई है, जो धुबरी, दक्षिण सालमारा-मांकाचर, श्रीभूमि और कछार जैसे जिलों से होकर गुजरती है। इन इलाकों को अवैध घुसपैठ और सीमा पार गतिविधियों के लिहाज से बेहद संवेदनशील माना जाता है।
यह कार्रवाई ऐसे समय में सामने आई है जब असम सरकार राज्य में अवैध प्रवास और जनसांख्यिकीय बदलावों को लेकर लगातार सख्त रुख अपनाए हुए है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पहले भी कई बार “जीरो टॉलरेंस” नीति की बात दोहरा चुके हैं। हाल के दिनों में भी BSF और असम पुलिस द्वारा कथित घुसपैठियों के खिलाफ कई संयुक्त अभियान चलाए गए हैं। इससे पहले भी सुरक्षा एजेंसियों ने 12 संदिग्ध घुसपैठियों को सीमा पार करने से रोकने का दावा किया था।
सीमा पर बढ़ती निगरानी और लगातार हो रही कार्रवाई यह संकेत देती है कि पूर्वोत्तर भारत की सुरक्षा को लेकर केंद्र और राज्य सरकारें किसी भी तरह की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं हैं। BSF और असम पुलिस की यह संयुक्त कार्रवाई न केवल सीमा सुरक्षा व्यवस्था की सक्रियता को दर्शाती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि अवैध घुसपैठ के खिलाफ अभियान आने वाले समय में और तेज हो सकता है।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
