शपथ ग्रहण या कूटनीतिक शक्ति प्रदर्शन? मोदी-शाह की मौजूदगी और अमेरिकी राजदूत का स्वागत, हिमंत के शपथ ग्रहण की भव्यता।
असम के मुख्यमंत्री के तौर पर हिमंत बिस्व सरमा की दूसरी पारी, गुवाहाटी एयरपोर्ट पर अमेरिकी राजदूत का भव्य स्वागत।

गुवाहाटी हवाई अड्डे पर पहुंचने के बाद अधिकारियों के साथ चलते हुए भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर।
पूर्वोत्तर भारत की राजनीतिक धुरी माने जाने वाले राज्य असम में आज एक नए अध्याय की शुरुआत हो रही है। भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता हिमंत बिस्व सरमा लगातार दूसरी बार असम के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने जा रहे हैं। गुवाहाटी का खानापारा क्षेत्र स्थित पशु चिकित्सा महाविद्यालय मैदान इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनने के लिए पूरी तरह तैयार है। इस समारोह की महत्ता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें न केवल भारतीय राजनीति के दिग्गज शामिल हो रहे हैं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के बढ़ते कद को दर्शाते हुए अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर भी विशेष रूप से आमंत्रित किए गए हैं।
मंगलवार की सुबह गुवाहाटी के गोपीनाथ बोरदोलोई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कूटनीतिक हलचल तब बढ़ गई, जब भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर वहां पहुंचे। असम सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने एयरपोर्ट पर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया और उन्हें पारंपरिक असमिया 'गमोसा' भेंट कर सम्मानित किया। सर्जियो गोर की उपस्थिति इस बात का संकेत है कि असम का विकास और पूर्वोत्तर भारत की स्थिरता अब वैश्विक चर्चा का विषय बन चुकी है। अमेरिकी राजदूत का इस घरेलू शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होना पूर्वोत्तर के प्रति अंतरराष्ट्रीय समुदाय के बदलते दृष्टिकोण और राज्य सरकार के साथ सुदृढ़ होते द्विपक्षीय संबंधों को रेखांकित करता है।
शपथ ग्रहण समारोह की सुरक्षा और भव्यता को लेकर प्रशासन ने कड़े इंतजाम किए हैं। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जैसे शीर्ष नेतृत्व की शिरकत ने इसे एक राष्ट्रीय आयोजन का रूप दे दिया है। मुख्यमंत्री के रूप में हिमंत बिस्व सरमा की दूसरी पारी को लेकर समर्थकों में भारी उत्साह है। उनके पिछले कार्यकाल में राज्य में हुए बुनियादी ढांचे के विकास और शांति समझौतों ने उन्हें एक निर्णायक नेता के रूप में स्थापित किया है। यही कारण है कि आज का यह शपथ ग्रहण केवल एक संवैधानिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि असम की प्रगति के प्रति अटूट विश्वास का प्रदर्शन बन गया है।
राजनीतिक पंडितों के अनुसार, हिमंत बिस्व सरमा का निर्विरोध नेतृत्व और उनके शपथ ग्रहण में केंद्र सरकार के पूरे अमले का मौजूद होना यह दर्शाता है कि पूर्वोत्तर अब दिल्ली की राजनीति के केंद्र में है। कूटनीतिक स्तर पर सर्जियो गोर की भागीदारी राज्य में संभावित विदेशी निवेश और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के नए रास्ते खोल सकती है। जैसे ही राज्यपाल जगदीश मुखी निर्वाचित मुख्यमंत्री और उनके कैबिनेट मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे, असम एक ऐसे युग में प्रवेश करेगा जहां विकास की गति को और तेज करने की चुनौती सरकार के सामने होगी। समारोह का समापन राज्य के सांस्कृतिक गौरव और उज्ज्वल भविष्य की कामना के साथ एक संकल्प के रूप में होगा।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
