सरकारी जमीन पर बनी अवैध मजार पर चला बुलडोजर ; हरिद्वार में प्रशासन का सख्त संदेश
हरिद्वार के सुमन नगर में प्रशासन ने सिंचाई विभाग की सरकारी जमीन पर बने रोशन अली शाह बाबा की कथित अवैध मजार को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। SDM जितेंद्र सिंह की निगरानी में भारी पुलिस बल के बीच यह कार्रवाई अतिक्रमण के खिलाफ जीरो-टॉलरेंस नीति के तहत की गई।

हरिद्वार के सुमन नगर में सरकारी भूमि पर बनी अवैध मजार ध्वस्त
उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के सुमन नगर क्षेत्र में बुधवार सुबह उस समय हलचल मच गई, जब जिला प्रशासन ने सरकारी भूमि पर बने एक कथित अवैध मजार को ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई राज्य सरकार की अतिक्रमण के खिलाफ जीरो-टॉलरेंस नीति के तहत की गई, जिसमें प्रशासन ने बुलडोजर की मदद से पूरी संरचना को हटाया। मौके पर भारी पुलिस बल की तैनाती रही और पूरे अभियान की निगरानी स्वयं उपजिलाधिकारी (SDM) जितेंद्र सिंह ने की।
प्रशासन के अनुसार, यह मजार सिंचाई विभाग की भूमि पर अवैध रूप से बनाई गई थी। स्थानीय स्तर पर इसे रोशन अली शाह बाबा की मजार के नाम से जाना जाता था, जिसका आकार लगभग 10 बाई 15 मीटर बताया गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस निर्माण के लिए कोई वैध अनुमति या दस्तावेज उपलब्ध नहीं थे। करीब एक महीने पहले प्रशासन ने मजार के खादिमों (देखरेख करने वालों) को नोटिस जारी कर उनसे स्वामित्व या निर्माण से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा था। निर्धारित समयसीमा के भीतर कोई वैध कागजात पेश नहीं किए गए, जिसके बाद प्रशासन ने नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को अंजाम दिया।
🚨 BULLDOZER ACTION in Uttarakhand
— Megh Updates 🚨™ (@MeghUpdates) April 22, 2026
Haridwar district administration carries out an ANTI-ENCROACHMENT drive on alleged ILLEGAL religious structures built on government land in Suman Nagar. pic.twitter.com/I4yXGbpIrZ
यह कदम मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के उस निर्देश के अनुरूप है, जिसमें उन्होंने सरकारी भूमि पर अतिक्रमण को सख्ती से हटाने और देवभूमि उत्तराखंड, विशेषकर हरिद्वार जैसे सनातन आस्था के केंद्रों की सांस्कृतिक एवं धार्मिक पहचान को बनाए रखने पर जोर दिया है। मुख्यमंत्री ने पहले भी कहा है कि हरिद्वार जैसे क्षेत्रों की मूल संरचना और सांस्कृतिक स्वरूप को सुरक्षित रखना सरकार की प्राथमिकता है।
हरिद्वार प्रशासन बीते कुछ समय से लगातार अतिक्रमण हटाने के अभियान चला रहा है। इन अभियानों में न केवल अवैध धार्मिक ढांचे, बल्कि अन्य प्रकार के गैरकानूनी निर्माण भी शामिल हैं। प्रशासन की कार्यप्रणाली के तहत पहले अतिक्रमण की पहचान की जाती है, फिर संबंधित पक्ष को नोटिस दिया जाता है और निर्धारित समय में जवाब न मिलने या अनुपालन न होने पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाती है।
सुमन नगर में की गई यह कार्रवाई न केवल प्रशासन की सख्ती को दर्शाती है, बल्कि यह भी संकेत देती है कि सरकारी जमीन पर किसी भी प्रकार के अवैध कब्जे को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस घटनाक्रम ने स्थानीय स्तर पर एक स्पष्ट संदेश दिया है कि कानून के दायरे से बाहर किए गए निर्माणों के खिलाफ प्रशासन निर्णायक कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
